विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी की लालू से मुलाकात, भाजपा ने उठाए सवाल

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Monday, September 8, 2025

Updated On: Monday, September 8, 2025

B Sudarsan Reddy Lalu Meeting – विपक्षी उपराष्ट्रपति उम्मीदवार और लालू की मुलाकात.

उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी की लालू प्रसाद यादव से मुलाकात को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने इसे नैतिकता के खिलाफ बताया, वहीं 20 से अधिक वरिष्ठ वकीलों ने संयुक्त बयान जारी कर संवैधानिक मूल्यों पर चिंता जताई है.

Authored By: Ranjan Gupta

Updated On: Monday, September 8, 2025

B Sudarsan Reddy Lalu Meeting: उपराष्ट्रपति पद का चुनाव नजदीक आते ही राजनीति गरमा गई है. विपक्षी उम्मीदवार और पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी की राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. भाजपा ने इसे ‘नैतिकता पर सवाल’ बताते हुए विपक्ष को घेरा, वहीं 20 से अधिक वरिष्ठ वकीलों ने संयुक्त बयान जारी कर इस मुलाकात को संवैधानिक गरिमा के खिलाफ करार दिया. 

दरअसल, वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ा और कहा कि 9 सितंबर को वोटिंग है. एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित हैं. विपक्ष का चेहरा विवादास्पद है.

रविशंकर प्रसाद ने बताया ‘पाखंड’

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी की राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात को ‘पाखंड’ करार दिया. उन्होंने कहा कि रेड्डी ने अपने वोट अपील में ‘देश की आत्मा बचाने’ की बात कही थी, लेकिन चारा घोटाले में दोषी लालू से मिलना उनकी नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. प्रसाद ने तीखे अंदाज में कहा, “आप किस तरह के रिटायर्ड जज हैं, जो भ्रष्टाचार के दोषी से वोट मांगने जाते हैं?”

रविशंकर प्रसाद ने चारा घोटाले की याद दिलाते हुए कहा कि पटना हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे और सुप्रीम कोर्ट ने इसे अंजाम तक पहुंचाया. ऐसे में सजा काट चुके व्यक्ति से मिलना विपक्ष की सत्ता की लालसा को साफ दिखाता है.

रेड्डी पर एक फैसले को लेकर भी निशाना

इसी दौरान, उन्होंने रेड्डी के 2011 के सलवा जुडूम फैसले पर भी निशाना साधा. प्रसाद ने इसे “न्यायिक आदेश से ज्यादा वामपंथी भाषण” बताया और कहा कि यह फैसला माओवादियों को ताकत देने वाला साबित हुआ. उनके मुताबिक, अगर यह फैसला न आता तो 2020 तक नक्सलवाद समाप्त हो सकता था. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा सभी जजों का सम्मान करती है, लेकिन जब कोई चुनावी मैदान में उतरता है और बड़े-बड़े बयान देता है तो सवाल उठना लाजिमी हो जाता है.

20 से अधिक वरिष्ठ वकीलों ने जताई नाराजगी

इधर, देश के 20 से ज्यादा वरिष्ठ वकीलों ने भी रेड्डी की लालू से मुलाकात पर नाराजगी जताई है. वकीलों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह कदम न सिर्फ रेड्डी के फैसले पर सवाल उठाता है, बल्कि न्यायिक नैतिकता को भी ठेस पहुंचाता है. उनका कहना है कि जब लालू प्रसाद यादव पहले से ही चारा घोटाले में दोषी साबित हो चुके हैं, तो उनसे मुलाकात करना संवैधानिक गरिमा के खिलाफ है.

बयान में यह भी कहा गया कि जो लोग खुद को संवैधानिक मूल्यों का रक्षक बताते हैं, वे ऐसे कदम उठाकर पक्षपात दिखा रहे हैं. वकीलों ने जनता से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है.

बयान जारी करने वालों में हरियाणा के पूर्व महाधिवक्ता बलदेव महाजन, अनिल सोनी, परवेज नाजमी, अरुण भारद्वाज, अजय बुस्सा, अशोक सिंह, सोनिया माथुर, रवि प्रकाश, कीर्ति उप्पल, संजय पोद्दार, सुनील दलाल, बेनी चटर्जी, संजीव देशपांडे, राम आप्टे, अभय खंडेपारकर, संजीव गोवर्धनकर, चेतन मित्तल और जमशेद मिस्त्री जैसे दिग्गज वकील शामिल हैं. वहीं महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष व सदस्य मोतिसिंग मोहता, मिलिंद पाटिल, पारिजात पांडे और सुभाष घाटगे ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं. ये सभी सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स में प्रैक्टिस करने वाले अनुभवी वकील हैं.

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About the Author: Ranjan Gupta
रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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