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UN में फिर उठा कश्मीर मुद्दा, भारत ने पाकिस्तान को दिया जवाब
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Saturday, September 26, 2026
Last Updated On: Saturday, September 26, 2026
UN General Assembly में कश्मीर मुद्दे पर फिर बयानबाजी तेज हुई. शहबाज शरीफ के बयान के बाद भारत ने पाकिस्तान के दावों और आतंकवाद पर दिया कड़ा जवाब. पढ़ें पूरी खबर
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Saturday, September 26, 2026
संयुक्त राष्ट्र (UN) महासभा में इस बार कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. इसकी शुरुआत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) के भाषण से पहले ही हो गई थी. 22 सितंबर को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने महासभा में दक्षिण एशिया के विवादों का जिक्र करते हुए कश्मीर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कश्मीर समेत विवादों को संयुक्त राष्ट्र(UN General Assembly) चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. भारत ने इस पर अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है.
एर्दोआन के बाद शहबाज ने उठाया कश्मीर
इसके कुछ दिन बाद 25 सितंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ(PM Shehbaz Sharif ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. उन्होंने अपने भाषण में कश्मीर को फिर प्रमुखता से उठाया. शहबाज ने दावा किया कि कश्मीर के लोग संयुक्त राष्ट्र से अपने भविष्य को लेकर किए गए वादे को पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं और इस मुद्दे के न्यायपूर्ण समाधान की बात कही.
शहबाज ने अपने भाषण में 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का भी जिक्र किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Trump) की कथित भूमिका को लेकर उनका धन्यवाद किया. हालांकि, भारत पहले भी 2025 के संघर्ष में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को खारिज करता रहा है.
अब भारत ने दिया जवाब
पाकिस्तान (Pakistan) के भाषण के बाद भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र (UN) में जवाब (India response on Kashmir) देने का अधिकार इस्तेमाल किया गया. भारत की स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है.
भारत ने यह भी कहा कि अगर कश्मीर(India response on Kashmir) की बात करनी है तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों की स्थिति पर भी चर्चा होनी चाहिए. भारत ने वहां मानवाधिकारों और हिंसा से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया.
आतंकवाद पर भारत की सीधी चेतावनी
भारत के जवाब का सबसे अहम हिस्सा आतंकवाद को लेकर था. पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा.
भारत की ओर से साफ कहा गया कि पाकिस्तान की तरफ से होने वाले आतंकवाद के लिए परिणाम भुगतने होंगे. अपने जवाब में गहलोत ने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान(Pakistan) में पाए जाने का भी जिक्र किया.
पाकिस्तान की राजनीति पर भी निशाना
भारत (India) ने सिर्फ कश्मीर और आतंकवाद तक अपना जवाब सीमित नहीं रखा. पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और धार्मिक असहिष्णुता से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया.
इस तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर की चर्चा एर्दोआन के बयान से शुरू होकर शहबाज शरीफ के भाषण तक पहुंची और फिर भारत के जवाब में इसका दायरा आतंकवाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति तक फैल गया.
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