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‘नेपाल को स्थिरता के लिए राजशाही चाहिए’, लंदन में मनीषा कोइराला का बड़ा बयान
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Friday, July 18, 2025
Last Updated On: Friday, July 18, 2025
लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान मनीषा कोइराला ने नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि भले ही वह खुद डेमोक्रेट हैं, लेकिन नेपाल को स्थिरता के लिए राजशाही की ज़रूरत है. उन्होंने अपने जीवन के अनुभव, कैंसर से लड़ाई और सामाजिक कार्यों पर भी विचार साझा किए.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Friday, July 18, 2025
Nepal Monarchy Stability: लंदन के प्रतिष्ठित ताज 51 बकिंघम गेट में आयोजित ‘हियर एंड नाउ 365’ इवेंट के दौरान अभिनेत्री और समाजसेविका मनीषा कोइराला ने नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता पर खुलकर अपनी राय रखी. मनीषा ने कहा कि भले ही वे डेमोक्रेट हैं, लेकिन उनका मानना है कि नेपाल को स्थिरता के लिए राजशाही की आवश्यकता है. कार्यक्रम में उन्होंने अपने कैंसर अनुभव, अभिनय करियर और सामाजिक कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की.
नेपाल की राजनीति पर बोलीं मनीषा
इस कार्यक्रम में मनीषा ने अपनी जिंदगी, कैंसर से जंग, सामाजिक कार्य और नेपाल की राजनीति पर बात की. नेपाल की राजनीति पर विचार रखते हुए मनीषा ने कहा, “नेपाल में हर नेता पिछले नेता के काम को उलट देता है. इसलिए नेपाल में लोकतंत्र ठीक से काम नहीं करता और कोई भी सरकार यहां ज्यादा समय तक नहीं टिकती.” हालांकि, उन्होंने खुद को पूरी तरह डेमोक्रेट बताया, लेकिन कहा, “मैं डेमोक्रेट हूं. लेकिन, मुझे लगता है कि नेपाल को स्थिरता के लिए राजशाही की जरूरत है.”
ब्रिटिश-भारतीय उद्यमी मनीष तिवारी ने जब उनके परिवार की राजनीतिक विरासत और प्रसिद्धि के बीच संतुलन के बारे में पूछा, तो मनीषा ने जवाब दिया, “मुझे अपने देश से बहुत प्यार है. लेकिन, मुझे चिंता है कि हमें सम्मान और स्थिरता चाहिए. हमें सरकारों से ज्यादा मजबूत संस्थानों की जरूरत है.”
कैंसर के दुखद पलों को किया याद
अपने ओवेरियन कैंसर के दुखद अनुभव को याद करते हुए मनीषा ने कहा, “जब डॉक्टर ने बताया कि मुझे कैंसर है, तो लगा कि अब सब खत्म हो गया. लेकिन, भगवान की कृपा से मैं बच गई. मैंने फिर से जीना सीखा. मजबूती कोई बड़ा करतब नहीं है, यह छोटे-छोटे फैसलों का नतीजा है. परिस्थिति कैसी भी हो, हौसला बनाए रखना चाहिए.”
मनीषा ने एक्टिंग करियर के बारे में बताया कि बिना किसी ट्रेनिंग के उन्होंने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने बताया, “ मैंने 12वीं भी पूरी नहीं की थी और अचानक दिलीप कुमार और राज कुमार के साथ काम का ऑफर मिला और मैं सेट पर थी!”
मनीष तिवारी ने दिया सुझाव
‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉम्बे’ और ‘दिल से’ जैसी फिल्मों में काम करने वाली मनीषा को जब मनीष तिवारी ने सुझाव दिया कि वह नेपाल को दुनिया के सामने लाने के लिए कोई वैश्विक फिल्म प्रोजेक्ट करें, तो मनीषा ने मुस्कुराते हुए कहा, “आपने आज एक बीज बोया है, देखते हैं यह क्या बनता है.”
इसके साथ ही अभिनेत्री ने कोइराला लड़कियों के बारे में भी बात की. मनीषा ने कहा, “कोइराला महिलाएं इतनी आजाद हैं कि हर लड़की कोइराला बनना चाहती है, लेकिन कोई पुरुष कोइराला लड़की से शादी नहीं करना चाहता!”
(आईएएनएस इनपुट के साथ)















