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Test और T20 का अनोखा संगम, जानें क्या है ‘Test Twenty’ और कैसे होंगे इसके नियम
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Friday, December 26, 2025
Last Updated On: Friday, December 26, 2025
क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. ‘Test Twenty’ नाम का यह नया हाइब्रिड फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट की रणनीति और टी20 की रफ्तार को एक साथ लेकर आ रहा है. 80 ओवर, चार सत्र और एक ही दिन में दो-दो पारियां, जानिए कैसे यह नया प्रयोग क्रिकेट के भविष्य को नया आकार देने वाला है.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Friday, December 26, 2025
Test Twenty: क्रिकेट की दुनिया एक बार फिर बदलाव के मुहाने पर खड़ी है. टेस्ट क्रिकेट की गहराई, धैर्य और रणनीति को अगर टी20 की तेज़ रफ्तार, ऊर्जा और रोमांच के साथ जोड़ दिया जाए, तो नतीजा क्या होगा? इसी सवाल का जवाब है नया और बहुप्रतीक्षित फॉर्मेट ‘Test Twenty’. यह 80 ओवरों का हाइब्रिड प्रारूप न सिर्फ खेल की पारंपरिक आत्मा को बनाए रखने का दावा करता है, बल्कि डिजिटल युग के दर्शकों के लिए इसे और अधिक रोमांचक बनाने की कोशिश भी करता है. दिग्गज क्रिकेटरों के समर्थन और 2026 में प्रस्तावित लॉन्च के साथ, टेस्ट ट्वेंटी को क्रिकेट का संभावित ‘चौथा प्रारूप’ माना जा रहा है, जो अतीत की विरासत और भविष्य की जरूरतों के बीच एक मज़बूत सेतु बना सकता है.
खेल उद्यमी और द वन वन सिक्स नेटवर्क के कार्यकारी अध्यक्ष गौरव बहिरवानी द्वारा परिकल्पित, यह नया प्रारूप प्रत्येक पक्ष के लिए 20-20 ओवरों की दो पारियों में खेला जाएगा, जिससे दोनों टीमों को एक ही दिन में दो बार बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा. पारंपरिक परिणामों जिसमें जीत, हार, टाई या ड्रॉ को बरकरार रखते हुए यह छोटे प्रारूप की तात्कालिकता के साथ-साथ लाल गेंद वाले क्रिकेट की गहराई का वादा करता है. आइए जानते हैं क्या है क्रिकेट का नया फॉर्मेट ‘टेस्ट ट्वेंटी’ और क्या होंगे इसके नियम?
मॉडर्न क्रिकेट के लिए नया और अनोखा फॉर्मेट
क्रिकेट की दुनिया में एक नया और दिलचस्प प्रयोग सामने आया है, जिसका नाम टेस्ट ट्वेंटी रखा गया है, और इसे सिर्फ एक और टी20 लीग के तौर पर नहीं बल्कि खेल की सोच बदलने वाले फॉर्मेट के रूप में देखा जा रहा है. पारंपरिक टी20 जहां पूरी तरह रफ्तार, बड़े शॉट और त्वरित नतीजों पर टिका होता है, वहीं टेस्ट ट्वेंटी में रणनीति, धैर्य और योजना को दोबारा अहमियत दी गई है.
यह 80 ओवरों का मुकाबला होगा, जिसे 20-20 ओवर के चार सत्रों में खेला जाएगा, और हर सत्र के बाद छोटा ब्रेक दिया जाएगा ताकि टीमें अपनी रणनीति पर दोबारा विचार कर सकें, ठीक उसी तरह जैसे टेस्ट क्रिकेट में सेशन ब्रेक होते हैं. आयोजकों का मानना है कि यह फॉर्मेट “टी20 के समय में टेस्ट मैच की सोच” को मैदान पर उतारता है, जिससे खेल में न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि दर्शकों को भी ज्यादा समझदार और रोमांचक क्रिकेट देखने को मिलेगा.
