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3 घंटे में 2 ब्लास्ट… BSF हेडक्वार्टर से आर्मी कैंट तक दहशत, जानिए कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, May 6, 2026
Last Updated On: Wednesday, May 6, 2026
पंजाब में 3 घंटे के भीतर जालंधर और अमृतसर में हुए दो धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. BSF मुख्यालय और आर्मी कैंट के पास हुए इन विस्फोटों के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट हैं और आतंकी एंगल की भी गहन जांच की जा रही है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, May 6, 2026
BSF Headquarters Army Cantt Blast Incident: पंजाब में मंगलवार की रात ऐसी रही, जिसने लोगों को डर और चिंता में डाल दिया. महज 3 घंटे के भीतर दो अलग-अलग शहरों जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों ने पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. एक तरफ जहां जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं, वहीं आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी संवेदनशील जगहों पर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं. इस पूरी घटना ने यह भी साफ कर दिया कि खतरा सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र पर मंडरा रहा है.
पहला धमाका: जालंधर में दहशत की शुरुआत
घटनाक्रम की शुरुआत रात करीब 8 बजे हुई, जब जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हेडक्वार्टर के बाहर जोरदार धमाका हुआ. यह विस्फोट एक स्कूटी में हुआ, जो एक डिलीवरी बॉय की बताई जा रही है. धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि लगभग एक किलोमीटर दूर तक सुनी गई. स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई. इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन BSF का एक अधिकारी घायल हो गया. शुरुआती जांच में यह शक जताया जा रहा है कि या तो स्कूटी में विस्फोटक रखा गया था या फिर ग्रेनेड से हमला किया गया. पुलिस ने तुरंत इलाके को घेर लिया और CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया.
तीन घंटे बाद दूसरा धमाका: अमृतसर में फिर हड़कंप
जालंधर में जांच अभी जारी ही थी कि करीब 10:50 बजे अमृतसर के आर्मी कैंटोनमेंट के पास एक और धमाका हो गया. यह इलाका पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में यहां धमाका होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया. हालांकि इस धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आसपास के इलाकों में डर का माहौल फैल गया. मौके पर तुरंत बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम पहुंची और जांच शुरू की गई. शुरुआती तौर पर यहां भी IED या ग्रेनेड हमले की आशंका जताई जा रही है.
जांच एजेंसियां अलर्ट, NIA की एंट्री
दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमों को भी जांच में शामिल किया गया है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटा रही हैं. खास बात यह है कि ये धमाके ऐसे समय पर हुए हैं, जब ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ करीब है. इस वजह से खुफिया एजेंसियां आतंकी एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं. सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीति भी गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में हालात पूरी तरह बिगड़ चुके हैं और सरकार को सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हो रहे धमाके राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं.
वहीं अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए इसे प्रशासन की नाकामी बताया. उनके अनुसार, संवेदनशील सीमावर्ती राज्य को संभालने में सरकार पूरी तरह अक्षम साबित हो रही है, जिससे आम जनता में डर का माहौल बन गया है.
क्या है बड़ा खतरा?
इन दोनों धमाकों ने सिर्फ दो शहरों को नहीं, बल्कि पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है. खासतौर पर जब धमाके सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए हों, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह जाता, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन जाता है. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा कि इन धमाकों के पीछे असली साजिश क्या थी. लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का बड़ा संदेश जरूर दे दिया है.
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