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टी20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग पर संकट? BCCI ने अफवाहों पर दिया साफ और बड़ा बयान
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, January 29, 2026
Last Updated On: Thursday, January 29, 2026
टी20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर उठ रही अटकलों पर BCCI ने साफ रुख अपनाया है. टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के बावजूद बोर्ड ने किसी भी तरह की कोचिंग बदलाव की खबरों को खारिज किया है. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि फैसले अफवाहों या दबाव में नहीं, बल्कि विशेषज्ञ समितियों द्वारा तय प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, January 29, 2026
Gautam Gambhir Coaching Crisis: गौतम गंभीर के भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनने के बाद टीम इंडिया ने ऐसे उतार-चढ़ाव देखे, जो पहले कभी नहीं दिखे थे. एक तरफ ऐतिहासिक उपलब्धियां रहीं, तो दूसरी तरफ कुछ ऐसी हारें भी आईं, जिन्होंने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स को चौंका दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में वाइटवॉश, टेस्ट क्रिकेट में भारत का अब तक का सबसे कम स्कोर 46 रन, 408 रन की सबसे बड़ी टेस्ट हार और 27 साल बाद श्रीलंका से वनडे सीरीज हार – इन सब नतीजों ने गंभीर की कोचिंग पर सवाल खड़े कर दिए.
उपलब्धियां भी कम नहीं रहीं
हालांकि सिर्फ हार की तस्वीर देखना पूरी कहानी नहीं है. गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए. कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला, टीम ने आक्रामक क्रिकेट खेला और कुछ फॉर्मेट में दबदबा भी बनाया. इसके बावजूद, टेस्ट क्रिकेट में लगातार खराब प्रदर्शन के कारण आलोचना रुकने का नाम नहीं ले रही थी.
कोच हटाने की मांग और अफवाहें
हर बड़ी हार के बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक, गौतम गंभीर को कोच पद से हटाने की मांग तेज होती गई. कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि टेस्ट टीम के लिए अलग कोच नियुक्त किया जाना चाहिए. इसी बीच ऐसी खबरें भी सामने आईं कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के बाद गंभीर के भविष्य पर BCCI बड़ा फैसला ले सकती है. इन अटकलों ने फैंस के बीच बेचैनी और बढ़ा दी.
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने तोड़ी चुप्पी
इन सभी चर्चाओं और अफवाहों पर आखिरकार BCCI ने साफ-साफ जवाब दे दिया. स्पोर्टस्टार को दिए इंटरव्यू में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन फैसले भावनाओं पर नहीं, सिस्टम के तहत लिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हर कोई अपनी राय रख सकता है और क्रिकेट में तो हर व्यक्ति खुद को एक्सपर्ट मानता है.
“फैसले सोशल मीडिया पर नहीं होते”
देवजीत सैकिया ने साफ किया कि बोर्ड के पास एक समर्पित क्रिकेट समिति है, जिसमें अनुभवी पूर्व क्रिकेटर्स शामिल हैं. कोच, चयन और टीम से जुड़े सभी अहम फैसले वही समिति और पांच सदस्यीय चयनकर्ता मंडल लेते हैं. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, मीडिया डिबेट्स या व्यक्तिगत राय के आधार पर कोई भी बड़ा फैसला नहीं किया जाता.
मनोज तिवारी के बयान से बढ़ी बहस
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी गौतम गंभीर के भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय टीम 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने में नाकाम रहती है, तो बोर्ड को कोच को हटाने जैसा कड़ा और मुश्किल फैसला लेना चाहिए. उनके इस बयान के बाद कोचिंग को लेकर बहस और तेज हो गई.
टी20 वर्ल्ड कप 2027 पर होंगी निगाहें
टी20 वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा. इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें चार ग्रुप्स में बांटा गया है. यह टूर्नामेंट गौतम गंभीर के कोचिंग करियर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
निष्कर्ष: अभी कोई खतरा नहीं
फिलहाल BCCI के रुख से इतना साफ है कि गौतम गंभीर की कोचिंग पर कोई तात्कालिक खतरा नहीं है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि फैसले प्रदर्शन, प्रक्रिया और विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही लिए जाएंगे, न कि अफवाहों और दबाव में. अब आने वाले बड़े टूर्नामेंट ही तय करेंगे कि गंभीर का भविष्य किस दिशा में जाता है.
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