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Putin India Visit: क्या भारत और रूस के बीच SU-57 स्टील्थ फाइटर जेट पर होगी कोई डील?
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Friday, December 5, 2025
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह पहला भारत दौरा है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया उनके इस दौरे पर करीब से नजर रख रही है. भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान, राष्ट्रपति पुतिन भारत को SU-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स सप्लाई करने की डील को फाइनल कर सकते हैं.
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति पुतिन 4 दिसंबर को देर शाम दिल्ली पहुंचे. यह उनका दो दिवसीय (4-5 दिसंबर) भारत दौरा है. प्लेन से उतरते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका खास अंदाज में स्वागत किया. दोनों नेताओं का आपस में गर्मजोशी भरा हाथ मिलाना और गले मिलना, इन दो देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों की गर्माहट को दिखाता है.
चार साल बाद पुतिन का भारत दौरा
लगभग चार साल पहले रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है. पालम एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा थी. उसके स्वागत की बड़ी तैयारी की गई थी. पुतिन पालम एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री मोदी की कार पर एक साथ निकले। आस-पास की सड़कों पर रूसी झंडे और स्वागत बैनर लगे हुए थे. रात दोनों नेता प्राइवेट डिनर के लिए मोदी के सरकार आवास (7, लोककल्याण मार्ग) गए.
23 वां शिखर सम्मेलन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के मौके पर नई दिल्ली पहुंचे हैं. इसके अलावा इस यात्रा के दौरान वह भारत-रूस के 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. पिछला द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन रूस में हुआ था.
एनर्जी, डिफेंस और ट्रेड पर बातचीत
आज दोनों नेताओं के बीच बिज़नेस बातचीत होगी. इसमें एनर्जी, डिफेंस, ट्रेड और स्ट्रेटेजिक कोऑपरेशन सहित कई मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नेता के द्विपक्षीय बैठक में एनर्जी कॉरपोरेशन पर डील होने की संभावना है. इसके अलावा रूस का सबसे आधुनिक फाइटर जेट SU-57 स्टील्थ फाइटर पर डील हो सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का करिश्मा पूरी दुनिया ने देखा था. पुतिन के इस दौरे में संभावना है कि ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेडेशन पर भी बातचीत होगी. इसके अलावा सिक्योरिटी कॉरपोरेशन डील, लॉजिस्टिक सपोर्ट डिफेंस समझौता और मॉड्यूलर रिएक्टर सहित ऑयल सेक्टर पर बातचीत होगी.
यूक्रेन युद्ध के बाद पहला दौरा
फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूरी तरह से हमला करने के बाद यह पुतिन का भारत का पहला दौरा है. तब से, दुनिया भर के समीकरण बदल गए हैं और पुतिन ज़्यादातर दुनिया से अलग-थलग पड़ गए हैं. इस दौरान वे कम यात्रा करते हैं और सिर्फ भरोसेमंद सहयोगियों से मिलने जाते हैं.
वह आखिरी बार दिसंबर 2021 में युद्ध से दो महीने पहले, 21वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे. तब वह कोविड महामारी के बीच सिर्फ पांच घंटे ही यहां रूके थे. वह इनका बहुत ही छोटा दौरा था.
उस दौरे में दिल्ली और मॉस्को ने ट्रेड, एनर्जी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और शिक्षा सहित विभिन्न सेक्टरों में कई समझौतों पर साइन किया था. पुतिन के उस दौरे के दौरान दोनों देशों ने 10 साल के लिए डिफेंस कोऑपरेशन प्रोग्राम पर भी साइन किए थे. यह कोऑपरेशन प्रोग्राम 2031 तक चलेगा.
उस मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन अलग-अलग इंटरनेशनल समिट में एक-दूसरे से मिले हैं. पिछले साल ही भारतीय प्रधानमंत्री दोनों देशों के सालाना शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस गए थे.
राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर
आज सुबह रूस के राष्ट्रपति पुतिन सबसे पहले राष्ट्रपति भवन गए, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका औपचारिक स्वागत किया. दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अपने-अपने देश के गणमान्यों से एक-दूसरे का परिचय कराया. वहां से राष्ट्रपति पुतिन महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पहुंचे और वहां माला चढ़ाई. उसके बाद वे राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में भारत-रूस शिखर सम्मेलन शुरू हुआ. इस सम्मेलन में पुतिन के साथ आए डेलीगेशन भी हिस्सा ले रहे हैं. शाम चार बजे दोनों नेता भारत-रूस बीजेनस फोरम पर मीडिया को संबोधित करेंगे.
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