80s की वो सुपरस्टार जिसने बोल्ड सीन्स से बदली सिनेमा की सोच, 180 फिल्मों में रचा इतिहास
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, January 3, 2026
Updated On: Saturday, January 3, 2026
आज के दौर में जब इंटीमेट सीन्स को लेकर कई अभिनेत्रियां संकोच करती हैं, तब 80 के दशक की एक लेडी सुपरस्टार ने इस सोच को पूरी तरह तोड़ दिया था. उस समय, जब सिनेमा और समाज दोनों सीमाओं में बंधे थे, उन्होंने बिना झिझक बोल्ड किरदार निभाए. 180 से ज्यादा फिल्मों का उनका सफर, आत्मविश्वास, प्रोफेशनलिज्म और बेखौफ अभिनय की मिसाल बन गया.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Saturday, January 3, 2026
Rekha Superstar of 80s: आज के दौर में जब फिल्मों और ओटीटी पर किसिंग और इंटीमेट सीन्स आम बात हो चुके हैं, तब भी कई एक्ट्रेसेज़ ऐसे सीन करने से बचती नजर आती हैं. लेकिन अगर पीछे मुड़कर 80 के दशक को देखें, तो उस समय एक ऐसी अभिनेत्री भी थी, जिसने बोल्ड सीन को कभी टैबू नहीं माना. उस दौर में जब समाज और सिनेमा दोनों ही ज्यादा संकोची थे, तब इस एक्ट्रेस ने अपने आत्मविश्वास और प्रोफेशनल सोच से सबको चौंका दिया.
बचपन से कैमरे का सामना, पांच दशकों का सफर
इस लेख में जिस अभिनेत्री की बात हो रही है, वह कोई और नहीं बल्कि दिग्गज अदाकारा रेखा हैं. रेखा ने 60 के दशक में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में कदम रखा और धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं. करीब पांच दशकों के लंबे करियर में उन्होंने 180 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. इस दौरान उन्होंने हर तरह के किरदार निभाए- संजीदा, ग्लैमरस, बोल्ड और चुनौतीपूर्ण.
बोल्डनेस को लेकर कभी नहीं हिचकी रेखा
80 के दशक में जब इंटीमेट सीन्स को लेकर काफी झिझक होती थी, उस समय रेखा ने कई फिल्मों में ऐसे सीन दिए, जिनकी खूब चर्चा हुई. उन्होंने कभी भी अपने किरदार की मांग से पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना. उनके लिए बोल्ड सीन सनसनी नहीं, बल्कि अभिनय का हिस्सा थे. यही वजह थी कि वह अपने समय से काफी आगे की एक्ट्रेस मानी जाती थीं.
‘उत्सव’ और शेखर सुमन का अनुभव
साल 1984 में आई फिल्म ‘उत्सव’ रेखा के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही. इसी फिल्म से शेखर सुमन ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था. फिल्म में दोनों के बीच कई इंटीमेट सीन्स थे, जिन्हें लेकर खूब बातें हुईं. बाद में एक इंटरव्यू में शेखर सुमन ने रेखा की जमकर तारीफ की और कहा कि वह बेहद प्रोफेशनल हैं और अपने काम में सौ प्रतिशत देती हैं.
प्रोफेशनलिज्म ही थी रेखा की सबसे बड़ी ताकत
शेखर सुमन के मुताबिक, रेखा कभी भी इंटीमेट सीन को लेकर नर्वस नहीं होती थीं. उनके लिए कैमरे के सामने किरदार निभाना सबसे जरूरी था. उम्र में उनसे छह साल छोटे अभिनेता के साथ भी उन्होंने बिना किसी झिझक के सीन किए. यह उनके आत्मविश्वास और अपने काम के प्रति समर्पण को दिखाता है, जिसने उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाया.
ओम पुरी और अक्षय कुमार संग भी दिखा बोल्ड अंदाज
रेखा का बोल्ड अवतार सिर्फ ‘उत्सव’ तक सीमित नहीं रहा. साल 1997 में आई फिल्म ‘आस्था’ में उन्होंने अभिनेता ओम पुरी के साथ भी बेहद साहसी भूमिका निभाई. इसके अलावा अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ का मशहूर गाना ‘इन द नाइट्स’ आज भी लोगों को याद है. उस गाने में रेखा का अंदाज अपने समय से काफी आगे माना गया.
आज भी मिसाल हैं रेखा
रेखा सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक दौर की सोच का प्रतिनिधित्व करती हैं. उन्होंने साबित किया कि बोल्ड होना अश्लील नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और किरदार की समझ का नाम है. 80 के दशक में 180 फिल्मों का सफर तय करना और हर रोल में खुद को ढाल लेना, यह बताता है कि रेखा क्यों आज भी हिंदी सिनेमा की लेडी सुपरस्टार कही जाती हैं.
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