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India Semifinal Scenario: सेमीफाइनल से बाहर होती दिख रही है टीम इंडिया
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, February 24, 2026
Last Updated On: Tuesday, February 24, 2026
India Semifinal Scenario: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का सेमीफाइनल खेलना मुश्किल नजर आ रहा है. 0 अंक और खराब नेट रन-रेट के चलते भारत को न सिर्फ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, February 24, 2026
India Semifinal Scenario: टी20 क्रिकेट में कब क्या हो जाए, यह कहना हमेशा मुश्किल रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए T20 वर्ल्ड कप 2026 का सफर अब बेहद कठिन मोड़ पर पहुंच चुका है. 2024 की चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम 2026 के वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज से ही बाहर होने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है. मौजूदा हालात और अंक तालिका को देखकर यही कहा जा सकता है कि भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना अब सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि कई असंभव से लगने वाले समीकरणों पर टिका हुआ है.
सुपर-8 की पॉइंट्स टेबल ने बढ़ाई टेंशन
अगर सुपर-8 के पहले ग्रुप की पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें, तो स्थिति भारत के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं दिखती. वेस्टइंडीज 2 अंकों के साथ टेबल में पहले स्थान पर है और उसका नेट रन-रेट +5.350 है, जो बाकी टीमों से काफी आगे है. दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका मौजूद है, जिसके भी 2 अंक हैं और नेट रन-रेट +3.800 के आसपास है. भारत फिलहाल तीसरे नंबर पर है, जबकि जिम्बाब्वे चौथे स्थान पर काबिज है. इस तालिका ने साफ कर दिया है कि भारत को अब हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाना होगा.
0 अंक और माइनस रन-रेट बना सबसे बड़ी परेशानी
टीम इंडिया के खाते में अभी तक एक भी अंक नहीं है और उसका नेट रन-रेट -3.800 है. यही वह आंकड़ा है जो भारत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनता दिख रहा है. हालांकि भारतीय टीम के अभी दो मुकाबले बाकी हैं, जिससे वह अधिकतम 4 अंक तक पहुंच सकती है. 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा साबित होने वाला है. लेकिन सिर्फ जीत दर्ज करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि जीत का अंतर भी बहुत बड़ा होना जरूरी है.
बड़ी जीत जरूरी, नहीं तो गणित बिगड़ जाएगा
भारत अगर अपने दोनों बचे हुए मैच जीत भी लेता है, तब भी नेट रन-रेट की समस्या खत्म नहीं होगी. वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें पहले से ही मजबूत रन-रेट लेकर बैठी हैं. ऐसे में भारत को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से हराना होगा, ताकि उसका नेट रन-रेट तेजी से ऊपर जा सके. छोटी जीत या करीबी मुकाबला भारत के किसी काम का नहीं रहने वाला.
अब दूसरे मैचों के नतीजों पर टिकी उम्मीद
मान लीजिए टीम इंडिया किसी तरह 4 अंक हासिल कर लेती है और नेट रन-रेट भी बेहतर कर लेती है, तब भी उसकी राह आसान नहीं होगी. सुपर-8 में वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के अभी दो-दो मैच बाकी हैं. अगर वेस्टइंडीज अपने दोनों मुकाबले जीतकर 6 अंकों तक पहुंच जाता है, तो उसका सेमीफाइनल टिकट लगभग पक्का हो जाएगा. ऐसे में भारत को यह दुआ करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका या जिम्बाब्वे के अंक और नेट रन-रेट उससे नीचे रहें.
सेमीफाइनल का सपना अब अधर में
कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना अब पूरी तरह दूसरे मुकाबलों के नतीजों पर निर्भर करता है. टीम इंडिया को न सिर्फ खुद बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा, बल्कि बाकी टीमों के हार-जीत के समीकरण भी उसके पक्ष में आने चाहिए. यही वजह है कि मौजूदा हालात में भारत का सेमीफाइनल खेलना बेहद मुश्किल और लगभग असंभव सा नजर आ रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्रिकेट का यह रोमांच कोई नया चमत्कार दिखाता है या नहीं.
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