Kharmas 2026 End: उत्तरायण सूर्य के साथ खुले शुभ कार्यों के द्वार, जानें अब कौन-कौन से मांगलिक काम कर सकते हैं

Authored By: Nishant Singh

Published On: Monday, January 19, 2026

Last Updated On: Monday, January 19, 2026

Kharmas 2026 End के बाद सूर्य उत्तरायण हुए, अब विवाह, गृह प्रवेश सहित सभी मांगलिक कार्यों के शुभ योग बन गए हैं.
Kharmas 2026 End के बाद सूर्य उत्तरायण हुए, अब विवाह, गृह प्रवेश सहित सभी मांगलिक कार्यों के शुभ योग बन गए हैं.

Kharmas 2026 End: खरमास 2026 अब खत्म हो चुका है और 14 जनवरी से सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण हो चुके हैं. इसके साथ ही मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो गए हैं. विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, मुंडन, नामकरण, भूमि पूजन और संपत्ति खरीदारी जैसे काम अब किए जा सकते हैं. खरमास के दौरान ये कार्य अशुभ माने जाते थे, लेकिन अब शुभता बढ़ गई है और सभी शुभ कार्यों के द्वार खुले हैं.

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Last Updated On: Monday, January 19, 2026

Kharmas 2026 End: 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में गोचर कर चुके हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ चुके हैं. इसका सीधा मतलब है कि अब वह समय शुरू हो गया है जब मांगलिक और शुभ कार्यों की योजना बनाई जा सकती है. बीते एक महीने से लोग नए बिजनेस, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कामों का इंतजार कर रहे थे. अब खरमास खत्म होने के साथ ही ये सभी काम न केवल संभव हैं बल्कि शास्त्रों के अनुसार अत्यंत शुभ भी माने जाते हैं.

खरमास खत्म होने का महत्व

खरमास, जिसे सूर्य जब गुरु की राशि धनु में रहते हैं तब की अवधि कहा जाता है, हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण या जनेऊ संस्कार जैसे काम टाल दिए जाते हैं. लेकिन यह समय स्नान, दान, तप, जप और व्रत जैसे पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. 14 जनवरी से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण होना शुभता को कई गुना बढ़ा देता है.

खरमास क्यों माना जाता है अशुभ?

16 दिसंबर 2025 से सूर्य धनु राशि में संचरण कर रहे थे. इस अवधि में गुरु का प्रभाव कम होता है और मांगलिक कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसीलिए हिंदू धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, नए व्यापार या अन्य मंगल कार्य इस समय नहीं किए जाते. लेकिन यही समय दान-पुण्य, धार्मिक अनुष्ठान और आत्मिक सुधार के लिए आदर्श माना जाता है.

उत्तरायण सूर्य और बढ़ती शुभता

शास्त्रों के अनुसार सूर्य का उत्तरायण होना अत्यंत शुभ होता है. उत्तरायण काल में किए गए कार्य लंबे समय तक फलदायी और सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं. इसलिए खरमास खत्म होने के बाद न केवल मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं, बल्कि पुण्य कर्म और धार्मिक अनुष्ठान का महत्व भी बढ़ जाता है. इस समय घर-परिवार और व्यापार दोनों के लिए शुभ कार्य योजना बनाई जा सकती है.

  • अब ये काम कर सकते हैं लोग

खरमास समाप्त होने के बाद निम्नलिखित कार्यों के लिए शुभ द्वार खुल गए हैं:

  • विवाह और सगाई: अब विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्यक्रम बिना किसी बाधा के किए जा सकते हैं.
  • गृह प्रवेश और पूजा: नए घर में प्रवेश या पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो गए हैं.
  • व्यापार और नौकरी: नया व्यापार, दुकान खोलना, नए काम की शुरुआत या नई नौकरी जॉइन करना अब शुभ है.
  • संस्कार और धार्मिक कार्य: मुंडन संस्कार, नामकरण, जनेऊ संस्कार और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं.
  • संपत्ति और वाहन खरीदारी: सोना-चांदी, नया वाहन या अन्य संपत्ति खरीदने के लिए समय उपयुक्त है.
  • भूमि पूजन और निर्माण: भूमि पूजन और निर्माण कार्य भी अब शुभ समय में किए जा सकते हैं.

शुभ कार्यों की तैयारी करें

खरमास खत्म होते ही अब घर और परिवार में नई खुशियों की शुरुआत करने का समय है. लोग लंबे समय से रुके कार्यों की योजना बना सकते हैं. शास्त्रों के अनुसार इस समय किए गए सभी मांगलिक काम और धार्मिक अनुष्ठान सुख, समृद्धि और स्थायी लाभ देने वाले होते हैं. इसलिए अब शुभ कार्यों की पूरी तैयारी कर सकते हैं.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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