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बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था, विपक्षी नेताओं ने कहा – फैला असली जंगलराज, मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में
Authored By: सतीश झा
Published On: Thursday, July 17, 2025
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य में आपराधिक घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार "अचेत अवस्था" में हैं.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Thursday, July 17, 2025
Bihar Law and Order: तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने आरोप लगाया कि बिहार में वकील, डॉक्टर, इंजीनियर और नेताओं तक की हत्या हो रही है. यहां तक कि पुलिसकर्मियों की भी हत्या हो रही है. लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है. अपराधी सड़कों पर घूम रहे हैं और सरकार उन्हें पाताल में ढूंढने का नाटक कर रही है.” उन्होंने आगे कहा, “यह असली जंगलराज है. जो लोग झूठा प्रचार करते हैं, उन्हें अपने शासनकाल में झांककर देखना चाहिए कि राज्य में क्या हो रहा है. आज बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है.”
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में लगातार हत्या, लूट और अपहरण की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम जनता में भय और आक्रोश का माहौल है.
बेहद दुखद घटना है, जल्द पकड़ेंगे अपराधियों को : DGP विनय कुमार
राजधानी पटना के पारस अस्पताल में हुए सनसनीखेज गोलीकांड को लेकर बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने शुक्रवार को गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने इसे “बहुत दुखद” बताते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है. DGP विनय कुमार ने कहा, “पारस अस्पताल पटना का एक प्रतिष्ठित अस्पताल है और वहां इस तरह की वारदात होना बेहद चिंताजनक है. यह घटना अस्पताल परिसर के भीतर हुई है, इसलिए हम अस्पताल की सुरक्षा-व्यवस्था का भी गहन विश्लेषण करेंगे कि ऐसी चूक कैसे हुई.”
उन्होंने बताया कि गोलीकांड में मारा गया शख्स पैरोल पर छूटा हुआ एक दुर्दांत अपराधी था. DGP ने कहा, “मृतक के खिलाफ हत्या के कई संगीन मामले दर्ज हैं. उसे पहले फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया था.”
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
DGP ने स्पष्ट किया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता इस घटना में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है. उन्होंने कहा कि जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
एडीजी कुंदन कृष्णन का विवादित बयान बना है चर्चा का केंद्र
बिहार में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच एडीजी (ADG)(मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने गुरुवार को एक चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में अप्रैल से जून के बीच किसानों के पास कोई विशेष कार्य नहीं होता, जिस कारण इस दौरान आपराधिक घटनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बरसात का मौसम खत्म होते ही किसान खेती-बाड़ी में लग जाएंगे और अपराध की घटनाएं कम हो जाएंगी.
यह बयान उसी दिन सामने आया जब पटना के एक निजी अस्पताल में पैरोल पर बाहर आए एक दुर्दांत अपराधी की अस्पताल के अंदर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि एडीजी के बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका दे दिया है.
मई-जून में किसान सबसे व्यस्त, अपराध से जोड़ना गलत
भारतीय किसान संघ के मंडल उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने कहा कि मई और जून किसानों के लिए सबसे व्यस्त महीने होते हैं. इस दौरान किसान बागों की देखभाल और धान की बुवाई जैसे कार्यों में पूरी तरह से लगे रहते हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को इन महीनों में समय ही नहीं मिलता कि वे किसी अन्य गतिविधि में शामिल हो सकें. ऐसे में हालिया अपराधों को किसानों की बेरोजगारी से जोड़ना पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है.
विपक्षी दलों ने इस बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार अपराध पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल हो चुकी है और अब प्रशासन अपराध के लिए मौसम और बेरोजगारी को दोषी ठहरा रहा है.















