बार-बार एंटीबायोटिक लेना क्यों बन सकता है खतरनाक, जानिए गट हेल्थ और इम्यूनिटी पर इसके गंभीर असर

Authored By: Nishant Singh

Published On: Saturday, February 14, 2026

Updated On: Saturday, February 14, 2026

बार-बार Antibiotics लेने से गट हेल्थ और इम्यूनिटी पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव.

Impact of Antibiotics on Gut Health: आजकल बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने का चलन बढ़ गया है, जो गट हेल्थ के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. समझदारी से दवाओं का इस्तेमाल ही गट हेल्थ को सुरक्षित रख सकता है. जानें बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Saturday, February 14, 2026

Impact of Antibiotics on Gut Health: आज के समय में एंटीबायोटिक दवाएं हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं. हल्का बुखार हो, गले में दर्द हो या सर्दी-जुकाम कई लोग बिना डॉक्टर से पूछे ही एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं. हालांकि ये दवाएं बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण में कारगर होती हैं, लेकिन इनका बार-बार और गलत इस्तेमाल शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकता है. खासकर इसका सबसे गहरा असर हमारी गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत पर पड़ता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.

गट हेल्थ क्या है और क्यों है जरूरी?

गट हेल्थ का मतलब है हमारी आंतों का स्वस्थ रहना. हमारी आंतों में करोड़ों अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिन्हें माइक्रोबायोम कहा जाता है. ये बैक्टीरिया खाना पचाने, पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इतना ही नहीं, ये बैक्टीरिया मानसिक सेहत और हार्मोन संतुलन तक को प्रभावित करते हैं. अगर गट हेल्थ खराब हो जाए, तो पूरा शरीर उसका असर झेलता है.

एंटीबायोटिक और गट हेल्थ का गहरा रिश्ता

एंटीबायोटिक का काम सिर्फ बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया को मारना नहीं होता, बल्कि ये अच्छे बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुंचा देती हैं. जब कोई व्यक्ति बार-बार एंटीबायोटिक लेता है, तो आंतों में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है. इससे माइक्रोबायोम असंतुलित हो जाता है और पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता. यही कारण है कि एंटीबायोटिक का असर सिर्फ संक्रमण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आंतों तक पहुंच जाता है.

डॉक्टर की राय: बार-बार एंटीबायोटिक लेने के नुकसान

आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि बार-बार एंटीबायोटिक लेने से गट माइक्रोबायोम को गंभीर नुकसान हो सकता है. इससे पाचन कमजोर होता है, इम्यूनिटी घटती है और शरीर बार-बार बीमार पड़ने लगता है. लंबे समय तक एंटीबायोटिक का सेवन करने से आंतें जरूरी पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पातीं, जिससे कमजोरी और थकान बनी रहती है.

गट हेल्थ खराब होने के संकेत

अगर एंटीबायोटिक लेने के बाद पेट में लगातार गड़बड़ी महसूस हो, तो यह चेतावनी हो सकती है. बार-बार दस्त लगना, पेट में गैस बनना, सूजन, पेट दर्द, मितली या भूख न लगना- ये सभी गट हेल्थ खराब होने के लक्षण हैं. कुछ लोगों में थकान बनी रहती है या बार-बार इंफेक्शन होने लगता है, जो कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत है.

लंबे समय तक असर क्यों खतरनाक है?

जब गट हेल्थ लंबे समय तक खराब रहती है, तो शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है. इससे एलर्जी, स्किन प्रॉब्लम, वजन बढ़ना या घटना, और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. कुछ मामलों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा भी पैदा हो जाता है, यानी दवाएं भविष्य में असर करना बंद कर सकती हैं.

गट हेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

एंटीबायोटिक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें और पूरा कोर्स जरूर पूरा करें. दवा के दौरान और बाद में संतुलित आहार लें. दही, छाछ, फाइबर युक्त फल-सब्जियां और पर्याप्त पानी गट हेल्थ को सुधारने में मदद करते हैं. बिना जरूरत दवा लेने से बचें और अगर दवा के बाद पेट से जुड़ी परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

समझदारी ही सबसे बड़ा इलाज

एंटीबायोटिक जीवनरक्षक दवाएं हैं, लेकिन इनका गलत इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. गट हेल्थ अच्छी रहेगी, तभी शरीर स्वस्थ रहेगा. इसलिए दवाओं को आदत नहीं, जरूरत बनाएं और अपने शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की कोशिश करें.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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