Railway Recruitment: रेलवे भर्ती में बड़ा बदलाव, अब सभी विभागीय परीक्षाएं होंगी ऑनलाइन, जानें CBT और TBT का अंतर

Authored By: Nishant Singh

Published On: Saturday, June 13, 2026

Updated On: Saturday, June 13, 2026

Railway Recruitment online exam update showing CBT and TBT difference in railway departmental examinations

Railway Recruitment: रेलवे भर्ती प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सभी विभागीय परीक्षाओं को CBT मोड में आयोजित करने का फैसला लिया गया है. साथ ही TBT प्रणाली का भी विस्तार होगा. इस बदलाव से परीक्षा प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और अधिक सुलभ बनेगी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Saturday, June 13, 2026

Railway Recruitment: रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है. भारतीय रेलवे अब अपनी भर्ती और विभागीय परीक्षाओं को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय परीक्षाओं को भी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाए. इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है.

रेलवे का मानना है कि तकनीक के उपयोग से परीक्षाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और उम्मीदवारों को बेहतर अनुभव मिलेगा. साथ ही चयन प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बन सकेगी.

अब सभी विभागीय परीक्षाएं होंगी CBT मोड में

रेल मंत्रालय ने फैसला किया है कि रेलवे के भीतर होने वाली विभागीय परीक्षाओं को भी कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा. अभी तक कई परीक्षाएं पारंपरिक तरीकों से आयोजित होती थीं, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम को प्राथमिकता दी जाएगी.

इस कदम से परीक्षा परिणाम जल्दी जारी करने, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ाने और मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी. रेलवे का लक्ष्य है कि भर्ती और पदोन्नति से जुड़ी परीक्षाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए.

CBT और TBT में क्या है अंतर?

रेलवे भर्ती परीक्षाओं में अब दो डिजिटल माध्यमों की चर्चा हो रही है: CBT और TBT. दोनों ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली हैं, लेकिन इनके संचालन का तरीका अलग है.

CBT (Computer-Based Test)

CBT में अभ्यर्थियों को डेस्कटॉप कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होती है. इसके लिए बड़े कंप्यूटर लैब, नेटवर्किंग व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों की जरूरत पड़ती है. वर्तमान समय में रेलवे समेत अधिकांश सरकारी भर्ती परीक्षाएं इसी प्रणाली के तहत आयोजित की जाती हैं.

TBT (Tablet-Based Test)

TBT यानी टैबलेट आधारित परीक्षा में उम्मीदवार टैबलेट डिवाइस पर प्रश्नों का उत्तर देते हैं. इसमें अलग से कंप्यूटर, कीबोर्ड या माउस की आवश्यकता नहीं होती. यही कारण है कि कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी इस प्रणाली के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जा सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि TBT के विस्तार से दूर-दराज इलाकों में रहने वाले उम्मीदवारों को भी परीक्षा केंद्रों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी.

भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी

रेल मंत्री के अनुसार रेलवे द्वारा शुरू किया गया वार्षिक भर्ती कैलेंडर उम्मीदवारों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ है. इससे अभ्यर्थियों को समय रहते रिक्त पदों और भर्ती कार्यक्रमों की जानकारी मिल जाती है.

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे ने 43,781 युवाओं को विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी. इनमें 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), 14,298 टेक्नीशियन और 1,376 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल रहे. इसके अलावा अन्य श्रेणियों में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गईं. यह दर्शाता है कि रेलवे भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज और व्यवस्थित बनाने पर लगातार काम कर रहा है.

क्यों चुनौतीपूर्ण होती है रेलवे की परीक्षा?

रेलवे भर्ती परीक्षा देश की सबसे बड़ी और जटिल भर्ती प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है. हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इसमें भाग लेते हैं. परीक्षा देश के सैकड़ों शहरों और हजारों केंद्रों पर आयोजित की जाती है.

अभ्यर्थियों की विशाल संख्या के कारण परीक्षाएं कई शिफ्टों में करानी पड़ती हैं. इसके अलावा विभिन्न राज्यों के उम्मीदवारों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा लगभग 15 भाषाओं में आयोजित की जाती है. ऐसे में पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है.

तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता

रेलवे का मानना है कि CBT और TBT जैसी डिजिटल प्रणालियां भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाएंगी. इससे परीक्षा केंद्रों का विस्तार होगा, परिणाम जल्दी आएंगे और उम्मीदवारों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. आने वाले समय में रेलवे भर्ती पूरी तरह तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी व्यवस्था की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है, जिसका सीधा लाभ लाखों अभ्यर्थियों को मिलेगा.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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