एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने वाला सिंगर, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम, करोड़पति कौन है?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, January 14, 2026
Updated On: Wednesday, January 14, 2026
Singer Kumar Sanu: भारतीय सिनेमा में कई दिग्गज सिंगर्स ने अपनी आवाज़ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है. लेकिन कुछ ऐसे कलाकार भी हुए हैं, जिन्होंने अपने रिकॉर्ड और हुनर से इतिहास रचा. एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करना और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना, किसी भी सिंगर के लिए किसी सपने से कम नहीं. आज हम आपको इस गायक की कहानी बताएंगे.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, January 14, 2026
Singer Kumar Sanu: भारतीय सिनेमा का इतिहास सुरों के बिना अधूरा है. लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, आशा भोसले से लेकर आज के दौर के अरिजीत सिंह तक, हर दौर को उसकी आवाज़ मिली है. लेकिन इन्हीं दिग्गजों की कतार में एक नाम ऐसा भी है, जिसकी आवाज़ ने 90 और 2000 के दशक में मोहब्बत को नई पहचान दी. रोमांस, दर्द और जुदाई हर एहसास को इस सिंगर ने अपनी आवाज़ में उतार दिया. आज भी उनके गाने सुनते ही लोग पुराने दौर में लौट जाते हैं. हम बात कर रहे हैं कुमार सानू की, जिनका जादू आज भी कायम है.
एक दिन, 28 गाने और इतिहास
बॉलीवुड में मेहनत और टैलेंट की कई मिसालें हैं, लेकिन कुमार सानू का रिकॉर्ड सबसे अलग है. साल 1993 में उन्होंने एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किए थे. यह कारनामा इतना बड़ा था कि इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया. उस दौर में डिजिटल सुविधाएं नहीं थीं, फिर भी घंटों स्टूडियो में खड़े होकर लगातार गाना, सुर और ऊर्जा बनाए रखना आसान नहीं था. यही वजह है कि यह रिकॉर्ड आज भी संगीत प्रेमियों के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है.
फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की हैट्रिक नहीं, पंचक
कुमार सानू की सफलता सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही. उन्होंने 1990 से 1995 तक लगातार पांच साल बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किया. ‘आशिकी’, ‘साजन’, ‘दीवाना’, ‘बाज़ीगर’ और ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों के गाने आज भी सदाबहार माने जाते हैं. इन फिल्मों की पहचान ही कुमार सानू की आवाज़ बन गई थी. उस दौर में शायद ही कोई रोमांटिक फिल्म होगी, जिसमें उनकी आवाज़ न गूंजी हो.
छोटे कदम से बड़ी उड़ान तक
कुमार सानू का जन्म नाम केदारनाथ भट्टाचार्य था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1984 में फिल्म ‘ये देश’ से की. इसके बाद उन्होंने बांग्लादेशी फिल्म ‘तीन कन्या’ में भी काम किया. हालांकि, असली पहचान उन्हें हिंदी सिनेमा में ‘जश्न है मोहब्बत का’ गाने से मिली. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन सुरों पर भरोसा और लगातार मेहनत ने उन्हें मंज़िल तक पहुंचाया.
नाम बदला, किस्मत बदली
साल 1989 में मशहूर गज़ल गायक जगजीत सिंह ने केदारनाथ भट्टाचार्य को संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी से मिलवाया. यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया. कल्याणजी ने उन्हें स्टेज नेम ‘कुमार सानू’ अपनाने की सलाह दी. नाम बदला और किस्मत भी इसके बाद जो सफर शुरू हुआ, उसने कुमार सानू को बॉलीवुड के सबसे बड़े सिंगर्स में शामिल कर दिया.
करोड़ों की संपत्ति, फिर भी सादगी
कुमार सानू ने हिंदी के अलावा कई भाषाओं में गाने गाए और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब 110 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. इसके बावजूद, उनकी छवि एक सादे और जमीन से जुड़े कलाकार की रही है. आज भी जब उनके गाने बजते हैं, तो यह साबित हो जाता है कि असली दौलत आवाज़ और हुनर की होती है. कुमार सानू सिर्फ एक सिंगर नहीं, बल्कि एक दौर की पहचान हैं. 28 गानों का रिकॉर्ड हो या दिल छू लेने वाली आवाज़ उन्होंने भारतीय संगीत को अमर बना दिया.
यह भी पढ़ें :- New Movie Releasing This Week (Friday, 16 January 2026): सिनेमाघरों में कौन सी फ़िल्में होंगी रिलीज़? यहां देखें पूरी लिस्ट!
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।













