Special Coverage
Donald Trump के मंच से Narendra Modi की तारीफ, Shehbaz Sharif खड़े, भारत-पाक शांति पर अमेरिकी दावे ने मचाई हलचल
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, February 20, 2026
Last Updated On: Friday, February 20, 2026
वॉशिंगटन में Donald Trump ने भारत-पाक शांति का श्रेय खुद लेते हुए मंच से Shehbaz Sharif को खड़ा किया और Narendra Modi को अपना करीबी दोस्त बताया. इस घटनाक्रम ने कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, February 20, 2026
Donald Trump एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार मौका था वॉशिंगटन में आयोजित Board of Peace के उद्घाटन सत्र का. मंच अंतरराष्ट्रीय शांति का था, लेकिन ट्रंप का अंदाज़ पूरी तरह सियासी रहा. अपने भाषण के दौरान उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का पूरा श्रेय खुद को देते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. खास बात यह रही कि इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से खड़ा किया गया और भारत के प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ हुई.
जब इशारा हुआ और कुर्सी से खड़े हो गए शहबाज शरीफ
कार्यक्रम के बीच ट्रंप ने अचानक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की ओर इशारा किया और उन्हें खड़े होने को कहा. अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत शरीफ तुरंत खड़े हो गए. यह दृश्य कैमरों में कैद हुआ और देखते ही देखते वायरल हो गया. मंच से ट्रंप का यह कदम कई लोगों को हैरान कर गया, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मंचों पर नेताओं के साथ बराबरी का व्यवहार किया जाता है, न कि सार्वजनिक तौर पर इस तरह इशारे करके.
‘पीएम मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं’
शहबाज शरीफ के खड़े होने के बाद ट्रंप ने जो कहा, उसने माहौल और दिलचस्प बना दिया. उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी एक महान व्यक्ति हैं और उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल ही में पीएम मोदी से बात की है और वह इस कार्यक्रम को देख भी रहे होंगे. एक ही मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को खड़ा कर भारत के प्रधानमंत्री की प्रशंसा करना कूटनीति की नजर से काफी असहज पल माना गया.
‘एक फोन कॉल से रुक गया युद्ध’ – ट्रंप का दावा
ट्रंप ने अपने पुराने दावे को फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को उन्होंने एक फोन कॉल से रोक दिया था. उनके मुताबिक, जब हालात बिगड़ रहे थे और विमानों के गिरने की खबरें आ रही थीं, तब उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो 200 प्रतिशत तक का व्यापारिक टैरिफ लगा दिया जाएगा. हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि भारत-पाकिस्तान के मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं होती और सभी फैसले द्विपक्षीय स्तर पर ही लिए जाते हैं.
पाकिस्तान के लिए क्यों बनी असहज स्थिति
विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा. अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के लिए यह मंच उल्टा पड़ता नजर आया. ट्रंप के भाषण में बार-बार भारत और मोदी को प्राथमिकता मिलती रही, जबकि शहबाज शरीफ केवल एक औपचारिक उपस्थिति बनकर रह गए. यह घटना दिखाती है कि वैश्विक मंचों पर शब्दों और इशारों की राजनीति किस तरह बड़े संदेश दे जाती है, और कभी-कभी एक पल पूरी कूटनीतिक तस्वीर बदल देता है.
यह भी पढ़ें :- Afghanistan Woman Law: पति को पत्नी पीटने की छूट, अफगानिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा नहीं, अब हिंसा को मिली मंजूरी















