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क्या है फाइटर जेट तेजस की खासियत, देश की सुरक्षा में क्या है इसकी भूमिका?
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Saturday, November 22, 2025
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
तेजस फाइटर जेट भारत की स्वदेशी तकनीक और एयर स्ट्रेंथ का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. दुबई एयर शो में हुए हादसे के बाद एक बार फिर इसकी क्षमताओं, तकनीक और भारतीय रक्षा में इसकी अहमियत पर चर्चा तेज हो गई है. जानें इसकी ताकत, तकनीक और भविष्य में इसकी भूमिका.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Saturday, November 22, 2025
Tejas Fighter Jet: भारत का हल्का लेकिन बेहद ताकतवर लड़ाकू विमान तेजस एक बार फिर सुर्खियों में है. दुबई एयर शो के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में पायलट की जान चली गई, लेकिन इस घटना ने तेजस की क्षमताओं, इसके निर्माण और देश की सुरक्षा में इसकी भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है.
तेजस सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है. यह विमान तकनीक, स्पीड, कलाबाजियों और मल्टी-रोल ऑपरेशंस में अपनी अलग पहचान रखता है. स्वदेशी ढांचे, अत्याधुनिक रडार, शक्तिशाली हथियारों और तेज़ maneuverability की वजह से यह फाइटर जेट दुनिया का ध्यान लगातार खींचता रहा है.
इस लेख में हम जानेंगे कि तेजस इतना खास क्यों है, इसके कौन-कौन से वेरिएंट भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ा रहे हैं, और भविष्य में तेजस भारत की सुरक्षा रणनीति में किस तरह अहम भूमिका निभाने वाला है.
2007 में शुरू हुआ था तेजस का उत्पादन
तेजस नाम की घोषणा 4 मई 2003 को हुई थी. यह नाम उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था. इसके बाद तेजस सीरीज का उत्पादन 2007 में शुरू हुआ. भारतीय वायुसेना ने 1 जुलाई 2016 को तेजस का पहला स्क्वाड्रन बनाया. वहीं दूसरा स्क्वाड्रन 1 अप्रैल 2020 को शामिल किया गया. यह पहला मौका था जब देश ने अपना स्वदेशी लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन स्तर पर तैनात किया.
सिंगल-सीटर हल्का लड़ाकू विमान
तेजस एक हल्का और फुर्तीला भारतीय लड़ाकू विमान है. इसमें एक सीट और एक जेट इंजन है. इसका पूरा निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया है. यह 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो एक साथ कई तरह के मिशन पूरे कर सकता है. इसकी डिज़ाइन और प्रदर्शन इसे दुनिया के आधुनिक लाइटवेट जेट्स की बराबरी में खड़ा करती है.
कलाबाजी दिखाने में माहिर
तेजस का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम बेहद उन्नत है. यह तेज मोड़ लेने और हवा में कलाबाजी करने में माहिर है. इसका ढांचा कार्बन फाइबर से बना है, जो इसे धातु के मुकाबले हल्का और ज्यादा मजबूत बनाता है. इसमें लगे आधुनिक सेंसर और वेव रडार पायलट को दुश्मन के विमान और जमीन से दागी मिसाइल की जानकारी तुरंत देते हैं.
भारतीय वायुसेना के पास पहले से तेजस MK-1 मौजूद है. अब इसका अपग्रेडेड वर्जन, तेजस MK-A, और भी ज्यादा शक्तिशाली बन चुका है. इसमें नई तकनीक, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत अवियोनिक्स लगे हैं, जो इसे अधिक भरोसेमंद फाइटर जेट बनाते हैं.
मिराज 2000 जैसी क्षमताओं से लैस
तेजस कई तरह के मिशन पूरा कर सकता है. यह हवाई रक्षा कर सकता है, जमीन पर सटीक हमला कर सकता है और समुद्री क्षेत्रों में भी ऑपरेशन कर सकता है. यह विमान 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल लगी है. वहीं हवा से जमीन पर हमला करने के लिए इसमें लेजर गाइडेड बम लगाए गए हैं.
ताकत के मामले में तेजस पुराने मिग विमानों से बहुत आगे है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इसकी क्षमताएं मिराज 2000 के करीब पहुंचती हैं. आने वाले अपग्रेड के बाद तेजस मार्क-2 भारतीय वायुसेना में मिराज 2000 की जगह लेने की तैयारी कर रहा है.
ब्रह्मोस एनजी से लैस होगा तेजस MK-2
तेजस MK-1A का एडवांस वर्जन जल्द ही वायुसेना को मिलेगा. इसके साथ तेजस MK-2 भी तैयार हो रहा है. यह भी 4.5 जेनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक का F-414 इंजन लगाया जाएगा.
यह विमान स्वदेशी ‘उत्तम’ AESA रडार से लैस होगा. तेजस MK-2 हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र MK-2 मिसाइल को भी ले जा सकेगा. जमीन पर मार करने वाले मिशनों के लिए इसमें ब्रह्मोस-़NG मिसाइल लगाई जाएगी. साथ ही रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल और लंबी दूरी की मीटियोर मिसाइल भी इसे और घातक बना देंगी.
कई एयर शो में दिखा चुका है दम
तेजस का सफर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा है. भारतीय वायुसेना को यह मल्टी-रोल जेट 2015 में ही मिल गया था. तभी से इसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भेजा जाता रहा है. दुबई एयर शो के लिए भारत ने नंबर 45 और 18 स्क्वाड्रन से तीन तेजस जेट भेजे थे.
यह पहली बार नहीं था जब तेजस ने दुबई में हिस्सा लिया. इससे पहले भी तेजस कई इंटरनेशनल शो में शामिल होकर अपनी क्षमता साबित कर चुका है. हर बार इसकी फुर्ती, रफ्तार और स्थिरता ने विदेशी दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है.
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