तनाव दूर करने का आसान तरीका भ्रामरी प्राणायाम, आयुष मंत्रालय ने बताए इसके लाभ
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Monday, September 1, 2025
Updated On: Monday, September 1, 2025
भ्रामरी प्राणायाम एक सरल और प्रभावी योग तकनीक है, जो तनाव, अनिद्रा, गुस्सा और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में राहत देती है. आयुष मंत्रालय ने अपने पोस्ट में इसके लाभ साझा किए हैं और लोगों को इसे दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी है.
Authored By: Ranjan Gupta
Updated On: Monday, September 1, 2025
आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक दबाव से बचना आसान नहीं है (Bhramari Pranayama Benefits). लेकिन योग और प्राणायाम ऐसे प्राकृतिक उपाय हैं, जो बिना दवाइयों के शरीर और मन को शांति प्रदान करते हैं. इन्हीं में से एक है भ्रामरी प्राणायाम, जिसे कहीं भी, किसी भी समय किया जा सकता है.
हाल ही में आयुष मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसके अभ्यास को समझाते हुए बताया कि यह प्राणायाम न सिर्फ मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि ध्यान, एकाग्रता, नींद की गुणवत्ता और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में बेहद कारगर है.
बेहद सरल और प्रभावी तकनीक है भ्रामरी
आयुष मंत्रालय का कहना है कि भ्रामरी प्राणायाम एक बेहद सरल और प्रभावी श्वास तकनीक है, जो तनाव को दूर करने में मदद करती है. यह प्राणायाम दिमाग को शांति देने के साथ-साथ ध्यान, एकाग्रता, नींद और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होता है.
कैसे करें भ्रामरी प्राणायाम ?
भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले आंखें बंद करें और गहरी सांस लें. इसके बाद सांस छोड़ते समय गले से मधुमक्खी जैसी गूंजने वाली ध्वनि निकालें. यह ध्वनि दिमाग की नसों तक पहुंचकर उन्हें आराम देती है और मन को शांत करती है.
भ्रामरी प्राणायाम के क्या है फायदें
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्राणायाम गुस्सा और चिड़चिड़ापन कम करने में भी असरदार है. अक्सर तनाव या असंतुलित मन के कारण छोटी-सी बात पर भी गुस्सा आ जाता है. भ्रामरी प्राणायाम के दौरान निकलने वाली गुंजन की ध्वनि मस्तिष्क में कंपन पैदा करती है, जो गुस्से को काबू में लाती है. नियमित अभ्यास से व्यक्ति का स्वभाव धीरे-धीरे शांत और स्थिर हो जाता है.
ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में उपयोगी
ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी यह अभ्यास बेहद उपयोगी है. आज की भागदौड़ और लगातार स्क्रीन देखने की आदत से बच्चों और युवाओं का मन हमेशा भटका रहता है. भ्रामरी प्राणायाम दिमाग के दोनों हिस्सों को संतुलित करता है और उन्हें बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है. इससे याददाश्त मजबूत होती है और पढ़ाई या काम पर ध्यान लगाना आसान हो जाता है.
नींद न आने की समस्या यानी अनिद्रा में भी यह प्राणायाम राहत देता है. तनाव, मोबाइल और असंतुलित दिनचर्या की वजह से लोग नींद से वंचित रहते हैं. अगर सोने से पहले भ्रामरी प्राणायाम किया जाए, तो मन शांत होता है, दिल की धड़कन सामान्य रहती है और शरीर गहरी नींद के लिए तैयार हो जाता है. धीरे-धीरे यह आदत बिना किसी दवा के नींद की गुणवत्ता सुधार देती है.
हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए फायदेमंद
हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए भी भ्रामरी प्राणायाम फायदेमंद है. सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया हृदय को आराम देती है और खून का प्रवाह बेहतर बनाती है. इसका असर धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर को सामान्य करने में दिखने लगता है.
सिर्फ इतना ही नहीं, यह प्राणायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. गहरी सांस और गुंजन की ध्वनि शरीर के अंगों को सक्रिय करती है. इससे सर्दी-जुकाम जैसी छोटी बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. साथ ही, शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे दिनभर तरोताजा महसूस होता है.
यह भी पढ़ें :- Liver Cirrhosis: भारत में लिवर सिरोसिस से मरने वालों की संख्या बढ़ी, क्या हैं कारण
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।















