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Kajri Teej 2025 : कितने तरह की तीज, जानें कब है कजरी तीज
Authored By: स्मिता
Published On: Friday, August 1, 2025
Last Updated On: Friday, August 1, 2025
Kajri Teej 2025 : धरती माता, वर्षा ऋतु और लोक आध्यात्मिकता से घनिष्ठ रूप से जुड़ा कजरी तीज का त्योहार 2025 मंगलवार, 12 अगस्त को मनाया जाएगा. देवी पार्वती की पूजा-अर्चना को समर्पित यह व्रत महिलाएं पति और घर-परिवार की मंगलकामना के लिए भी करती हैं.
Authored By: स्मिता
Last Updated On: Friday, August 1, 2025
सावन शिव और पार्वती की पूजा-अर्चना का त्योहार है (Kajri Teej 2025). पति-पत्नी के एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान प्रकट करने के लिए इस महीने में तीज-त्योहार मनाये जाते हैं. पति और परिवार की मंगलकामना के लिए कजरी तीज मनाई जाती है. यह त्योहार धरती माता, वर्षा ऋतु और लोक आध्यात्मिकता से भी घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है. कजरी तीज उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान की महिलाएं मुख्य रूप से मनाती हैं.
तीन तरह की तीज (Types of Teej)
भारत में तीन तरह की तीज मनाई जाती है. ये हैं- हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज. ये त्योहार मुख्य रूप से उत्तर भारत में महिलाएं उपवास, प्रार्थना और विशेष गीतों का गायन जैसे अनुष्ठान के साथ मनाती हैं. महिलाएं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और पति के स्वस्थ शरीर और मन की कामना के लिए व्रत रखती हैं.
1. हरियाली तीज (Hariyali Teej): यह त्योहार मानसून के आगमन का प्रतीक है. यह श्रावण माह (जुलाई/अगस्त) में मनाया जाता है. इसे “छोटी तीज” के नाम से भी जाना जाता है.
2 कजरी तीज (Kajri Teej) : भाद्रपद (अगस्त) माह में मनाई जाने वाली इस तीज को “बड़ी तीज” भी कहते हैं. इस त्योहार में “कजरियां” जैसे लोकगीत गाए जाते हैं. इस अवसर पर नीम के पेड़ की पूजा की जाती है.
3 हरतालिका तीज (Haritalika Teej) : यह भी भाद्रपद में मनाई जाती है और गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले आती है. इस त्योहार में महिलायें कठोर उपवास रखती हैं. इसमें वे सुखी वैवाहिक जीवन और पति की भलाई के लिए प्रार्थना करती हैं और अन्न-जल भी ग्रहण नहीं करती हैं. डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों से ग्रस्त महिलाएं फलाहार और जल ग्रहण करती हैं.
कब है कजरी तीज (Kajri Teej 2025 Date)
| कजरी तीज | मंगलवार, 12 अगस्त 2025 |
| माह | भाद्रपद (चंद्र कैलेंडर), कृष्ण पक्ष |
कजरी तीज का महत्व (Kajri Teej Spiritual Significance)
यह वैवाहिक सद्भाव, स्त्री शक्ति और देवी पार्वती की भक्ति का उत्सव है. इसमें मानसून ऋतु और कृषि के लिए सही मौसम रहने का ईश्वर से आशीर्वाद मांगा जाता है.
अनुष्ठान और परम्परा (Kajri Teej Rituals)
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाला यह त्योहार धरती माता, वर्षा ऋतु और लोक आध्यात्मिकता से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है. उपवास, प्रार्थना, लोकगीत (कजरी), झूले और मेहंदी लगाना आम अनुष्ठान हैं. राजस्थान के बूंदी में सबसे बड़ा उत्सव कजरी तीज मेले के साथ मनाया जाता है. उत्तर भारत के कई अन्य राज्य भी इस त्योहार को उत्साह के साथ मनाते हैं.

















