अंशु सिंह (Anshu Singh)

About Author: अंशु सिंह पिछले बीस वर्षों से हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उनका कार्यकाल देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण और अन्य राष्ट्रीय समाचार माध्यमों में प्रेरणादायक लेखन और संपादकीय योगदान के लिए उल्लेखनीय है। उन्होंने शिक्षा एवं करियर, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक मुद्दों, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, यात्रा एवं पर्यटन, जीवनशैली और मनोरंजन जैसे विषयों पर कई प्रभावशाली लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी में गहरी सामाजिक समझ और प्रगतिशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को न केवल जानकारी बल्कि प्रेरणा भी प्रदान करती है। उनके द्वारा लिखे गए सैकड़ों आलेख पाठकों के बीच गहरी छाप छोड़ चुके हैं।

Posts By: अंशु सिंह

  • Emotional Health Crisis : विश्व तेजी से चिंतित, तनावग्रस्त और क्रोधित होता जा रहा है. वह लम्बे समय से भावनात्मक संकट के दौर से गुजर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या से कहीं अधिक गंभीर है, जो वैश्विक स्थिरता के लिए एक खतरनाक संकेत है. दरअसल, गैलप की स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स इमोशनल हेल्थ 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में नकारात्मक भावनाएं एक दशक पहले के स्तर से कहीं अधिक तक पहुंच गई हैं. कम शांतिपूर्ण समाजों में संकट ज्यादा है. यानी जहां संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता या सामाजिक नाजुकता बढ़ती है, वहां नकारात्मक भावनाएं तीव्र होती जा रही हैं. इससे स्वस्थ जीवन की प्रत्याशा घटती जा रही.

    Published On: October 16, 2025Categories: स्वास्थ्य (Health)Total Views: 781Daily Views: 18
  • हर पीढ़ी पिछली पीढ़ी से आगे होती है. टेक्नोलॉजी के प्रयोग को लेकर भी आज की मिलेनियल एवं जेन जी पीढ़ी पुरानी जेनरेशन से कहीं आगे है. इससे उनकी मांओं को कई स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. अब अगर एक मां को अपने टेक सैवी एवं स्मार्ट बच्चे को बेहतर डील करना या उनके दिल को जीतना है, तो टेक से दोस्ती जरूरी है.

    Published On: October 15, 2025Categories: जीवन शैली (Lifestyle)Total Views: 635Daily Views: 4
  • Weekend Getaway Near Delhi: दिल्ली की भागदौड़ और प्रदूषण से ब्रेक चाहिए? सिर्फ 200 किलोमीटर दूर बसे अलवर की तरफ निकलें, जहां शाही किले, हरियाली से घिरी झीलें और रोमांचक सरिस्का नेशनल पार्क आपका इंतजार कर रहे हैं. ऐतिहासिक हवेलियों में घूमें, स्वादिष्ट कलाकंद चखें और प्राकृतिक सुंदरता में खो जाएं. यह वीकेंड गेटअवे आपको सुकून, मज़ा और एडवेंचर का पूरा पैकेज देगा.

    Published On: October 15, 2025Categories: दिल्ली न्यूज़ (Delhi News)Total Views: 792Daily Views: 4
  • अयोध्या की दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और इतिहास का जीवंत अनुभव है. दीपोत्सव 2025 में लाखों दीप, भव्य झांकियां और विदेशी रामलीलाएं इस शहर को जादुई बना देंगी. पहली बार अयोध्या जा रहे यात्रियों के लिए हमने तैयार की है पूरी गाइड - बजट, होटल, घूमने की जगहें और जरूरी टिप्स, ताकि आपका यह उत्सव यादगार और आरामदायक बन सके.

    Published On: October 14, 2025Categories: अध्यात्म (Spirituality)Total Views: 857Daily Views: 29
  • बच्चों का बचपना गुम हो रहा. किशोर उम्र लड़के एवं लड़कियां अपने अपीयरेंस, एक्सप्रेशन, लुक को लेकर इस कदर कांशस रहने लगे हैं कि कम उम्र में ही सयानापन झलकने लगा है. खेलने-कूदने, खाने-पीने की उम्र में डाइट कंट्रोल कर रहे हैं. ब्यूटी सैलोन जा रहे हैं. खुलकर नशा कर रहे हैं. इंटरनेट ने तो बच्चों को समय से पूर्व सयाना बना दिया है. साइबरबुलिंग जैसी घटनाएं उनके व्यक्तित्व पर गहरा असर डाल रही हैं.

