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बिहार सरकार की बड़ी पहल, स्नातक पास बेटियों को 50 हजार की मदद, जान लीजिए कैसे मिलेगा फायदा?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, February 4, 2026
Last Updated On: Wednesday, February 4, 2026
Bihar Kanya Utthan Yojana: बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना स्नातक पास बेटियों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है. उच्च शिक्षा के दौरान बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य छात्राएं सिर्फ पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें. जान लीजिए कैसे मिलेगा फायदा?
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, February 4, 2026
Bihar Government: कॉलेज की पढ़ाई पूरी होते ही ज्यादातर बेटियों के सामने एक ही सवाल खड़ा हो जाता है कि अब आगे की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया जाए? स्नातक के बाद कोचिंग, प्रतियोगी परीक्षाएं, पोस्ट ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स का सपना तो होता है, लेकिन फीस, किताबें और रहने का खर्च परिवार के लिए बोझ बन जाता है. कई बार हालात ऐसे बनते हैं कि योग्य छात्राएं भी पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं. इसी समस्या को समझते हुए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक पास बेटियों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है.
क्या है मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना?
बिहार सरकार की यह योजना खास तौर पर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ पैसों की कमी की वजह से किसी भी बेटी की पढ़ाई न रुके. इस योजना के तहत स्नातक पास छात्राओं को एकमुश्त 50 हजार रुपये की राशि दी जाती है, ताकि वे बिना आर्थिक तनाव के अपने करियर की तैयारी कर सकें. सरकार का मानना है कि शिक्षित बेटी ही आत्मनिर्भर बिहार की नींव है.
किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ वही छात्राएं ले सकती हैं, जो बिहार की मूल निवासी हों और जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो. इसके साथ ही परिवार की सालाना आय सरकार द्वारा तय की गई सीमा के अंदर होनी चाहिए. यह स्कॉलरशिप बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत दी जाती है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आवेदन की अंतिम तिथि तय होती है, इसलिए समय रहते फॉर्म भरना बेहद जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो.
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और बैंक खाते में सीधा पैसा
सरकार ने आवेदन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है, जिससे छात्राओं को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. किसी भी जिले या गांव से छात्राएं घर बैठे आवेदन कर सकती हैं. योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये की राशि सीधे छात्रा के आधार लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. इससे न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी भी बनी रहती है और बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होती.
पढ़ाई के खर्च में कैसे काम आएंगे 50 हजार रुपये?
स्नातक के बाद पढ़ाई का खर्च अचानक बढ़ जाता है. कहीं एडमिशन फीस देनी होती है, तो कहीं कोचिंग या एग्जाम फॉर्म का खर्च आता है. ऐसे में 50 हजार रुपये की यह सहायता छात्राओं के लिए बड़ा सहारा बनती है. इस रकम से वे किताबें खरीद सकती हैं, कोर्स फीस भर सकती हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकती हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इससे बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बिना किसी दबाव के अपने भविष्य पर फोकस कर पाती हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (छात्रा का, बैंक खाते से लिंक होना जरूरी)
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र
- स्नातक उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र या मार्कशीट
- परिवार का आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी (खाता संख्या और IFSC कोड सहित)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (जो आवेदन के दौरान एक्टिव हो)
- ई-मेल आईडी (अगर उपलब्ध हो)
इन सभी दस्तावेजों को स्कैन करके ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड करना जरूरी होता है. सही और स्पष्ट दस्तावेज होने पर आवेदन प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाती है और राशि समय पर खाते में ट्रांसफर होती है.
बेटियों के सपनों को उड़ान देने की कोशिश
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सिर्फ एक स्कॉलरशिप नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने की कोशिश है. यह योजना उन छात्राओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन आर्थिक मजबूरियों से जूझ रही हैं. बिहार सरकार की यह पहल न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को भी बदलने का काम कर रही है.
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