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बिहार में शराबबंदी पर सियासी घमासान, बढ़ते दबाव के बीच जेडीयू नेताओं ने साफ किया पार्टी का रुख
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 25, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026
Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासत तेज है, लेकिन जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं ने साफ कर दिया है कि कानून लागू रहेगा. नेताओं का कहना है कि किसी भी तरह का नशा बिहार के हित में नहीं है और सरकार दबाव में आकर फैसला बदलने वाली नहीं है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026
Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी कानून एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है. एक तरफ सत्ता पक्ष के भीतर ही कानून की समीक्षा की मांग उठ रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष खुले तौर पर शराबबंदी खत्म करने की बात कह रहा है. इस बीच सवाल यह है कि क्या शराबबंदी को लेकर जनता दल यूनाइटेड पर दबाव बढ़ रहा है? इसी राजनीतिक माहौल में पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने सामने आकर अपना रुख साफ कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल सरकार अपने फैसले से पीछे हटने के मूड में नहीं है.
श्याम रजक का साफ संदेश: एनडीए की राय एक
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जेडीयू विधायक श्याम रजक ने शराबबंदी को लेकर पार्टी और गठबंधन का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की निजी राय अलग हो सकती है, लेकिन पूरे एनडीए की राय एक है. श्याम रजक के मुताबिक बिहार में शराबबंदी कानून लागू रहेगा और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. उनका बयान इस बात की पुष्टि करता है कि गठबंधन स्तर पर इस मुद्दे पर कोई असमंजस नहीं है.
जमा खान बोले: नशा किसी भी रूप में नुकसानदेह
विधानसभा परिसर में जेडीयू नेता और मंत्री जमा खान से जब शराबबंदी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने भी सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि चाहे शराब हो या कोई और नशा, हर तरह का नशा नुकसानदेह है और यह बिहार के हित में नहीं है. जमा खान ने साफ किया कि अलग-अलग लोगों के विचार हो सकते हैं, लेकिन सरकार की सोच समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर बनी है.
खाली होने के आरोपों पर पलटवार
विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि शराबबंदी के कारण राज्य का खजाना खाली हो गया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जमा खान ने कहा कि विपक्ष को कहने दीजिए, सरकार के सभी काम सुचारू रूप से चल रहे हैं और आगे भी चलते रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास कार्यों में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है.
अन्य मुद्दों पर भी दिया संतुलित जवाब
जमा खान ने विपक्षी नेताओं के बयानों और हालिया लाठीचार्ज की घटना पर भी संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी के साथ मारपीट गलत है और यदि लाठीचार्ज हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना सबका अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है.
नीतीश सरकार का संकेत: फिलहाल नहीं बदलेगा कानून
कुल मिलाकर जेडीयू नेताओं के बयानों से यह साफ हो गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार शराबबंदी कानून पर कायम है. भले ही राजनीतिक दबाव और बहस तेज हो, लेकिन फिलहाल सरकार के रुख में किसी बदलाव के संकेत नहीं दिखते.
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