दिग्गजों का समर्थन और बड़ी सोच
टेस्ट ट्वेंटी को लेकर सबसे खास बात यह है कि इसके पीछे क्रिकेट जगत के बड़े और सम्मानित नाम जुड़े हुए हैं, जो इस फॉर्मेट की गंभीरता को दिखाते हैं. सलाहकार बोर्ड में एबी डिविलियर्स, सर क्लाइव लॉयड, मैथ्यू हेडन और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अपने-अपने दौर में क्रिकेट की दिशा तय की है. एबी डिविलियर्स ने इसे इरादे के साथ किया गया नवाचार बताया है और कहा है कि यह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को एक नया सपना देगा और फैंस को एक नई कहानी से जोड़ेगा. वहीं वेस्टइंडीज को पहला विश्व कप दिलाने वाले सर क्लाइव लॉयड का मानना है कि क्रिकेट ने हमेशा बदलाव स्वीकार किए हैं, लेकिन इतनी सोच-समझ के साथ बदलाव कम ही देखने को मिला है, और टेस्ट ट्वेंटी आधुनिक ऊर्जा के साथ क्रिकेट की कला और लय को वापस लाने की कोशिश करता है.
मैथ्यू हेडन इसे पुराने और नए दौर के बीच की कड़ी मानते हैं, जबकि हरभजन सिंह के अनुसार यह फॉर्मेट खेल की नई धड़कन है, जो परंपरा और आज के युवाओं के जोश को एक साथ जोड़ता है. इसके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के पूर्व सीईओ माइकल फोर्डहम इस परियोजना में मुख्य परिचालन अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
युवाओं के लिए ग्लोबल रास्ता
टेस्ट ट्वेंटी को सिर्फ एक पेशेवर लीग के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे 13 से 19 वर्ष की उम्र के खिलाड़ियों के लिए एक वैश्विक विकास मंच के तौर पर तैयार किया गया है, जिससे युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का साफ और संरचित रास्ता मिल सके. इस पहल के तहत जूनियर टेस्ट ट्वेंटी चैंपियनशिप यानी JTTC की शुरुआत की जाएगी, जो 50 से ज्यादा देशों में आयोजित होगी और युवा खिलाड़ियों को प्रोफेशनल क्रिकेट की ओर बढ़ने का मौका देगी.
आयोजकों के मुताबिक, इसका मकसद NCAA-स्टाइल फीडर सिस्टम बनाना है, जहां डेटा एनालिटिक्स और एआई आधारित मूल्यांकन के जरिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टैलेंट पूल में शामिल किया जाएगा, ताकि सही खिलाड़ी को सही मंच मिल सके.
कब से शुरू होगा टेस्ट ट्वेंटी
टेस्ट ट्वेंटी का पहला पूरा सीजन जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है, जिसमें कुल छह फ्रेंचाइज़ी हिस्सा लेंगी, जिनमें से तीन भारत में आधारित होंगी और तीन विदेशी शहरों दुबई, लंदन और अमेरिका से होंगी. हर टीम में 16 खिलाड़ी होंगे, जिनमें आठ भारतीय और आठ विदेशी क्रिकेटर शामिल किए जाएंगे, ताकि स्थानीय प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का संतुलन बना रहे.
नीलामी के जरिए कुल 96 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जबकि 204 खिलाड़ी वाइल्डकार्ड पूल में रखे जाएंगे, जिन्हें बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया से चुना जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें बीच सीजन में टीम में शामिल किया जा सकेगा. टेस्ट क्रिकेट की गंभीरता और टी20 के रोमांच को एक साथ जोड़ने वाला टेस्ट ट्वेंटी क्रिकेट के सबसे बड़े और साहसी प्रयोगों में से एक माना जा रहा है, जिसे अतीत का सम्मान करते हुए भविष्य को आकार देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
















