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शेख हसीना से कथित फोन कॉल के बाद बांग्लादेश में सियासी भूचाल, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 24, 2026
Last Updated On: Friday, July 24, 2026
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया, लेकिन शेख हसीना से कथित फोन संपर्क के विवाद ने इस फैसले को और चर्चा में ला दिया. अब देश की राजनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 24, 2026
Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा होने से करीब दो वर्ष पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत स्पीकर को हस्ताक्षरित इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया. हालांकि राष्ट्रपति ने अपने फैसले की वजह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे हालिया विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है. उनके इस्तीफे ने बांग्लादेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.
फोन कॉल विवाद ने बढ़ाया सियासी दबाव
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पिछले कुछ दिनों से एक कथित फोन कॉल को लेकर चर्चा में थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2026 में इलाज के लिए लंदन प्रवास के दौरान उन्होंने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से संपर्क करने की कोशिश की थी. हालांकि इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक विवाद तेज हो गया. मौजूदा सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस कथित संपर्क को राजनीतिक निष्ठा से जोड़कर सवाल उठाए, जिसके बाद राष्ट्रपति पर इस्तीफा देने का दबाव लगातार बढ़ता गया.
शेख हसीना की वापसी की घोषणा से बढ़ी हलचल
राजनीतिक माहौल उस समय और गर्म हो गया जब शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई. सत्ता परिवर्तन के बाद वह भारत में रह रही हैं और उन्होंने दिसंबर 2026 में स्वदेश लौटने की बात कही है. माना जा रहा है कि इसी घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति और शेख हसीना के कथित संपर्क की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया. बांग्लादेश में इस समय बीएनपी की सरकार है और प्रधानमंत्री तारिक रहमान हैं, जबकि शेख हसीना और बीएनपी लंबे समय से एक-दूसरे के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं.
स्वास्थ्य कारण बताया, लेकिन उठते रहे सवाल
इस्तीफे के बाद जब राष्ट्रपति से फैसले की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वह कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया. उन्होंने इससे अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से भी पुष्टि की गई कि स्पीकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वास्थ्य कारणों के साथ-साथ हाल के विवादों ने भी इस फैसले को प्रभावित किया हो सकता है.
कौन हैं मोहम्मद शहाबुद्दीन?
मोहम्मद शहाबुद्दीन 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के योद्धा रहे हैं. वह न्यायपालिका में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और लोअर ज्यूडिशियरी के पूर्व न्यायाधीश रहे हैं. उन्हें 24 अप्रैल 2023 को अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में बांग्लादेश का 22वां राष्ट्रपति बनाया गया था. उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय से पहले ही पद छोड़ दिया. सत्ता परिवर्तन के बाद वह शेख हसीना सरकार के दौर में नियुक्त कुछ प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों में शामिल थे, जो अब तक अपने पद पर बने हुए थे.
इस्तीफे के राजनीतिक मायने
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे को केवल संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का बड़ा संकेत माना जा रहा है. ऐसे समय में जब शेख हसीना की संभावित वापसी, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तथा राजनीतिक ध्रुवीकरण लगातार बढ़ रहा है, राष्ट्रपति का पद छोड़ना आने वाले दिनों की राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नया राष्ट्रपति कौन होगा और इसका बांग्लादेश की सियासत पर क्या असर पड़ेगा.














