पटना NEET छात्रा हत्या: तेजस्वी यादव, रोहिणी और पप्पू ने उठाए सवाल, 127 पन्नों की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, January 19, 2026

Last Updated On: Monday, January 19, 2026

Patna NEET Student Murder केस में 127 पन्नों की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग होने पर तेजस्वी यादव, रोहिणी और पप्पू यादव ने गंभीर सवाल उठाए.
Patna NEET Student Murder केस में 127 पन्नों की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग-अलग होने पर तेजस्वी यादव, रोहिणी और पप्पू यादव ने गंभीर सवाल उठाए.

Patna Neet Student Murder: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा की मौत ने बिहार में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा. मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जबकि विपक्ष और सांसद सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Monday, January 19, 2026

Patna Neet Student Murder: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली 17 वर्षीय NEET की छात्रा की मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है. बच्ची अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी और उसे इलाज के लिए तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया. परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ रेप हुआ और इस कारण उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया. हॉस्टल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगे कि उन्होंने जानबूझकर सीसीटीवी फुटेज मिटा दिए. इस घटना ने न केवल बिहार के शिक्षा और सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़ा किया है, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता को भी उजागर किया है.

तेजस्वी यादव का निशाना: सरकार पर संरक्षण का आरोप

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना पर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार की वर्तमान नीतीश सरकार नाबालिग बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं पर जुल्म ढा रही है. उनका कहना है कि सरकार अत्याचारियों, अपराधियों और बलात्कारियों का संरक्षण कर रही है. तेजस्वी ने मधेपुरा, खगड़िया और पटना में हुई क्रूरतापूर्ण घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह सरकार निर्मम और अमानवीय हो चुकी है. उनका सवाल है कि क्या पीड़ितों का दुःख बांटना और उनके अधिकारों की रक्षा करना अपराध है.

पुलिस की लापरवाही और विधि व्यवस्था का हश्र

तेजस्वी यादव ने बिहार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पटना और खगड़िया में पीड़ितों की आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया जाता है, जबकि अपराधियों को सुरक्षा दी जाती है. उनका आरोप है कि बिहार में विधि व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और मुख्यमंत्री की चुप्पी आपराधिक है. सत्ता प्रायोजित और सत्ता संरक्षित अपराधी लगातार समाज में भय का माहौल बना रहे हैं.

रोहिणी आचार्य का सवाल: कब मिलेगा न्याय?

लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल उठाए कि हॉस्टल में हुई बेटी की मौत में आरोपी कब गिरफ्तार होंगे. उन्होंने लिखा कि हॉस्टल संचालक और उनके परिवार, साथ ही प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उनका सवाल है कि क्या सरकार मामले को मैनेज करने और रसूखदार आरोपियों को बचाने में लगी हुई है. रोहिणी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि वे खुद मॉनीटरिंग करें और जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करें.

पप्पू यादव की मांग: CBI जांच

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी मामले पर गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा और सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने लिखा कि हॉस्टल रैकेट उन्मूलन और राष्ट्रीय छात्रावास मानदंड के निर्माण के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है. पप्पू यादव ने यह पत्र बिहार के मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव को भी भेजा. उनका मानना है कि केवल स्थानीय पुलिस जांच पर्याप्त नहीं है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए.

अस्पताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास

मृतक छात्रा की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी विरोधाभास पाया गया है. मेडिकल रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट में चोट का जिक्र नहीं था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट और सूजन दर्ज की गई. यही कारण है कि पुलिस ने शुरुआत में यौन शोषण की आशंका को नकार दिया. रिपोर्टों के अंतर ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर लीपापोती की गई.

निष्कर्ष: बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर संकट

इस पूरी घटना ने बिहार में नाबालिग लड़कियों और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा किया है. तेजस्वी यादव, रोहिणी आचार्य और पप्पू यादव सभी ने सरकार और पुलिस की लापरवाही पर चिंता व्यक्त की है. अब जनता, विपक्ष और राष्ट्रीय मीडिया की निगाहें इस घटना और न्याय प्रक्रिया पर टिकी हैं. यदि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह बिहार में लड़कियों और महिलाओं के प्रति सरकारी असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाएगा.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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