    Published On: October 13, 2025Categories: जीवन शैली (Lifestyle)Total Views: 645Daily Views: 1
  • विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आज मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. दुनियाभर में यह एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, खासकर भारत में जहां लगभग 13.7 फीसदी लोग जीवनभर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं.

    Published On: October 10, 2025Categories: स्वास्थ्य (Health)Total Views: 764Daily Views: 2
  • त्योहार भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं और बिन मिठाई उत्सव का रंग फीका होता है. लेकिन आज मीठे से बचने की सलाह दी जा रही है.चीनी से मुंह फेरने को कहा जा रहा है. सवाल है कि क्या चीनी (Sugar) ही है स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का कारण? क्या इसे अपने आहार से पूरी तरह से बाहर कर देना चाहिए और उसकी जगह अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए? आइए इस रिपोर्ट द्वारा इसे जानने की करते हैं कोशिश..

    Published On: October 9, 2025Categories: स्वास्थ्य (Health)Total Views: 795Daily Views: 1
  • नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजी जा चुकीं मालविका अय्यर (Malvika Iyer) की जिंदगी बचपन में ही एक बम विस्फोट के कारण एकदम से बदल गई. हादसे में उन्होंने दोनों हाथ हमेशा के लिए खो दिए. दोनों पांवों की चोटें भी इतनी गंभीर थीं कि वे दोबारा उन पर खड़ी न हो सकीं. व्हीलचेयर साथी बन गया. बावजूद इसके, मालविका ने कभी हार नहीं मानी. आज वे डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट, टेडएक्स स्पीकर, कॉरपोरेट ट्रेनर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेशनल स्पीकर (Motivational Speaker) हैं. साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें अपने सोशल मीडिया को संभालने के लिए चुना जा चुका है. मालविका दिव्यांगता को अभिशाप नहीं मानती, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा को अपना सामाजिक लक्ष्य मानती हैं. इनके जीवन का एक सुंदर मंत्र है- बी अनस्टॉपेबल.

    Published On: October 8, 2025Categories: राष्ट्रीय खबरें (National News)Total Views: 656Daily Views: 0
  • मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लिमेंटेशन की एक हालिया रिपोर्ट पर गौर करें, तो गुजरात में सबसे अधिक 2.9 फीसदी बच्चों (10 से 19 वर्ष की आयु) के डायबिटीक होने की संभावना है. यानी बच्चों की स्वास्थ्य चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं. पहले पैरेंट्स जहां फ्लू या संक्रमणों को लेकर चिंतित रहते थे, वहीं अब डायबिटीज एवं हाइपरटेंशन जैसी लाइफस्टाइल डिजीज को लेकर वे डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं. यानी जिन समस्याओं की गिरफ्त में पहले व्यस्क आते थे, अब वह बच्चों को अपना शिकार बना रही है.

    Published On: October 8, 2025Categories: जीवन शैली (Lifestyle)Total Views: 644Daily Views: 1
  • पैरेंटिंग की प्रक्रिया निरंतर बदलती रही है. हर युग के सांस्कृतिक, तकनीकी र मनोवैज्ञानिक संदर्भों के अनुरूप इसमें बदलाव आता रहता है. आज जब हम दुनिया की गहरी चुनौतियों और प्रगति के बीच अपनी पीढ़ी की परवरिश कर रहे हैं, तो उसके लिए सबसे अधिक आवश्यक है प्यार. हालांकि, इन दिनों पैरेंटिंग के कई स्टाइल्स ट्रेंड कर रहे हैं. जैसे, साइकिल ब्रेकिंग (Cycle Breaking Parenting), फाफो पैरेंटिंग (FAFO Parenting) आदि.

    Published On: October 6, 2025Categories: जीवन शैली (Lifestyle)Total Views: 640Daily Views: 3

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