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Prema Rawat World Record: पहाड़ की बेटी प्रेमा रावत ने रचा इतिहास, 14 गेंदों में ठोकी फिफ्टी; युवराज सिंह को भी छोड़ा पीछे

Authored By: Rajeev Mandal

Published On: Wednesday, November 4, 2026

Last Updated On: Wednesday, November 4, 2026

उत्तराखंड की महिला क्रिकेटर प्रेमा रावत ने 14 गेंदों में अर्धशतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया
उत्तराखंड की महिला क्रिकेटर प्रेमा रावत ने 14 गेंदों में अर्धशतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया

भारत की ऑलराउंडर और लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने सोमवार को महिला टी20 क्रिकेट मैच में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया. सात टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली उत्तराखंड की रहने वाली 24 वर्षीय बॉलिंग ऑलराउंडर प्रेमा ने पुणे के गहुंजे स्थित एमसीए क्रिकेट स्टेडियम में 'सीनियर महिला T20 ट्रॉफी एलीट' मैच के दौरान अपनी घरेलू टीम उत्तराखंड की ओर से हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए मात्र 14 गेंदों में 357.14 के शानदार स्ट्राइक रेट से नाबाद 50 रन बनाए.

Authored By: Rajeev Mandal

Last Updated On: Wednesday, November 4, 2026

पुणे के गहुंजे स्टेडियम में सोमवार की दोपहर जब उत्तराखंड की पारी लड़खड़ा रही थी, तब 24 साल की एक पहाड़ी लड़की क्रीज पर आई. नाम – प्रेमा रावत. बॉलिंग ऑलराउंडर, लेग स्पिनर. लोगों को लगा 5-10 रन बनाकर जाएगी, लेकिन अगले 14 गेंदों में उसने वो कर दिया जो महिला क्रिकेट के 20 साल के इतिहास में किसी ने नहीं किया था.

हैदराबाद की बॉलर्स भूल गए गेंदबाजी

पहली गेंद – छक्का. दूसरी – चौका. तीसरी – फिर छक्का. हैदराबाद की बॉलर्स समझ ही नहीं पाईं कि गेंद कहां फेंके. प्रेमा ने 14 गेंद में 6 छक्के और 3 चौके जड़ दिए. 357.14 का स्ट्राइक रेट. नाबाद 50 रन. और साथ ही विश्व रिकॉर्ड.

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ियों के नाम था इससे पहले रिकॉर्ड

इससे पहले ये रिकॉर्ड इंग्लैंड की मेरी केली और ऑस्ट्रेलिया की लौरा हैरिस के नाम था -15 गेंद में 50. प्रेमा ने 1 गेंद कम में तोड़ दिया. पाकिस्तान की फातिमा सना ने भी इसी साल 15 गेंद में 50 बनाया था.
लेकिन असली बात ये है कि प्रेमा ने युवराज सिंह को भी पीछे छोड़ दिया. गौरतलब है कि 2007 वर्ल्ड कप में युवराज ने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंद में 6 छक्के मारे थे और 12 गेंद में 50 पूरा किया था, वो इंटरनेशनल क्रिकेट था. डोमेस्टिक महिला क्रिकेट में प्रेमा अब भारत की सबसे तेज फिफ्टी वाली खिलाड़ी बन गई हैं.

ये कहानी सिर्फ 14 गेंद की नहीं है. प्रेमा उत्तराखंड के छोटे से गांव से आती हैं. घर में क्रिकेट का कोई माहौल नहीं था. पहले वो बॉलिंग के लिए जानी जाती थीं. 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं, सितंबर 2026 में महिला एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं. वहां भी उन्होंने बॉल से कमाल दिखाया था. लेकिन बल्ले से वो हमेशा अंडररेटेड रहीं.

क्रिकेट के जानकार बताते हैं कि महिला T20 में 50 रन का औसत 30 गेंद के आसपास होता है. 18 गेंद में 50 बनाना भी तूफानी माना जाता है. इस लिस्ट में भारत की ऋचा घोष 18 गेंद, न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन 18 गेंद, ऑस्ट्रेलिया की फीबी लिचफील्ड 18 गेंद पर हैं. प्रेमा ने उन सबको 4 गेंद पीछे छोड़ दिया.

और ये रिकॉर्ड ऐसे टूर्नामेंट में बना है जिसे BCCI की सीनियर महिला T20 ट्रॉफी एलीट कहते हैं – जहां से सीधे भारतीय टीम के लिए चयन होता है. उत्तराखंड ने इस पारी की बदौलत 20 ओवर में 187/2 का स्कोर बनाया और मैच जीत लिया.

भारतीय टीम में सेलेक्शन का बना दावा

अब सवाल ये है कि क्या प्रेमा की ये पारी उन्हें भारतीय T20 टीम में फिनिशर का रोल दिलाएगी? क्योंकि भारत को लंबे समय से एक ऐसी महिला खिलाड़ी की तलाश थी जो आखिरी 3-4 ओवर में 14 गेंद में मैच पलट दे.

युवराज ने 2007 में कहा था – “मैंने सिर्फ 12 गेंद में नहीं सोचा था, बस हर गेंद को मारना था.” प्रेमा ने भी कल यही किया. फर्क सिर्फ इतना है कि युवराज के बाद 19 साल तक कोई भारतीय 14 गेंद में 50 नहीं बना पाया था, अब एक पहाड़ी लड़की ने बना दिया है.

About the Author: Rajeev Mandal
वरिष्ठ पत्रकार राजीव मंडल पिछले 25 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। दैनिक जागरण (लखनऊ) से बतौर कॅरियर की शुरुआत हुई। गलगोटिया टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ने से पहले राजीव ने टीवी इंडस्ट्री-ईटीवी और नेपाल वन न्यूज चैनल- में भी काम किया। इसके अलावा राष्ट्रीय सहारा अखबार के साथ 19 वर्षों तक इनका साथ रहा। इस अखबार के संपादकीय पृष्ठ और साप्ताहिक परिशिष्ट 'हस्तक्षेप" अंक का बतौर प्रभारी लंबे समय तक नेतृत्व किया। राजीव ने पत्रकारिता से मास्टर डिग्री (2000-2001) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से हासिल किया। फिलहाल राजीव गलगोटिया टाइम्स के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसामयिक विषयों पर कलम चलाते हैं।
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