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9 जुलाई को नीतीश सरकार के खिलाफ हल्ला बोल, क्यों उठाना पड़ा तेजस्वी यादव को ऐसा कदम
Authored By: सतीश झा
Published On: Monday, July 7, 2025
Last Updated On: Friday, July 25, 2025
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने 9 जुलाई को नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार के खिलाफ हल्ला बोल का ऐलान किया है. यह कदम उन्होंने ऐसे समय में उठाया है जब राज्य में अपराध, बेरोजगारी और प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर जनता में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, July 25, 2025
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का यह हल्ला बोल केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और विपक्ष अब चुप बैठने को तैयार नहीं. आने वाले समय में यह आंदोलन राज्य की राजनीति की दिशा और दशा दोनों तय कर सकता है. तेजस्वी यादव ने कहा, “9 तारीख को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और हम दोनों मिलकर चक्का जाम करेंगे. बिहार में जिस तरह से गरीबों के अधिकार, मत का अधिकार छीना जा रहा है, हम उनके हक के लिए सड़कों पर उतरेंगे. ट्रेड यूनियनों का भी पूरा समर्थन रहेगा.”
क्यों उठाना पड़ा तेजस्वी को यह कदम?
तेजस्वी यादव के इस आक्रामक रुख के पीछे कई अहम कारण हैं:
- बढ़ता अपराध: हाल के दिनों में बिहार में अपराध की घटनाओं में तेजी आई है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अपराधी बेलगाम हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.
- बेरोजगारी और आर्थिक संकट: युवा वर्ग रोजगार की तलाश में भटक रहा है. सरकार द्वारा स्थायी नौकरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
- लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले का आरोप: तेजस्वी ने कहा कि राज्य सरकार मताधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने की कोशिश कर रही है.
- व्यवसायियों और आम नागरिकों की असुरक्षा: तेजस्वी ने कहा कि राज्य में कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं है — न डॉक्टर, न इंजीनियर, न किसान और न ही व्यवसायी.
- जेलों की स्थिति और पैरोल नीति पर सवाल: तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अपराधियों को बचाने के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं. पैरोल का दुरुपयोग हो रहा है.
अपराध और कानून व्यवस्था पर नीतीश सरकार को घेरा
तेजस्वी ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “अपराधी बेलगाम हैं, नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने अपनी नैतिकता बेच दी है. अपराधियों ने उसे खरीद लिया है. इसीलिए मुख्यमंत्री अब तक बिहार में बढ़ते अपराधों पर एक शब्द तक नहीं बोल पाए हैं.”
तेजस्वी ने दावा किया, “जब भी भाजपा सत्ता में आती है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होते हैं, तब अपराधियों को रिहा करने के लिए नए कानून बनाए जाते हैं. उन्हें पैरोल पर छोड़ा जाता है. तेजस्वी ने कहा कि व्यवसायी बिहार छोड़ने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और राज्य को एक “निकम्मी सरकार” से छुटकारा चाहिए.
क्या असर होगा इस आंदोलन का?
9 जुलाई को होने वाला यह चक्का जाम विपक्ष के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. इस आंदोलन में ट्रेड यूनियनों और अन्य विपक्षी दलों के भी शामिल होने की संभावना है. राजद (RJD) इसे जन आंदोलन की शक्ल देने की तैयारी में है, जबकि नीतीश सरकार इसको राजनीतिक स्टंट करार दे रही है.
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