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ट्रेड डील के बीच अमेरिका का यू-टर्न, भारत वाला नक्शा डिलीट, पीओके और अक्साई चिन पर फिर बहस
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 11, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
India US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा के बीच अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने ऐसा नक्शा पोस्ट किया, जिसमें पीओके और अक्साई चिन भारत का हिस्सा दिखाए गए. पोस्ट सामने आते ही विवाद बढ़ा और आखिरकार अमेरिका ने यू-टर्न लेते हुए वह नक्शा डिलीट कर दिया. इस घटना ने कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 11, 2026
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड बातचीत जब आखिरकार डील के मुकाम पर पहुंची, तो उम्मीद थी कि चर्चा टैरिफ कटौती और आर्थिक सहयोग पर ही रहेगी. लेकिन इसी बीच अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस की ओर से जारी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया. इस पोस्ट में भारत का ऐसा नक्शा साझा किया गया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर यानी पीओके और अक्साई चिन को भारत की सीमा के भीतर दिखाया गया था. यह नक्शा देखते ही सोशल मीडिया और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई.
ट्रेड डील के साथ पोस्ट हुआ विवादित नक्शा
यह नक्शा पिछले हफ्ते उस समय पोस्ट किया गया था, जब अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा की थी. आमतौर पर अमेरिका अपने आधिकारिक नक्शों में पीओके को अलग दिखाता रहा है, ताकि पाकिस्तान की आपत्तियों को संतुलित किया जा सके. लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई नजर आई. नक्शे में न तो पीओके को अलग रेखा से दर्शाया गया था और न ही अक्साई चिन को भारत से अलग दिखाया गया था. यही बात इस पोस्ट को असामान्य और चौंकाने वाली बना रही थी.
गलती या बदला हुआ रुख?
नक्शा सामने आते ही बहस शुरू हो गई कि यह एक तकनीकी गलती थी या फिर भारत-अमेरिका रिश्तों में किसी बड़े बदलाव का संकेत. कई जानकारों ने इसे भारत के प्रति अमेरिका के बदले हुए नजरिए के रूप में देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे जल्दबाज़ी में की गई चूक बताया. बहस तब और तेज हो गई, जब इस पोस्ट पर आधिकारिक तौर पर कोई सफाई तुरंत नहीं दी गई. हालांकि, कुछ ही समय बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने बिना किसी बयान के वह पोस्ट अपने एक्स अकाउंट से पूरी तरह हटा दी.
पहले से अलग था अमेरिकी नक्शों का रवैया
अब तक अमेरिका द्वारा जारी ज्यादातर आधिकारिक नक्शों में पीओके को अलग दिखाया जाता रहा है. यह तरीका दशकों से चला आ रहा था, ताकि कश्मीर मुद्दे पर किसी एक पक्ष का खुला समर्थन न दिखे. लेकिन हटाए गए नक्शे में ऐसी कोई सावधानी नजर नहीं आई. सभी विवादित क्षेत्र भारत की सीमा में दिखाए गए थे, जिससे यह पोस्ट सामान्य सरकारी लाइन से अलग दिखी. यही वजह है कि पोस्ट डिलीट होने के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए.
टैरिफ में राहत और रिश्तों में नई गर्मजोशी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील अपने आप में बड़ी खबर रही. कुछ समय पहले तक दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनातनी का माहौल था. अब अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. यह दर एशियाई देशों में सबसे कम मानी जा रही है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है और आर्थिक रिश्तों में मजबूती के संकेत मिलते हैं.
अक्साई चिन और चीन का पुराना विवाद
हटाए गए नक्शे में अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया था. यह इलाका पूर्वी लद्दाख में स्थित है, जिस पर चीन लंबे समय से दावा करता रहा है. भारत हमेशा से अक्साई चिन को अपना अभिन्न अंग मानता आया है और चीन के दावों का विरोध करता रहा है. ऐसे में अमेरिकी नक्शे में अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया जाना भी कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना गया.
भारत का स्पष्ट और अडिग रुख
भारत पहले भी कई बार साफ कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है. विदेश मंत्रालय लगातार अमेरिका समेत अन्य देशों को इस बात की याद दिलाता रहा है कि भारत की सीमाओं को गलत तरीके से दिखाना स्वीकार्य नहीं है. खासतौर पर जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश जैसे मुद्दों पर भारत ने हमेशा कड़ा रुख अपनाया है. नक्शा कांड पर पोस्ट हटाया जाना भले ही विवाद को फिलहाल शांत करता दिखे, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि नक्शों की राजनीति आज भी अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में बड़ी भूमिका निभाती है.
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