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28 सितंबर को बैंक बंद रहेंगे या खुले? सरकार की अपील के बाद क्या होगा?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 22, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 22, 2026
28 सितंबर की बैंक हड़ताल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार ने कर्मचारियों से स्ट्राइक वापस लेने की अपील की है. आखिर क्या हैं बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और क्या 28 सितंबर को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी? पढ़ें पूरी खबर
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, September 22, 2026
Bank Holiday: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. हड़ताल से ठीक पहले 26 सितंबर को दूसरा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है. ऐसे में कई जगह बैंक शाखाओं में लगातार पांच दिन तक सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है.
PNB ने ग्राहकों को भेजा अलर्ट मैसेज
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने हड़ताल (Bank Holiday)को देखते हुए अपने ग्राहकों को पहले ही मैसेज भेजकर जरूरी बैंकिंग काम समय रहते पूरा करने की सलाह दी है. बैंक ने कहा है कि हड़ताल के दौरान एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाओं के साथ बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सेवाएं उपलब्ध रखने का प्रयास किया जाएगा.
बैंक ने ग्राहकों को भेजे संदेश में कहा है कि बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक देशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है. ग्राहकों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई समेत सभी डिजिटल माध्यमों के साथ बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का हमारा प्रयास रहेगा. हम आपको यह भी सलाह देते हैं कि हड़ताल के कारण होने वाली किसी भी असुविधा से बचने के लिए शाखा से जुड़े अपने अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य 25 सितंबर तक पूरा कर लें.
इसका मतलब है कि शाखा में जाकर किए जाने वाले जरूरी काम ग्राहक 25 सितंबर तक निपटा लें. डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के जरिए होने वाले कई काम हड़ताल के दौरान जारी रखने की कोशिश की जाएगी.
हाफ इयरली क्लोजिंग के समय हड़ताल
हड़ताल का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 सितंबर को बैंकों की हाफ इयरली क्लोजिंग होती है. इस दौरान खातों का मिलान, प्रोविजनिंग, ट्रेजरी और अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े काम किए जाते हैं. ऐसे में तीन दिन की हड़ताल और उससे पहले सप्ताहांत की छुट्टियों के कारण ग्राहकों, कारोबारियों और सरकारी लेन-देन से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं.
पांच दिन के वर्किंग वीक की प्रमुख मांग
UFBU की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है. फिलहाल बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को कामकाज होता है.
यूनियनों का कहना है कि पांच दिन के बैंकिंग वीक का प्रस्ताव मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते में शामिल किया गया था. इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज के समय में रोजाना करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. यूनियनों की मांग है कि सरकार इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी अधिसूचना जारी करे.
पुरानी पेंशन, भर्ती और पेंशन अपडेट की मांग
पांच दिन के वर्किंग वीक के अलावा बैंक कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े मुद्दों के समाधान और पेंशन अपडेट की मांग कर रहे हैं. पेंशनरों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और नवंबर 2022 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों के एक्स-ग्रेशिया में संशोधन की मांग भी शामिल है.
यूनियनों की ओर से बैंकों में पर्याप्त क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती, वर्कमैन और ऑफिसर डायरेक्टर के खाली पद भरने, लीव बैंक की व्यवस्था और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मेडिकल इंश्योरेंस में सुधार की मांग भी उठाई जा रही है.
PLI पर सरकार ने क्या किया?
परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को लेकर भी बैंक यूनियनों की आपत्ति रही है. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत के बाद PLI योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. सरकार ने इसे यूनियनों की प्रमुख मांगों में से एक पर उठाया गया कदम बताया है.
सरकार ने गिनाए कर्मचारियों के लिए उठाए कदम
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बैंक कर्मचारियों के हित में वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी, नया वेतनमान लागू करने, स्टाफ वेलफेयर फंड का दायरा बढ़ाने और उच्च पदों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं.
मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 2014-15 से 2025-26 के बीच करीब 4.83 लाख कर्मचारियों की भर्ती हुई है. सरकार ने यह भी कहा है कि नए द्विपक्षीय वेतन समझौते की बातचीत तय समयसीमा से पहले शुरू कर दी गई है. मौजूदा समझौते की अवधि नवंबर 2027 तक है.
सरकार ने हड़ताल वापस लेने की अपील की
वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की है. सरकार का कहना है कि लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत और द्विपक्षीय प्रक्रिया के जरिए निकाला जा सकता है. दूसरी ओर, बैंक यूनियनें अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर आगे बढ़ रही हैं. ऐसे में हड़ताल से पहले सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत पर नजर रहेगी. इस बीच बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे शाखा से जुड़े जरूरी काम पहले पूरा कर लें और जरूरत पड़ने पर डिजिटल बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल करें.
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