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क्या साइबर हमले से छिड़ेगा तीसरा विश्व युद्ध? स्वीडन-बेल्जियम में फ्रीजर को बनाया ओवन, यूरोप में हड़कंप
Authored By: Rajeev Mandal
Published On: Tuesday, November 3, 2026
Last Updated On: Tuesday, November 3, 2026
विश्व भर में साइबर हमले अब डेटा चोरी से निकल कर फ्रीजर को जलाने-गलाने तक पहुंच गए हैं, और ये बहुत चिंताजनक है. आशंका इस बात की है कि क्या अगला विश्व युद्ध साइबर हमले का होगा? अचानक से कई देशों में साइबर हमले तेज हुए हैं. चाहे फ्रीजर जलाने की बात हो या फिर अमेरिकी क्रिप्टो एक्सचेंज बिनांस में हुई साइबर डकैती की, ऐसी खबरें वाकई देश-दुनिया की चिंता बढ़ाने वाली हैं…. क्या है पूरा मामला, जानते हैं इस खास रिपोर्ट में…
Authored By: Rajeev Mandal
Last Updated On: Tuesday, November 3, 2026
सोमवार को स्वीडन और बेल्जियम के सुपरमार्केट में फ्रीजर का तापमान अचानक बढ़कर 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लाखों यूरो की कीमत का खाद्य भंडार नष्ट हो गया. साइबर हमलों की इस लहर ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. इससे कुछ हफ्ते पहले फ्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट को भी इसी तरह के हमलों का निशाना बनाया गया था. स्वीडन की ‘इका’ और ‘कूप’ चेन के स्टोर इससे प्रभावित हुए, जबकि बेल्जियम में ‘अहोल्ड डेलहाइज’ सुपरमार्केट के सिस्टम भी इसकी चपेट में आ गए. बेल्जियम में ‘डेलहाइज’ के लगभग 40 स्टोर, ‘कैरेफोर’ के 15 आउटलेट और ‘स्पार’ की 5 दुकानें प्रभावित हुईं.
हैकर्स ने फ्रिज के कंट्रोलर को हैक करके उसे डीफ्रॉस्ट मोड पर डाला
स्वीडन के ICA और Coop चेन और बेल्जियम के Delhaize, Carrefour, Spar के लगभग 60+ स्टोर में हैकर्स ने फ्रिज के कंट्रोलर को हैक करके उसे डीफ्रॉस्ट मोड पर डाल दिया. मैनेजर बता रहे हैं – “हम तापमान कंट्रोल नहीं कर पा रहे, फ्रीजर में गर्म हवा फेंकी जा रही है, सब बर्बाद हो गया.”
डेनमार्क की कंपनी Danfoss के पुराने कंट्रोलर AK-SM 800 मॉडल इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं, जिनका सिक्योरिटी अपडेट बंद हो चुका है. हैकर्स ने उसी में घुसकर रातों-रात टेम्परेचर -20 से +55 कर दिया. लिहाजा, मांस, दूध, फ्रीज किया खाना पूरा खराब हो गए. स्वाभाविक है इस करतूत के चलते करोड़ों यूरो का नुकसान हुआ.
इससे 3 हफ्ते पहले फ्रांस में 700 स्टोर पर ऐसा ही हमला हुआ था. अब EU ने इसे खाद्य सुरक्षा पर हमला मानकर जांच शुरू कर दी है.
भारत के लिए भी परेशानी का सबब
भारत के लिए भी दुशवारियों का दौर दिखने लगा है. विशाखापत्तनम में HPCL की रिफाइनरी के पिच टैंक में कल आधी रात को धमाका हुआ और आग लग गई. पिच टैंक में वह तेल होता है, जिससे डामर या कोलतार बनाया जाता है. धमाका क्यों हुआ, किसने किया–इस पर अभी चुप्पी है. क्या ऐसी घटनाएं दुनिया में उथल–पुथल पैदा करने के लिए हो सकती हैं? बिल्कुल. हो भी रही हैं.
