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हरिद्वार आने वाले वाहन हो जाएं सावधान! नियम तोड़ा तो तय है सख्त कार्रवाई
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, January 16, 2026
Last Updated On: Friday, January 16, 2026
Haridwar : हरिद्वार को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं. अब हरिद्वार में चलने वाले सभी वाहनों में गार्बेज बैग या कूड़ेदान रखना अनिवार्य होगा. सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर चालान और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. तीर्थ यात्रियों, पर्यटक और निजी वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, January 16, 2026
Haridwar: हरिद्वार, जिसे देवभूमि और आस्था की राजधानी कहा जाता है, अब स्वच्छता को लेकर और ज्यादा सख्त हो गया है. गंगा नगरी की पवित्रता और सुंदरता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. अब हरिद्वार में प्रवेश करने वाले और यहां चलने वाले सभी वाहनों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं. इन नियमों का पालन न करने वालों पर न सिर्फ जुर्माना लगेगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. ऐसे में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय वाहन चालक सतर्क हो जाएं.
स्वच्छ हरिद्वार के लिए प्रशासन की सख्ती
हरिद्वार जिले को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान का मुख्य मकसद सड़क, सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों पर फैलने वाले कचरे पर पूरी तरह रोक लगाना है. प्रशासन का मानना है कि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले शहर में अगर समय रहते सख्ती न की जाए, तो स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा.
अब हर वाहन में कूड़ेदान या गार्बेज बैग अनिवार्य
इस अभियान के तहत परिवहन विभाग ने एक अहम फैसला लिया है. अब हरिद्वार में चलने वाले सभी वाहनों में गार्बेज बैग या छोटा कूड़ेदान रखना अनिवार्य कर दिया गया है. चाहे वह निजी वाहन हो, टैक्सी हो, बस हो या पर्यटक वाहन हर किसी को इस नियम का पालन करना होगा. यात्रा के दौरान निकलने वाला कचरा वाहन में ही सुरक्षित रखना होगा और उसे निर्धारित स्थान पर ही फेंकना होगा.
सड़क पर कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित
परिवहन विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि वाहन संचालन के दौरान सड़क, सार्वजनिक स्थलों या खुले स्थानों पर किसी भी प्रकार का कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. अगर कोई चालक या यात्री ऐसा करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जिले के सभी वाहन चालकों और वाहन स्वामियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
तीर्थ यात्रियों और पर्यटक वाहनों पर खास नजर
हरिद्वार एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए तीर्थ यात्रियों के वाहनों, टूरिस्ट बसों और टैक्सियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. प्रशासन चाहता है कि आस्था के साथ-साथ स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि हरिद्वार की छवि और गरिमा बनी रहे.
नियम तोड़ा तो कटेगा चालान, होगी वैधानिक कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा ने जानकारी दी है कि इस अभियान के तहत नियमित जांच और निगरानी की जाएगी. परिवहन विभाग की टीमें प्रमुख मार्गों, हर की पौड़ी, तीर्थ स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाएंगी. जांच के दौरान अगर किसी वाहन में गार्बेज बैग नहीं मिला या सड़क पर कचरा फेंकने की शिकायत पाई गई, तो संबंधित चालक का चालान किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है.
प्रशासन की अपील: स्वच्छता सबकी जिम्मेदारी
प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन नियमों का ईमानदारी से पालन करें. स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है. अगर हर व्यक्ति थोड़ा-सा जिम्मेदार बन जाए, तो हरिद्वार को साफ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखना मुश्किल नहीं होगा. स्वच्छ हरिद्वार ही सच्चे अर्थों में देवभूमि की गरिमा को बनाए रख सकता है.
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