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January Vrat Tyohar 2026: आस्था, परंपरा और नए साल की पावन शुरुआत, नोट करें जनवरी के व्रत-त्योहार की लिस्ट
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, December 26, 2025
Last Updated On: Friday, December 26, 2025
जनवरी 2026 का महीना धार्मिक आस्था और पवित्र परंपराओं से भरा हुआ है. नए साल की शुरुआत के साथ ही पौष और माघ मास के महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार श्रद्धालुओं को पूजा, स्नान और दान का अवसर देते हैं. मकर संक्रांति, सकट चौथ, बसंत पंचमी और मौनी अमावस्या जैसे पर्व इस माह को खास बनाते हैं. प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत भी इसी दौरान होती है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष की भावना से जुड़ी मानी जाती है. देखे जनवरी के व्रत-त्योहार की लिस्ट….
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, December 26, 2025
January Vrat Tyohar 2026: नया साल 2026 दस्तक देने वाला है और इसके साथ ही जनवरी का महीना कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहारों की सौगात लेकर आता है. जनवरी भले ही अंग्रेजी कैलेंडर का पहला महीना हो, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार इस दौरान पौष और माघ जैसे पवित्र मास आते हैं. धार्मिक दृष्टि से यह महीना पूजा-पाठ, दान-स्नान और आत्मशुद्धि का विशेष समय माना जाता है. मकर संक्रांति, सकट चौथ, बसंत पंचमी जैसे पर्व जनवरी को और भी खास बना देते हैं.
माघ माह की शुरुआत और उसका धार्मिक महत्व
जनवरी में माघ माह की शुरुआत होती है, जिसे हिंदू पंचांग का ग्यारहवां महीना कहा जाता है. इस माह में भगवान विष्णु और सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि माघ मास में किए गए स्नान, दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसी कारण इस महीने को धर्म, तप और साधना का महीना भी कहा जाता है. ठंड के मौसम में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा इसी माह से जुड़ी हुई है.
जनवरी 2026 के व्रत और त्योहारों की सूची
| तारीख | दिन | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|
| 1 जनवरी 2026 | गुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत |
| 3 जनवरी 2026 | शनिवार | पौष पूर्णिमा, विनायकी चतुर्थी व्रत |
| 6 जनवरी 2026 | मंगलवार | सकट चौथ व्रत / तिलकुटा चौथ |
| 13 जनवरी 2026 | मंगलवार | लोहड़ी |
| 14 जनवरी 2026 | बुधवार | मकर संक्रांति, पोंगल, षटतिला एकादशी |
| 16 जनवरी 2026 | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि |
| 18 जनवरी 2026 | रविवार | मौनी अमावस्या |
| 23 जनवरी 2026 | शुक्रवार | बसंत पंचमी |
| 25 जनवरी 2026 | रविवार | रथ सप्तमी |
| 26 जनवरी 2026 | सोमवार | भीष्म अष्टमी |
| 29 जनवरी 2026 | गुरुवार | जया एकादशी |
| 30 जनवरी 2026 | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत |
जनवरी 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
जनवरी 2026 की शुरुआत 1 जनवरी, गुरुवार को गुरु प्रदोष व्रत और रोहिणी व्रत से होगी. इसके बाद 3 जनवरी, शनिवार को पौष पूर्णिमा और विनायकी चतुर्थी व्रत मनाया जाएगा. पौष पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है. 6 जनवरी, मंगलवार को सकट चौथ या तिलकुटा चौथ का व्रत रखा जाएगा, जो विशेष रूप से संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है.
लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व
13 जनवरी, मंगलवार को उत्तर भारत में लोहड़ी का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाएगा. यह पर्व फसल और अग्नि देव की पूजा से जुड़ा हुआ है. इसके अगले ही दिन 14 जनवरी, बुधवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है. मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और तिल-गुड़ का विशेष महत्व है. इसी दिन पोंगल और षटतिला एकादशी भी मनाई जाती है.
शिव, शक्ति और विष्णु उपासना के विशेष दिन
16 जनवरी, शुक्रवार को शुक्र प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि एक साथ पड़ रहे हैं, जो शिव भक्तों के लिए खास दिन होगा. 18 जनवरी, रविवार को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी, जिसमें मौन रहकर स्नान और दान करने की परंपरा है. 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व आएगा, जो विद्या, कला और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है.
महीने के अंतिम महत्वपूर्ण व्रत
जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी कई अहम व्रत-त्योहार हैं. 25 जनवरी, रविवार को रथ सप्तमी, 26 जनवरी, सोमवार को भीष्म अष्टमी और 29 जनवरी, गुरुवार को जया एकादशी मनाई जाएगी. महीने का समापन 30 जनवरी, शुक्रवार को शुक्र प्रदोष व्रत के साथ होगा. ये सभी तिथियां आध्यात्मिक साधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ मानी जाती हैं.
माघ मेले की पावन शुरुआत
जनवरी में माघ मेले की शुरुआत भी होती है, जो प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर आयोजित होता है. यह मेला 3 जनवरी 2026, पौष पूर्णिमा से शुरू होकर 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि तक चलेगा. मान्यता है कि संगम में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेने आते हैं.

















