Sunetra Pawar News: महाराष्ट्र की राजनीति में नया अध्याय, सुनेत्रा पवार की बढ़ी जिम्मेदारी, पहले संभाल रहे थे अजित पवार
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, February 3, 2026
Updated On: Tuesday, February 3, 2026
Sunetra Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. डिप्टी मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिले का पालक मंत्री नियुक्त किया गया है. महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनीं सुनेत्रा पवार को आबकारी, खेल, अल्पसंख्यक और वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी पहले ही दी जा चुकी है. अजित पवार के निधन के बाद उन्हें यह अहम भूमिका सौंपी गई है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Tuesday, February 3, 2026
Sunetra Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा और अहम बदलाव देखने को मिला है. राज्य सरकार ने डिप्टी मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें पुणे और बीड जिले का पालक मंत्री नियुक्त किया है. इस फैसले को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इससे पहले इन दोनों जिलों की जिम्मेदारी दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार संभाल रहे थे. सरकार के इस कदम को प्रशासनिक स्थिरता और नेतृत्व की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है.
पुणे और बीड की कमान अब सुनेत्रा पवार के हाथ
पालक मंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार अब पुणे और बीड जैसे अहम जिलों की निगरानी करेंगी. पुणे महाराष्ट्र का शैक्षणिक, औद्योगिक और आईटी हब माना जाता है, जबकि बीड सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील जिला रहा है. इन दोनों जिलों की जिम्मेदारी मिलना सुनेत्रा पवार के बढ़ते राजनीतिक कद को दर्शाता है. अब उन्हें इन क्षेत्रों में विकास कार्यों, प्रशासनिक फैसलों और जनसमस्याओं पर सीधी नजर रखनी होगी.
पहली महिला डिप्टी सीएम बनने का ऐतिहासिक क्षण
31 जनवरी 2026 को सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया. मुंबई के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे. समारोह का माहौल भावुक रहा, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत अजित पवार को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी.
अजित पवार के निधन के बाद खाली हुआ था पद
उपमुख्यमंत्री का यह पद 28 जनवरी 2026 को अजित पवार के दुखद विमान हादसे में निधन के बाद खाली हुआ था. अजित पवार न सिर्फ एनसीपी (अजित पवार गुट) के मजबूत स्तंभ थे, बल्कि महायुति सरकार में अहम भूमिका निभा रहे थे. उनके अचानक चले जाने से राज्य की राजनीति में शून्य पैदा हो गया था, जिसे भरने के लिए पार्टी ने सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को अपना नेता चुना.
विभाग मिले, लेकिन वित्त मंत्रालय नहीं
डिप्टी सीएम बनने के साथ सुनेत्रा पवार को आबकारी, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग और वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है. हालांकि, उन्हें वित्त मंत्रालय नहीं सौंपा गया, जिसे पहले अजित पवार संभालते थे. इसके बावजूद, अब दो जिलों की पालक मंत्री की जिम्मेदारी जुड़ने से उनका कार्यभार और प्रभाव दोनों बढ़ गए हैं.
एनसीपी के भीतर स्थिरता और भविष्य की रणनीति
एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेताओं का मानना है कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व से पार्टी को नई दिशा मिलेगी. उपमुख्यमंत्री बनने से पहले वह राज्यसभा सांसद थीं और शपथ से पहले उन्होंने इस्तीफा दिया. चर्चाएं हैं कि उनकी जगह पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी चल रही है. वहीं, शरद पवार ने भी दोनों एनसीपी गुटों के संभावित विलय को लेकर बयान दिया है, जिसे अजित पवार की इच्छा बताया गया.
प्रधानमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वह महाराष्ट्र की जनता के लिए समर्पित भाव से काम करेंगी. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इसे अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया है. कुल मिलाकर, सुनेत्रा पवार का बढ़ता कद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के संकेत दे रहा है.
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