Special Coverage
पुतिन ने PM नरेंद्र मोदी और भारत से रिश्तों पर क्या कहा? जानिए 10 बड़े खुलासे
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, December 5, 2025
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
भारत-रूस रिश्तों पर पुतिन ने आजतक को दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए. भूमिका ही ऐसी थी कि शुरुआत से लगा मानो दो देशों की नहीं, दो पुराने दोस्तों की कहानी चल रही हो. पुतिन ने पीएम नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता, भारत की बढ़ती ताकत, भारतीय संस्कृति की जादुई छवि और दोनों देशों की टेक्नोलॉजी, रक्षा और अर्थव्यवस्था में गहराती साझेदारी पर खुलकर बात की. यह इंटरव्यू भारत-रूस संबंधों का असली तापमान दिखाता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, December 5, 2025
Putin Modi India Relations: भारत-रूस संबंध हमेशा से दुनिया की राजनीति में मज़बूत स्तंभ की तरह रहे हैं, लेकिन मॉस्को के क्रेमलिन में आजतक को दिए व्लादिमीर पुतिन के इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू ने इन रिश्तों को एक नई रोशनी में पेश कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, भारत की बढ़ती शक्ति और दोनों देशों की दोस्ती पर पुतिन ने खुलकर बात की. आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा-10 अहम बिंदुओं में.
1. “मोदी किसी के दबाव में नहीं आते”-पुतिन की बेबाक टिप्पणी
पुतिन ने साफ कहा कि आज का भारत पहले जैसा नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी ताकतों में गिना जाता है. उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी वैश्विक दबावों में झुकने वाले नेता नहीं हैं. उनके मुताबिक, भारत की विदेश नीति अब ‘निर्भीक और स्वतंत्र’ है, और हर बड़ा देश इसे समझ चुका है. पुतिन ने यह भी जोड़ा कि मोदी न टकराव चाहते हैं और न झुकाव-उनका रुख संतुलित और दृढ़ है.
2. भारतीय संस्कृति पर पुतिन का दिल छू लेने वाला बयान
जब भारतीय संस्कृति पर उनकी राय पूछी गई तो पुतिन भावुक हो उठे. उन्होंने कहा कि रूसी समाज के दिलों में भारत की संस्कृति एक ‘परीकथा’ की तरह बसती है-रंगों से भरी, संगीत से सज्जित और आत्मा को छू लेने वाली. सोवियत काल से ही रूस में भारतीय फ़िल्में, संगीत और परंपराएं बेहद लोकप्रिय हैं. उन्होंने कहा, “यह रिश्ता दिल से दिल का है… और इसकी चमक कभी कम नहीं होगी.”
3. “भारत बहुत खुशकिस्मत है कि उसके पास मोदी जैसा नेता है”
किस भारतीय प्रधानमंत्री ने रिश्तों को सबसे मज़बूत बनाया? इस सवाल पर पुतिन ने कहा कि नरेंद्र मोदी के साथ उनका रिश्ता भरोसे और दोस्ती पर आधारित है. पुतिन के शब्दों में-मोदी सच्चे, निर्णायक और भरोसेमंद हैं. उन्होंने कहा कि भारत सच में भाग्यशाली है कि उसे ऐसा नेतृत्व मिला है, जो हर मोर्चे पर देश को ऊपर उठाना चाहता है.
4. रुपये-रूबल व्यापार पर-“रोक नहीं, संतुलन चाहिए”
व्यापार को लेकर पुतिन ने स्पष्ट किया कि रुपये-रूबल लेनदेन पर कोई रोक नहीं है. असली चुनौती व्यापार का असंतुलन है, जिसे सुधारने की ज़रूरत है. उन्होंने बताया कि भारत को तेल व उर्वरक की बड़ी मात्रा चाहिए, इसलिए भुगतान का तरीका बाधा नहीं, सहमति का विषय है. रूस ने अपने अधिकारियों को भारत से आयात बढ़ाने का निर्देश भी दिया है.
5. आतंकवाद पर भारत के साथ कंधे से कंधा
भारत में आतंकवाद की चुनौतियों पर पुतिन ने दो टूक कहा कि आजादी के नाम पर हिंसा को समर्थन नहीं दिया जा सकता. रूस खुद आतंकवाद से पीड़ित रहा है, इसलिए मॉस्को हमेशा दिल्ली के साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने कानूनी और संवैधानिक तरीकों से संघर्ष का समर्थन किया.
6. भारत-चीन तनाव पर-“दोनों हमारे करीबी मित्र हैं”
भारत-चीन रिश्तों पर पुतिन ने कहा कि दोनों उनके सबसे करीबी साझेदार हैं, और रूस किसी द्विपक्षीय मुद्दे में दखल नहीं देना चाहता. उन्होंने विश्वास जताया कि मोदी और जिनपिंग किसी न किसी समाधान तक ज़रूर पहुंचेंगे, क्योंकि दोनों ही तनाव को खत्म करना चाहते हैं.
7. हथियार नहीं, टेक्नोलॉजी भी-भारत रूस का सबसे भरोसेमंद साथी
रक्षा सहयोग पर पुतिन ने कहा कि भारत सिर्फ रूसी हथियार नहीं खरीदता, बल्कि तकनीक भी साझा की जा रही है-जो दुनिया में कम ही देशों को मिलती है.
उन्होंने बताया कि भारत-रूस मिलकर मिसाइल, जहाज़, एयरक्राफ्ट और टैंक तक बना रहे हैं. टी-90 टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल और कलाश्निकोव के ‘मेक इन इंडिया’ मॉडल की उन्होंने विशेष तारीफ की.
8. “भारत की 7.7% विकास दर मोदी की बड़ी उपलब्धि”
पुतिन ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना की. उन्होंने कहा कि 150 करोड़ की आबादी के बावजूद 7.7% की विकास दर किसी चमत्कार से कम नहीं. यह न सिर्फ मोदी की उपलब्धि है, बल्कि हर भारतीय के आत्मविश्वास का प्रतीक है.
9. स्पेस से न्यूक्लियर टेक तक-भविष्य की साझेदारी पर बड़ा संकेत
रूस-भारत सहयोग सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं है. पुतिन के अनुसार दोनों देश स्पेस टेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर ऊर्जा, शिप व एयरक्राफ्ट निर्माण और AI जैसे भविष्य की तकनीकी क्षेत्रों में गहराई से साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में भारत-रूस साझेदारी नई ऊंचाइयों पर जाएगी.
10. पुतिन-मोदी कार राइड-दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक
इंटरव्यू के अंत में पुतिन ने शंघाई में मोदी के साथ कार यात्रा का किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि यह किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं था-दोस्तों की तरह साथ चलने का सामान्य भाव था. दोनों इतने मग्न होकर बातचीत कर बैठे कि उन्हें याद ही नहीं रहा कि लोग इंतजार कर रहे होंगे. यह वाकया दोनों नेताओं की निजी ट्यूनिंग और सहज मित्रता को दर्शाता है.
यह भी पढ़ें :- क्या भारत में बनेगा S-500 एयर डिफेंस सिस्टम? जानिए क्यों इसे S-400 का ‘स्पेस वर्जन’ कहा जाता है















