Swami Vivekananda Jayanti 2026 पर जानें महत्व, जीवन परिचय, अनमोल विचार और राष्ट्रीय युवा दिवस का संदेश
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Saturday, January 10, 2026
Updated On: Saturday, January 10, 2026
Swami Vivekananda Jayanti 2026: 12 जनवरी को भारत में स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. जानिए स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय, राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व, उनके अनमोल विचार, कोट्स और युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश.
Authored By: Ranjan Gupta
Updated On: Saturday, January 10, 2026
Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद जयंती केवल एक महान संत का जन्मदिन नहीं, बल्कि भारत की युवा चेतना, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना का उत्सव है. हर वर्ष यह दिन युवाओं को उनके भीतर छिपी असीम शक्ति का एहसास कराता है. स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों, ओजस्वी वाणी और कर्मयोग के माध्यम से न केवल भारत को नई पहचान दी, बल्कि विश्व मंच पर भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन की गूंज भी पहुंचाई. साल 2026 में स्वामी विवेकानंद जयंती को लेकर लोगों के मन में तिथि को लेकर भ्रम है क्या यह 9 जनवरी को मनाई जाएगी या 10 जनवरी को? इस लेख में हम आपको Swami Vivekananda Jayanti 2026 की तिथि, उनका संक्षिप्त जीवन परिचय, राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व, उनके अमूल्य विचार और पुस्तकों के बारे में विस्तार से बताएंगे
Swami Vivekananda Jayanti 2026 में कब है?

हिंदी पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जाती है. साल 2026 में सप्तमी तिथि की शुरुआत 9 जनवरी को सुबह 7 बजकर 05 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 10 जनवरी को सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर होगा. ऐसे में वर्ष 2026 में स्वामी विवेकानंद जयंती 9 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी.
स्वामी विवेकानंद जी का संक्षिप्त जीवन परिचय

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था. उनके बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था. उनके पिता विश्वनाथ दत्त पेशे से हाई कोर्ट के वकील थे. उनकी माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था. स्वामी विवेकानंद के जीवन में उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस का विशेष योगदान रहा.
उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत और मानवता के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया. वे उन विरले व्यक्तित्वों में शामिल थे, जिन्होंने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को पूरी दुनिया के सामने रखा. उनके विचारों ने भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित किया.
स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार | Swami Vivekananda ke anmol vichar

- ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारे भीतर मौजूद हैं. हम खुद ही अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर कहते हैं कि चारों ओर अंधकार है.
- जितना बड़ा संघर्ष होता है, जीत उतनी ही शानदार बनती है.
- यह कभी मत कहो कि मैं नहीं कर सकता. आप अनंत शक्तियों से भरे हुए हैं.
- उठो मेरे शेरो. इस भ्रम को तोड़ दो कि तुम कमजोर हो. तुम अमर आत्मा हो.
- जिस दिन जीवन में कोई समस्या न आए, समझ लेना कि रास्ता गलत है.
- लोग तारीफ करें या निंदा, लक्ष्य पूरा हो या न हो, लेकिन न्याय के रास्ते से कभी मत हटो.
- उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए.
- यह दुनिया ऐसी ही है. जब तक आप उपकार करते हैं, लोग अनदेखा करते हैं. जैसे ही रुकते हैं, सवाल उठने लगते हैं.
Swami Vivekananda Jayanti 2026 | स्वामी विवेकानंद जयंती कोट्स

- एक समय में एक ही काम करो, और इसे करते समय बाकी सभी चीजों को छोड़कर अपनी पूरी आत्मा इसमें लगा दो.
- उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक तुम अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर लेते.
- दिन में कम से कम एक बार अपने आप से बात करें. अन्यथा आपने दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति से होने वाली मुलाकात को छोड़ रहे हो.
- जब तक तुम अपने आप पर भरोसा नहीं कर सकते तब तक तुम्हें ईश्वर पर भरोसा नहीं हो सकता.
- जो लोग आपकी मदद करते हैं उन्हें कभी मत भूलो. जो आपको प्यार करते हैं उनसे कभी घृणा न करो. जो लोग तुम पर भरोसा करते हैं उन्हें कभी भी धोखा न दो.
- पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान. ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है.
- अपने मस्तिष्क को ऊंचे विचारों और उच्चतम आदर्शों से भर दो. इसके बाद आप जो भी कार्य करेंगे वह महान होगा.
- उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता.
- कोई भी चीज, जो तुम्हें शारीरिक, मानसिक और धार्मिक रूप से कमजोर करती है, उसे जहर की भांति त्याग दो.
- हम जो कुछ हैं वह अपने विचारों की देन हैं. इसलिए आप जो कुछ सोचो बहुत ही सावधानी पूर्वक सोचो. विचार के बाद ही शब्द आते हैं. विचार जिंदा रहता है और शब्द यात्रा करते हैं.
जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी. जिस दिन आपके सामने समस्या न आए आप यकीन कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं. खुद को कमजोर समझना ही सबसे बड़ा पाप है. - जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है.
- सच को कहने के हजारों तरीके हो सकते हैं और फिर भी सच तो वही रहता है.
- दिल और दिमाग के बीच संघर्ष में, अपने दिल की सुनें.
- केवल वे ही जीवित रहते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं.
- न तो खोजो और न ही टालो, जो आता है उसे ले लो.
- पवित्रता, धैर्य और उद्यम- ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूं.
- ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है.
- लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो.
- जिससे डर लगता है, वही पाप है. यह विचार हमें अपने डर का सामना करने और उनसे परे जाने के लिए प्रेरित करता है.
स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखित पुस्तकें | Books Written by Swami Vivekananda
स्वामी विवेकानंद केवल संत और दार्शनिक ही नहीं थे, बल्कि एक प्रभावशाली लेखक भी थे. उनके लेखन में वेदांत, योग, आत्मविकास, राष्ट्रभाव और मानव सेवा की झलक मिलती है. उनकी किताबें आज भी लोगों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच देती हैं. भारत के साथ-साथ दुनिया भर में उनके विचार पढ़े और अपनाए जाते हैं.
स्वामी विवेकानंद से जुड़े प्रमुख बिंदु
स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनका संदेश युवाओं को संघर्ष और धैर्य सिखाता है. उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया. जाति और धर्म से ऊपर उठकर उन्होंने एकता और मानवता की बात की. इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में रैलियां, भाषण, योग कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं.
स्वामी विवेकानंद को सही मायनों में युवाओं का आदर्श माना जाता है. यही कारण है कि उनकी जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है. यह दिन युवाओं को आत्मविश्वास, सेवा भावना और मजबूत सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. साथ ही यह स्वामी विवेकानंद की अमर विरासत को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम भी है.
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