Ram Navami 2026: सालों बाद दो दिन मनेगी राम नवमी, भक्तों के लिए क्यों है यह पर्व इस बार खास, जानें सही डेट

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, February 19, 2026

Last Updated On: Thursday, February 19, 2026

Ram Navami 2026 पर भगवान श्रीराम की पूजा करते भक्त, विशेष पर्व की झलक
Ram Navami 2026 पर भगवान श्रीराम की पूजा करते भक्त, विशेष पर्व की झलक

Ram Navami 2026: भगवान श्रीराम के भक्तों के लिए वर्ष 2026 खास रहने वाला है, क्योंकि सालों बाद राम नवमी का पावन पर्व दो दिन मनाया जाएगा. पंचांग के अनोखे संयोग के कारण यह त्योहार अलग-अलग परंपराओं में दो दिनों तक मनाया जाएगा, जानें सही डेट.

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Ram Navami 2026: मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी का इंतजार हर साल करोड़ों भक्त करते हैं. साल 2026 में राम नवमी इसलिए खास बन रही है क्योंकि वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब यह पर्व दो दिनों तक मनाया जाएगा. आमतौर पर तिथि-भेद के कारण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाती है, लेकिन 2026 में यही संयोग राम नवमी के साथ भी देखने को मिलेगा.

राम नवमी 2026 की तिथि और पंचांग गणना

हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था. वर्ष 2026 में यह नवमी तिथि

26 मार्च 2026 को सुबह 11:38 बजे शुरू होकर 27 मार्च 2026 को सुबह 10:06 बजे तक रहेगी. इसी कारण राम नवमी दो अलग-अलग दिनों में मनाई जाएगी. यह दिन चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन भी होता है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है.

26 मार्च 2026: जन्म तिथि पर विशेष पूजा

26 मार्च को नवमी तिथि सुबह 11:38 से पूरे दिन रहेगी. इस दिन श्रीराम पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:13 से दोपहर 1:41 बजे तक है.

शास्त्रों के अनुसार मध्याह्न काल सबसे पवित्र माना जाता है क्योंकि यही भगवान श्रीराम के जन्म का क्षण है. मान्यता है कि उनका जन्म दोपहर 12 बजे हुआ था. वर्ष 2026 में राम नवमी का मध्याह्न क्षण दोपहर 12:27 बजे पड़ेगा, इसलिए इसी समय पूजा करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाएगा.

27 मार्च 2026: उदयातिथि का महत्व

27 मार्च को नवमी तिथि सूर्योदय के बाद भी विद्यमान रहेगी. इसी वजह से वैष्णव संप्रदाय के भक्त राम नवमी इस दिन मनाएंगे. इस दिन भी पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:13 से दोपहर 1:41 बजे तक रहेगा. यही कारण है कि दोनों ही दिन धार्मिक दृष्टि से मान्य और पवित्र माने जा रहे हैं.

राम नवमी व्रत कैसे करें

राम नवमी पर आठ प्रहर का उपवास करने की परंपरा है, यानी सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक व्रत रखा जाता है. शास्त्रों में व्रत के तीन प्रकार बताए गए हैं-

  • नैमित्तिक व्रत: बिना किसी विशेष कारण के श्रद्धा से किया गया व्रत.
  • नित्य व्रत: जीवनभर बिना किसी इच्छा के किया जाने वाला व्रत.
  • काम्य व्रत: किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए रखा गया व्रत.

राम नवमी 2026 आस्था, परंपरा और दुर्लभ पंचांग योग का अनोखा संगम है, जो भक्तों के लिए इसे और भी यादगार बना देता है.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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