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India Pakistan SCO Meeting: पाकिस्तान पहुंचा भारतीय दल, रिश्तों पर क्या होगा असर?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Tuesday, September 29, 2026
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय अधिकारियों का एक दल इस्लामाबाद पहुंच चुका है. पिछले साल की झड़प के बाद यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Tuesday, September 29, 2026
India Pakistan SCO Meeting: भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते (India Pakistan relations) जब भी शून्य के करीब पहुंचते हैं, तब भी कुछ अंतरराष्ट्रीय मंच ऐसे होते हैं, जहां दोनों देशों को साथ बैठना ही पड़ता है. ऐसा ही एक मौका इस हफ्ते इस्लामाबाद में देखने को मिल रहा है. आइए समझते हैं कि यह बैठक क्या है, भारत इसमें क्यों शामिल हुआ है और विशेषज्ञ इसे किस नजरिए से देख रहे हैं.
SCO बैठक में शामिल होने इस्लामाबाद पहुंचे भारतीय अधिकारी
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद(SCO meeting Islamabad) में सोमवार से शंघाई सहयोग संगठन ( SCO) के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिन की बैठक शुरू हुई है. इसमें भारत का एक प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा ले रहा है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बीते साल दोनों देशों के बीच हुए संक्षिप्त सैन्य संघर्ष के बाद यह पहला मौका है, जब कोई भारतीय प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक बैठक के लिए पाकिस्तान पहुंचा है.
किसकी अगुवाई में गया भारतीय दल
भारतीय प्रतिनिधिमंडल (Indian delegation) का नेतृत्व राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी कर रहे हैं. वहीं पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ से इस बैठक की अध्यक्षता वहां के राष्ट्रीय समन्वयक मोहम्मद फैसल कर रहे हैं. यह बैठक अट्ठाईस से तीस सितंबर तक चलेगी और अगले साल अगस्त में इस्लामाबाद में होने वाले शीर्ष नेताओं के बड़े शिखर सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा है.
किन देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में रूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं, और इन सभी देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद हैं. संगठन में फिलहाल पाकिस्तान की अध्यक्षता चल रही है, और वह अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में ही बड़ा शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा.
बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक इस बैठक में संगठन से जुड़े सहयोग और तालमेल के कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगामी बैठकों की तैयारी और संगठन के एजेंडे से जुड़े अन्य विषय शामिल हैं. पाकिस्तान ने अपनी अध्यक्षता के लिए एक खास विषय भी तय किया है, जिसका मकसद बेहतर आपसी संपर्क, नवाचार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है.
क्या यह रिश्तों में सुधार का संकेत है
भारतीय दल के इस्लामाबाद पहुंचने (Indian delegation) की खबर ने कई तरह के सवाल भी खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच फिलहाल रिश्ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. हालांकि जानकारों का मानना है कि इसे रिश्तों में किसी बड़े सुधार की तरह नहीं, बल्कि एक नियमित कूटनीतिक प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए. दरअसल भारत और पाकिस्तान दोनों 2017 में इस संगठन के पूर्ण सदस्य बने थे, और तब से दोनों देश आपसी मतभेदों के बावजूद संगठन की अलग-अलग बैठकों में शामिल होते रहे हैं.
पहले भी हो चुकी है ऐसी यात्रा
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय प्रतिनिधि इस तरह की बैठक के लिए पाकिस्तान गए हों. इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अक्टूबर 2024 में इसी संगठन की एक बड़ी बैठक के लिए इस्लामाबाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. यानी संगठन से जुड़ी औपचारिकताओं को दोनों देश अलग रखकर निभाते आए हैं.
निष्कर्ष
फिलहाल यह यात्रा एक अंतरराष्ट्रीय संगठन की सामान्य प्रक्रिया (Shanghai Cooperation Organisation) का हिस्सा मानी जा रही है, न कि द्विपक्षीय रिश्तों में किसी बड़े बदलाव का संकेत. बैठक की समाप्ति तीस सितंबर को होगी, और उसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस दौरे से आगे कोई और कूटनीतिक हलचल होती है या नहीं. तब तक दोनों देशों के बीच का तनाव जस का तस बना हुआ है.
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