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Chandra Grahan 2026: शहर अनुसार चंद्र ग्रहण का समय, दिल्ली भोपाल समेत 10 जगह सूतक कब और कितनी देर लगेगा जानें
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, February 27, 2026
Last Updated On: Friday, February 27, 2026
Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को होली के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में चंद्रोदय के साथ दिखाई देगा. अलग-अलग शहरों में इसकी अवधि भिन्न रहेगी. इस दौरान चांद लाल रंग में नजर आएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में यह दृश्य सबसे अधिक समय तक देखा जा सकेगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, February 27, 2026
Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को होली के दिन आसमान में एक अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. इस दिन साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा. ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, लेकिन भारत में यह पूरे समय दिखाई नहीं देगा. यहां ग्रहण “ग्रस्तोदय” के रूप में नजर आएगा, यानी चंद्रोदय के साथ ही ग्रहण दिखाई देगा. खास बात यह है कि यह दुर्लभ दृश्य अब सीधे 2029 में ही दोबारा देखने को मिलेगा, इसलिए खगोल प्रेमियों में इसे लेकर खास उत्साह है.
क्यों लाल दिखेगा चांद? जानिए ‘ब्लड मून’ का रहस्य
इस पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चांद लाल रंग का नजर आएगा, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है. ऐसा तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. पृथ्वी का वायुमंडल नीली रोशनी को ज्यादा बिखेर देता है, जबकि लाल और नारंगी किरणें मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इसी कारण चांद तांबे या सुर्ख लाल रंग का दिखाई देता है. यह नजारा बेहद आकर्षक और दुर्लभ माना जाता है.
भारत में कैसे दिखेगा यह ग्रहण?
भारत में 3 मार्च को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का शुरुआती चरण दिखाई नहीं देगा. जब चांद उगेगा, उसी समय ग्रहण लगा हुआ होगा. इसलिए अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय के अनुसार ग्रहण की अवधि अलग होगी. कहीं यह दृश्य सिर्फ 14-25 मिनट तक दिखेगा, तो कहीं एक घंटे से ज्यादा समय तक नजर आएगा.
शहर अनुसार चंद्र ग्रहण का समय
3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में चंद्रोदय के साथ दिखाई देगा, इसलिए हर शहर में इसका समय अलग रहेगा. कहीं यह दृश्य सिर्फ 14-25 मिनट तक नजर आएगा तो कहीं एक घंटे से ज्यादा. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में ग्रहण की अवधि सबसे अधिक रहने वाली है.
| शहर | चंद्रोदय के साथ ग्रहण शुरू | दिखाई देने की अवधि |
|---|---|---|
| दिल्ली | शाम 6:22 बजे | 25 मिनट |
| भोपाल | शाम 6:21 बजे | 26 मिनट |
| चेन्नई | शाम 6:21 बजे | 25 मिनट |
| लखनऊ | शाम 6:02 बजे | 45 मिनट |
| कानपुर | शाम 6:14 बजे | 32 मिनट |
| कोलकाता | शाम 5:43 बजे | 1 घंटा 15 मिनट |
| पटना | शाम 5:55 बजे | 51 मिनट |
| शिलांग | शाम 5:27 बजे | 1 घंटा 19 मिनट |
| इम्फाल | शाम 5:18 बजे | 1 घंटा 28 मिनट |
| ईटानगर | शाम 5:19 बजे | 1 घंटा 27 मिनट |
| बेंगलुरु | शाम 6:32 बजे | 14 मिनट |
| हैदराबाद | शाम 6:26 बजे | 20 मिनट |
सूतक काल कब लगेगा?
चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल मान्य होता है, जो आमतौर पर 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. हालांकि भारत में ग्रहण का आरंभिक चरण दिखाई नहीं देगा, इसलिए कई स्थानों पर सूतक का प्रभाव स्थानीय चंद्रोदय के अनुसार माना जाएगा. धार्मिक दृष्टि से मंदिरों के कपाट बंद किए जाते हैं और ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है.
इस बार होली के दिन आसमान में लाल चांद का दृश्य उत्सव को और भी खास बना देगा. अगर मौसम साफ रहा, तो यह 2026 की सबसे यादगार खगोलीय घटनाओं में से एक साबित हो सकता है.
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