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जंतर-मंतर पर बड़ा बवाल! 1100+ हिरासत में, Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली-मुंबई में प्रदर्शन
Authored By: Mazhar Pathan
Published On: Saturday, October 3, 2026
Last Updated On: Sunday, November 1, 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR अभियान बंद करने की मांग को लेकर गांधी जयंती के दिन दिल्ली, मुंबई और पटना में बड़े प्रदर्शन हुए. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर आतिशी, संजय सिंह समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि मुंबई में शबाना आज़मी और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकार भी सड़क पर उतरे.
Authored By: Mazhar Pathan
Last Updated On: Sunday, November 1, 2026
Gyanesh Kumar Protest: गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को देश के कई शहरों में सियासी माहौल गरम रहा. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को रोकने की मांग को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क का रुख किया. दोनों जगह पुलिस की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे, और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले ही सख्ती
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से एक दिन पहले ही जंतर-मंतर इलाके में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. प्रदर्शन वाले दिन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, करीब 11-12 मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए, और क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहीं. इसके बावजूद आम आदमी पार्टी, वामपंथी छात्र संगठनों (AISA, SFI, DYFI) और अन्य सामाजिक संगठनों के समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते रहे.
बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता हिरासत में
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से पहले ही रोकना शुरू कर दिया था. अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से लेकर 1,100 तक बताई गई है, जो दिनभर के अलग-अलग समय पर दी गई पुलिस जानकारी पर आधारित है. हिरासत में लिए गए प्रमुख नामों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज, आप नेता संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, अनुराग ढांडा, माकपा नेता बृंदा करात और सीपीएम महासचिव एमए बेबी शामिल रहे. RJD सांसद मनोज झा भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और उन्हें भी हिरासत में लिया गया.
प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग थानों में ले जाया गया, जिनमें न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और कालिंदी कुंज जैसे थाने शामिल थे. देर शाम तक कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया.
AAP और वाम दलों का रुख
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह सत्याग्रह है और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. पार्टी की नेता आतिशी ने भी इस्तीफे की मांग दोहराई. सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और छात्र संगठन AISA की नेता नेहा बोरा ने भी हिरासत और प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, और कहा कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. वकील प्रशांत भूषण ने प्रशासन की कार्रवाई, खासकर मेट्रो बंद करने और इंटरनेट सेवाएं रोकने को लेकर कड़ी आलोचना की.
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
इसी दिन मुंबई के शिवाजी पार्क के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार(Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महज दो महीने में यह दूसरी बार है जब उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है. इस प्रदर्शन में फिल्म जगत से जुड़े कई नाम भी शामिल हुए, जिनमें अभिनेत्री शबाना आज़मी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी व विशाल भारद्वाज प्रमुख रहे. शबाना आज़मी ने वोट के अधिकार को संविधान की देन बताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शन को समर्थन दिया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई.
बता दें कि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार किया था कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के एक आदेश के तहत यह इलाका “साइलेंस ज़ोन” है, और पुलिस इसके लिए अधिकृत नहीं है.
मुद्दा क्या है
विपक्षी दलों और इन संगठनों की मुख्य मांग है कि मुख्य चुनाव (Election Commission ) आयुक्त ज्ञानेश कुमार(Gyanesh Kumar ) इस्तीफा दें और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को रोका जाए. आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में वोटरों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं.
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