हैकर ने अरबों क्रिप्टो उड़ा लिए
अमेरिकी क्रिप्टो एक्सचेंज बिनांस में हुई साइबर डकैती इसकी ताजा मिसाल है. उत्तर कोरिया के इस हैकर पार्क जिन ह्यूक ने बिनांस के एक लैपटॉप को हैक किया और बैंक के सिस्टम में घुसकर अरबों क्रिप्टो उड़ा लिए.
आशंका है कि यह पैसा हथियार, मिसाइलें और AI से साइबर हमले करने में इस्तेमाल होगा. ऐसा ही हमला दो दिन पहले यूक्रेन और रूस में हुआ. परमाणु हमले की चेतावनी मिली और फाइटर हवा में उड़ने लगे.
ईरान और यूक्रेन के रूप में दुनिया इस वक्त दो जंग देख रही है.
पावर ग्रिड हो सकता हैकरों का अगला निशाना
तीसरी जंग साइबर हमलों के रूप में शुरू हुई है. माना जा रहा है कि हैकरों का अगला निशाना पावर ग्रिड हो सकता है. आशंका यह भी है कि अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान समंदर के नीचे इंटरनेट केबल भी काट सकता है.
भारत में साइबर हमलों से 0.7% GDP का नुकसान
साइबर सुरक्षा के जानकारों के मुताबिक भारत में साइबर हमलों से 0.7% GDP का नुकसान हो रहा है. 2017 में 53 हजार हमले थे, 2025 में CERT-In ने 29.44 लाख हमले हैंडल किए – 55 गुना बढ़ोतरी. अब AI से हैकर्स 9 घंटे में ही नई कमी का फायदा उठा लेते हैं.
भारत में क्या-क्या हो चुका है
हां, भारत में सुपरमार्केट वाला फ्रीजर हैक अभी तक नहीं हुआ है, पर इससे भी बड़े हमले हो चुके हैं –
1. AIIMS दिल्ली – 2022: 5 सर्वर हैक, 1.3 TB डेटा एन्क्रिप्ट, 15 दिन तक OPD पर्ची हाथ से लिखी गई. सरकार ने कहा ये स्टेट-स्पॉन्सर्ड रैंसमवेयर था.
2. मुंबई पावर ग्रिड – 2020: गलवान झड़प के बाद मुंबई की लाइट 12 घंटे गुल, जांच में चीनी हैकर ग्रुप RedEcho का हाथ निकला.
3. कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट – 2019 और फिर अक्टूबर 2026: वेंडर Yotta के जरिए 14.3 GB डेटा – ब्लूप्रिंट, डिजाइन लीक.
4. 2026 के हाल के केस:
- SBI के 3897 कस्टमर का डेटा डार्क वेब पर बिका
- eMudhra के 8 सर्टिफिकेट फेल हो गए, ब्राउजर ने बैन किया
- बैंकिंग सेक्टर में सिर्फ 6 महीने में 3.09 लाख बार स्कैनिंग/प्रोबिंग, हेल्थ सेक्टर में 18 हजार हमले
भारत क्यों ज्यादा खतरे में
भारत में हर चीज इंटरनेट से जुड़ रही है – स्मार्ट बिजली मीटर, कोल्ड स्टोरेज, UPI, अस्पताल. पर 80% डिवाइस का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होता. जैसे यूरोप में Danfoss के पुराने कंट्रोलर हैक हुए, वैसे ही भारत के कोल्ड चेन, डेयरी, दवा स्टोरेज भी उसी कंपनी के कंट्रोलर यूज करते हैं.
बचाव का रास्ता क्या
सरकार ने TEC ने IoT सिक्योरिटी के नियम बनाए हैं, Power Sector में 6 घंटे में CERT-In को रिपोर्ट करना जरूरी किया है. पर आपकी दुकान या घर के AC/फ्रिज को भी डिफॉल्ट पासवर्ड से हटाना पड़ेगा, तभी बचेगा.













