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लखनऊ में 200 सीटों पर पोस्टर वार, सपा-कांग्रेस में बढ़ी तनातनी; यूपी में किसकी चलेगी?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, October 26, 2026
Last Updated On: Monday, October 26, 2026
उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव को महज चार महीने ही बचे हैं. सभी दल इसे लेकर तैयारियों को अब अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. कांग्रेस भी इसके मद्देनजर अपना दावा जताने का भरसक प्रयास कर रही है. समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने को लेकर पिछले कई दिनों से माहौल भी बनाया जा रहा है. इसी कड़ी में कांग्रेस सपा पर सीटों को लेकर दबाव बनाने में लगी है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Monday, October 26, 2026
Lucknow Congress Poster Controversy: लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने यूपी की सियासत में सीट बंटवारे की चर्चा तेज कर दी है. पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है -‘200 सीट हक हमारा.’ इसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है. कांग्रेस की ओर से 175 से 200 सीटों की सूची दिए जाने की भी खबर सामने आई है. हालांकि, सीटों का अंतिम बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है. दोनों दलों के बीच बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
बातचीत के बाद ही साफ होगी तस्वीर
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से सपा के सामने 200 सीटों की दावेदारी की चर्चा है. 403 सीटों वाली विधानसभा में इतनी सीटों की मांग गठबंधन के भीतर कांग्रेस की भूमिका को लेकर अहम सवाल खड़े करती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने यूपी में 37 और कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं. अब देखना होगा कि सीट बंटवारे पर बातचीत के दौरान अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच क्या सहमति बनती है.
अखिलेश बोले, यह भाजपा की साजिश
वहीं, इस पोस्टर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह भाजपा की सुनियोजित साजिश है. अखिलेश ने एक पोस्ट में लिखा कि विपक्षी ‘गठबंधन’ की ताकत से भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है. इसी बौखलाहट और डर के कारण इस तरह के ‘नकली पोस्टर’ लगवाए जा रहे हैं.
2024 चुनाव परिणाम ने भरा आत्मविश्वास
कांग्रेस ने 17 सीटों पर चुनाव लड़कर छह सीटें जीतीं. अमेठी और रायबरेली की वापसी के साथ सहारनपुर, बाराबंकी, सीतापुर और इलाहाबाद जैसी सीटों पर मिली जीत से पार्टी को संजीवनी मिली और संगठन में उत्साह आया. यही वजह है कि कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव में ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है.
सपा के लिए बात मानना आसान नहीं
सपा प्रदेश में सबसे मजबूत है, लिहाज़ा उसके लिए कांग्रेस की मांगों को मानना बेहद मुश्किल होगा.
सपा ने 2024 के चुनाव में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और 37 सीटें जीतकर अपनी स्थिति को बाकी दलों के मुकाबले बेहतर बनाया है. हालांकि कांग्रेस ने भी लोकसभा चुनाव में पहले के चुनाव के विपरीत बेहतर परिणाम पाया था और कई विधानसभा में उसकी बढ़त चौँकाने वाली रही. यही वजह है कि वो दबाव की राजनीति कर रही है.
Written By: Rajiv Mandal
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