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मतदाता सूची पर घमासान: चिराग पासवान का विपक्ष पर वार, वोटर लिस्ट विवाद पर खुलकर बोले
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, July 19, 2025
Last Updated On: Saturday, July 19, 2025
बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोपों की गरमी तेज़ हो गई है. विपक्ष ने मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाकर माहौल गर्मा दिया, तो चिराग पासवान ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. चिराग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और बीएलओ बेहतरीन काम कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था, सीएए, और रोजगार जैसे मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया. अब सवाल ये है. आरोपों में कितना दम है और इन राजनीतिक बयानों के पीछे असली मंशा क्या है?
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, July 19, 2025
Controversy Over Voter List: बिहार की सियासत में फिर से तूफान उठ खड़ा हुआ है. जब चुनाव नज़दीक आते हैं, तो आरोप-प्रत्यारोप की आंधी तेज़ हो जाती है. एक तरफ सत्ता की कुर्सी बचाने की होड़, तो दूसरी तरफ खोई ज़मीन वापस पाने की जद्दोजहद और बीच में फंस जाते हैं आम लोग, जिन्हें सच और अफ़वाह में फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है. अब सवाल ये है कि क्या सचमुच मतदाता सूची में गड़बड़ी हो रही है या फिर ये सिर्फ़ एक राजनीतिक शिगूफा है? बयानबाज़ी शुरू हो चुकी है, शब्दों के बाण चल रहे हैं, और चिराग पासवान ने भी विपक्ष पर सीधा वार किया है. लेकिन इन बयानों के पीछे की असली कहानी क्या है? चलिए, जानते हैं कि इस सियासी संग्राम में किसका दावा मजबूत है और कौन फैला रहा है सिर्फ़ भ्रम.
विपक्ष का आरोप या भ्रम की राजनीति?
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पटना में विपक्ष के मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज करते हुए इसे भ्रम फैलाने की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) बेहतरीन काम कर रहे हैं. उन्होंने पटना के पारस हॉस्पिटल में हत्या और एडीजी के बयान को चिंताजनक बताया.
हार की बौखलाहट या रणनीति का हिस्सा?
चिराग पासवान ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग हार चुके हैं इसलिए चुनाव आयोग पर मतदाता हेराफेरी का आरोप लगाकर और झूठ बोलकर लोगों को डराने का काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई और हाल की घटनाओं, जैसे पटना के पारस हॉस्पिटल में हत्या और एडीजी के बयान को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह राज्य सरकार का मामला है, लेकिन ऐसी घटनाएं गंभीर हैं और इन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.
कानून-व्यवस्था पर फिर उठा सवाल
चिराग ने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने संविधान और सीएए को लेकर भी भ्रम फैलाया था. उन्होंने कहा, “सीएए नागरिकता देने वाला कानून है, लेकिन विपक्ष ने इसे नागरिकता छीनने वाला कानून बता दिया.” उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पहले भी चार बार हो चुकी है. इस बार सिर्फ तकनीकी बदलाव हुआ है, जिससे लोग ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं. चिराग ने दावा किया कि उनकी पार्टी गांव-देहात और गरीबों के साथ जुड़ी है और बीएलओ के साथ मिलकर काम कर रही है.
‘विकास’ बनाम ‘वादे’- बिहार पर केंद्र की सौगात का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे पर लालू यादव की ओर से दिए गए बयान पर चिराग ने पलटवार करते हुए कहा, “पीएम बिहार को लाखों करोड़ की सौगात दे चुके हैं, जबकि यूपीए सरकार ने बिहार को कुछ नहीं दिया. केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार एकजुट होकर बिहार के विकास के लिए काम कर रही है.”
कांग्रेस के रोजगार मेले पर चिराग ने तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छा कदम है. साथ ही, लालू यादव से जुड़े लैंड फॉर जॉब मामले का जिक्र किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से इनकार किया है. चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाएगी, चाहे वह उनकी अपनी सरकार में ही क्यों न हो.
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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