Hariyali Teej 2025 : रवि योग में 27 जुलाई को मनाई जाएगी हरियाली तीज, अखंड सौभाग्य की कामना होगा उद्देश्य

Authored By: स्मिता

Published On: Friday, July 18, 2025

Last Updated On: Friday, July 18, 2025

Hariyali Teej 2025: 27 जुलाई को रवि योग में मनाई जाएगी। व्रत और पूजा के माध्यम से महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी.
Hariyali Teej 2025: 27 जुलाई को रवि योग में मनाई जाएगी। व्रत और पूजा के माध्यम से महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी.

Hariyali Teej 2025 : इस वर्ष रवि योग होने के कारण 27 जुलाई को मनाई जाने वाली हरियाली तीज विशेष शुभ फलदायी होगी. हरियाली तीज का व्रत रखने वाली स्त्रियों के कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी.

Authored By: स्मिता

Last Updated On: Friday, July 18, 2025

Hariyali Teej 2025: पार्वती के लिए शिवजी अर्धनारीश्वर के रूप में आये. शक्ति स्वरूप देवी पार्वती को स्वयं का आधार बताया. इसलिए हर स्त्री चाहती है कि उन्हें शिवजी की तरह प्रेम और आदर करने वाला पति मिले. उसका सौभाग्य अखंड हो. इसके लिए वह हरियाली तीज का व्रत रखती है. इस वर्ष हरियाली तीज व्रत अत्यधिक शुभ और मंगलदायक योग में मनाई जाएगी.

हरियाली तीज तिथि और योग (Hariyali Teej 2025 Date & Yog)

इस वर्ष 27 जुलाई को हरियाली तीज मनाई जाएगी. यह दिन रविवार होगा. इसलिए रवि योग के संयोग में यह पर्व मनाया जाएगा. इस योग में कार्यों में कोई बाधा नहीं आती है और कार्य शुभ फलदायी होते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 26 जुलाई को रात 11.08 बजे प्रवेश कर रही है. यह 27 जुलाई को रात 11.10 बजे तक रहेगी. उदयातिथि होने के कारण हरियाली तीज 27 जुलाई को मनाई जाएगी.

इस दिन होगा मघा नक्षत्र (Magha Nakshatra)

ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल शास्त्री के अनुसार, हरियाली तीज के अवसर पर व्रत रखने ने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इस दिन महिलाएं हरे वस्त्र, हरी चूड़ियां आदि पहनती हैं. वे गौरी गणेश और महादेव की पूजा करती हैं. इस दिन मघा नक्षत्र होगा. इससे उन्नति, प्रगति और उत्तम स्वास्थ्य हो सकता है. इस नक्षत्र के होने से व्रत की महिमा कई गुना बढ़ जाती है.

सिद्धिविनायक भगवान गणेश, महादेव और माता पार्वती की पूजा (Shiv Parvati & Ganesh Puja)

सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए सिद्धिविनायक भगवान गणेश, महादेव और माता पार्वती की पूजा करेंगी. रवि योग को भगवत भजन और उनका नाम लेने और अच्छे कर्म करने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है. यह व्रत माता पार्वती और भगवान शंकर के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इसलिए इसे श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है.

कैसे करें श्रावणी तीज या हरियाली तीज पर पूजा How to do Puja on Hariyali Teej 2025)

पति की दीर्घायु और समृद्धि के लिए भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें. साथ ही दुर्गा जी के 108 नामों का पाठ करें. परिवार की उन्नति और संतान प्राप्ति के लिए भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाएं. दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय का पाठ करें.

क्या है हरियाली तीज की पौराणिक कथा (Hariyali Teej Mythological Story)

कथा के अनुसार, शिव की तपस्या में पार्वती माता ने 107 जन्म बिताये. इसके बाद भोले बाबा ने पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था. इस व्रत को करने से पति को दीर्घायु का वरदान प्राप्त होता है. यह व्रत महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक होता है. इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. सोलह श्रृंगार करने के बाद सुहागिन स्त्रियां हाथों में मेहंदी लगाती हैं और सावन के गीत गाकर हरियाली तीज मनाती हैं.

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स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
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