IIT Bombay case के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की पूरी टाइमलाइन, परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक क्या हुआ?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Wednesday, September 23, 2026
Updated On: Wednesday, September 23, 2026
IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में विरोध के साथ साथ सवाल भी उठने लगे हैं. प्रोफेसर को छुट्टी पर भेजा गया, 10 सदस्यीय समिति बनी, पुलिस जांच जारी है. साहिल की मौत के बाद क्या सामने आया, छात्र और परिवार क्या चाहता है
Authored By: Galgotias Times Bureau
Updated On: Wednesday, September 23, 2026
IIT Bombay Case में छात्र साहिल वाकोडे (Sahil Wakode Death) की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं. परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक आखिर क्या हुआ और घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा, इसे समझने के लिए पूरी टाइमलाइन पर नजर डालना जरूरी है. इस रिपोर्ट में साहिल वाकोडे केस से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम और उपलब्ध जानकारी को क्रमवार समझें.
IIT Bombay case में साहिल वाकोडे की मौत के बाद जांच और प्रदर्शन
IIT Bombay के दूसरे वर्ष के B Tech छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन, पुलिस जांच और संस्थान की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. साहिल 18 सितंबर को एक परीक्षा के बाद अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाया गया था. पुलिस जांच के मुताबिक, परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन होने और AI ChatGPT के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिसके बाद परीक्षा हॉल में उनकी और प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की आपस में बातचीत हुई थी.
CCTV फुटेज में क्या सामने आया
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है . एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच ने परीक्षा हॉल और हॉस्टल की CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले ली है. फुटेज में दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच प्रोफेसर द्वारा साहिल से पूछताछ किए जाने और बाद में उन्हें बाकी छात्रों से अलग ले जाने की बात सामने आई है. इसके बाद करीब 1:25 बजे साहिल अपने हॉस्टल कमरे में जाते दिखे और फिर बाहर नहीं निकले.
परिवार के गंभीर आरोप
साहिल के परिवार ने प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके पिता का दावा है कि साहिल को कई महीनों से जातिगत टिप्पणियों और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने SC/ST कानून की धाराएं भी लगाई हैं. हालांकि ये फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं और मामले की जांच जारी है, इन्हें अभी अदालत या जांच एजेंसी द्वारा साबित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
IIT Bombay प्रशासन के कदम
दूसरी तरफ IIT Bombay प्रशासन की ओर से भी मामले में कार्रवाई शुरू की गई है. पहले प्रोफेसर दूल्ला को डीन के पद से हटाया गया था. अब 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक IIT Bombay के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने उन्हें छुट्टी पर जाने को कहा है, साथ ही साहिल की मौत (IIT Bombay Student Death) से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति भी बनाई गई है. इस समिति की अध्यक्षता IIT Palakkad के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं, और उन्हें एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
छात्रों की 18 मांगें
इधर छात्रों ने सिर्फ एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग तक खुद को सीमित नहीं रखा है. छात्र प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि उनका विरोध किसी भी तरह की अकादमिक बेईमानी को सही ठहराने के लिए नहीं है. उन्होंने संस्थान की छात्र कल्याण व्यवस्था, जवाबदेही और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सुधारों की मांग की है. Indian Express के अनुसार छात्रों ने कुल 18 मांगें रखी हैं, जिनमें स्वतंत्र जांच और छात्र कल्याण व्यवस्था में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं.
इसी बीच IIT Bombay Alumni Association ने भी निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है, और कहा है कि मामले में अटकलों या किसी एक व्यक्ति के खिलाफ मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए.
निष्कर्ष
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि “पूरा सिस्टम प्रोफेसर को बचा रहा है.” उपलब्ध जानकारी यह बताती है कि पुलिस जांच जारी है, प्रोफेसर को छुट्टी पर भेजा गया है और संस्थान ने 10 सदस्यीय जांच समिति बना दी है. साथ ही परिवार और छात्रों की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिनकी जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.
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