आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा, फिटमेंट फैक्टर कितना बनेगा और एरियर पर क्या है सरकार का प्लान

Authored By: Nishant Singh

Published On: Tuesday, February 24, 2026

Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026

Eighth Pay Commission लागू, फिटमेंट फैक्टर और एरियर योजना
Eighth Pay Commission लागू, फिटमेंट फैक्टर और एरियर योजना

Eighth Pay Commission: Seventh Central Pay Commission के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुआ. अब आठवें वेतन आयोग को लेकर भी यही सवाल है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और कर्मचारियों को कितना वास्तविक लाभ मिलेगा.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Wednesday, February 25, 2026

Eighth Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच इन दिनों सिर्फ एक ही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है- आठवां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा? करीब एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और रिटायर्ड पेंशनभोगी इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं. वजह साफ है, नया वेतन आयोग सिर्फ सैलरी नहीं बढ़ाता, बल्कि जीवन स्तर, भविष्य की योजनाओं और महंगाई से लड़ने की ताकत भी तय करता है. नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी देकर उम्मीदों को और मजबूत कर दिया था.

आयोग का गठन हुआ, लेकिन तारीख अब भी साफ नहीं

सरकार ने आठवें वेतन आयोग के चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति पर भी औपचारिक मुहर लगा दी है. इसके बाद आयोग ने अलग-अलग मंत्रालयों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत शुरू कर दी है. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिफारिशें कब लागू होंगी और कर्मचारियों को एरियर किस तारीख से मिलेगा. यही अनिश्चितता कर्मचारियों की बेचैनी की सबसे बड़ी वजह है.

जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद क्यों टूटी?

नए साल 2026 की शुरुआत में कई कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जनवरी से नया वेतन ढांचा लागू हो जाएगा. लेकिन सरकारी अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वेतन संशोधन और फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा. यानी फिलहाल जनवरी 2026 से वेतन बढ़ोतरी सिर्फ एक उम्मीद भर रही, पक्का ऐलान नहीं.

सातवें वेतन आयोग का अनुभव क्या कहता है?

पिछले अनुभव को देखें तो Seventh Central Pay Commission के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था. इसी फैक्टर के जरिए न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया. कागजों पर यह बढ़ोतरी करीब 157 प्रतिशत दिखी, लेकिन असल में कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी लगभग 14 प्रतिशत के आसपास ही रही. इसकी वजह यह थी कि महंगाई भत्ता पहले से ही इसमें शामिल कर लिया गया था.

फिटमेंट फैक्टर कैसे तय हुआ था?

सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर तय करने के पीछे दो बड़े घटक थे. पहला था महंगाई समायोजन यानी इन्फ्लेशन एडजस्टमेंट, और दूसरा वास्तविक वेतन वृद्धि यानी रियल पे हाईक. 1 जनवरी 2016 तक महंगाई भत्ता 125 प्रतिशत तक पहुंच चुका था. पुराने बेसिक पे को 1.00 मानकर जब इसमें 125 प्रतिशत DA जोड़ा गया, तो यह 2.25 हो गया. यही 2.25 महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए रखा गया था.

रियल पे हाईक ने कैसे बदली तस्वीर?

इसके अलावा आयोग ने 14.22 प्रतिशत की वास्तविक वेतन वृद्धि की सिफारिश की थी. इस बढ़ोतरी को 2.25 पर लागू किया गया, जिससे करीब 0.32 का अतिरिक्त कंपोनेंट जुड़ गया. इस तरह 2.25 (इन्फ्लेशन एडजस्टमेंट) और 0.32 (रियल हाईक) मिलकर कुल फिटमेंट फैक्टर 2.57 बना. इसी वजह से वेतन बढ़ा हुआ दिखा, लेकिन जेब पर असर सीमित रहा.

आठवें वेतन आयोग से क्या उम्मीद करें?

अब सवाल यह है कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है और एरियर कितना मिलेगा. फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. इतना जरूर साफ है कि महंगाई, सरकारी वित्तीय स्थिति और आयोग की सिफारिशें इसमें अहम भूमिका निभाएंगी. जब तक रिपोर्ट अंतिम रूप नहीं ले लेती, तब तक किसी भी तरह का अनुमान लगाना सिर्फ अटकल ही माना जाएगा.

बढ़ा हुआ वेतन और एरियर कब मिलेगा?

आठवें वेतन आयोग को लेकर ग्राउंड वर्क जारी है, लेकिन इसकी लागू होने की तारीख, एरियर की गणना और वास्तविक वेतन बढ़ोतरी अभी भी सस्पेंस में है. साफ है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला सिर्फ आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा, न कि उम्मीदों और अफवाहों के आधार पर.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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