पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटर घोटाला? सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, July 30, 2025
Last Updated On: Wednesday, July 30, 2025
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बवाल मच गया है. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में भारी गड़बड़ियां हो रही हैं. उनका दावा है कि फॉर्म 6 के निस्तारण में नियमों की अनदेखी कर फर्जी नाम जोड़े गए हैं. अधिकारी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी, बीएलओ पर दबाव और अयोग्य कर्मियों को ज़िम्मेदारी सौंपने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की तत्काल जांच की मांग की है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, July 30, 2025
क्या लोकतंत्र सिर्फ वोट डालने का नाम है, (West Bengal Fake Voter Scam) या उसकी आत्मा निष्पक्षता में बसती है? जब मतदाता सूची ही सवालों के घेरे में आ जाए, तो लोकतंत्र की नींव हिलती है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया है. क्योंकि आरोप छोटे नहीं हैं, सीधे-सीधे चुनावी व्यवस्था को “हाईजैक” करने के हैं. सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की सरकार पर जो तीर चलाए हैं, वो सिर्फ सियासी नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए चेतावनी जैसे हैं. फर्जी वोटर जोड़ने का खेल, नियमों को ताक पर रखकर चुनावी प्रक्रिया को गुमराह करने का आरोप, क्या वाकई बंगाल की चुनावी मशीनरी में सेंध लग चुकी है? इस पूरे मामले के पीछे क्या है सच्चाई और कितना है सियासी शोर? आइए, जानें इस तूफान के पीछे का पूरा सच.
सुवेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर बड़ा हमला
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करने और चुनावी व्यवस्था को भ्रष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है. सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी जिला चुनाव अधिकारियों (जिलाधिकारियों) को भेजे गए एक ताजा मेमो में यह खुलासा हुआ है कि फॉर्म 6 के निस्तारण में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं.
सोशल मीडिया पर फॉर्म 6 घोटाले का दावा
सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, “मुख्य निर्वाचन अधिकारी के इस पत्र में बताया गया है कि सैंपल जांच में यह पाया गया कि मतदाता अधिनियम, 1960 का पालन नहीं किया गया. फॉर्म 6 की कई आवेदनों को बिना उचित सत्यापन के स्वीकार कर लिया गया, जिससे मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े गए.”
फॉर्म 6 में फर्जी नाम जोड़ने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) से जल्दबाजी में दस्तावेज इकट्ठा करवाए गए, जबकि निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ईआरओ), जो पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी हैं ने अनधिकृत रूप से सहायक निर्वाचन अधिकारी (एईआरओ), बीडीओ कार्यालयों में पदस्थ ओसी इलेक्शन और कैजुअल डाटा एंट्री ऑपरेटरों को मतदाता सूची से जुड़ा कार्य सौंप दिया. इन अनुबंधित कर्मियों को फॉर्म 6, 7, 8 सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है.
भ्रष्टाचार की जड़ में ममता सरकार की भूमिका
अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह सब ममता बनर्जी के शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहराई को दर्शाता है. फर्जी मतदाताओं को जोड़ना, रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने के लिए बीएलओ पर दबाव बनाना और बिना योग्यता वाले लोगों को मतदाता सूची का काम सौंपना, हर नागरिक के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में भाग लेने के अधिकार पर हमला है. उन्होंने इस पूरे मामले की तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
सुवेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि मैं तत्काल जांच और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करता हूं. पश्चिम बंगाल सरकार का प्रशासन व्यवस्था में हेराफेरी कर रहा है. अब समय आ गया है कि सब कुछ व्यवस्थित किया जाए.
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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