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मांझी की बधाई से शुरू हुआ बवाल, तेजप्रताप यादव ने रिश्तों और बेटी की खबर पर तोड़ी चुप्पी, अनुष्का संग रिश्तों को किया खारिज
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 9, 2026
Last Updated On: Monday, February 9, 2026
बिहार की राजनीति में तेजप्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जीतनराम मांझी की बेटी के जन्म पर दी गई बधाई के बाद रिश्तों को लेकर अफवाहें तेज हुईं. तेजप्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी दावों को झूठा बताया, साजिश का आरोप लगाया और मानसिक तनाव, डिप्रेशन व कानूनी कार्रवाई की बात कही.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 9, 2026
Manjhis Congratulatory: बिहार की सियासत में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव का नाम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. इस बार वजह न तो कोई चुनावी बयान है और न ही कोई आंदोलन, बल्कि एक ऐसी बधाई है जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी. केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी द्वारा दी गई “बेटी के जन्म” की बधाई ने तेजप्रताप को अचानक सवालों के घेरे में ला खड़ा किया और उन्हें खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी.
अनुष्का यादव की तस्वीरें और अफवाहों की शुरुआत
पूरा मामला तब तूल पकड़ने लगा जब कुछ दिन पहले तेजप्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें वायरल हुईं. इन तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. लोग रिश्तों से लेकर निजी जिंदगी तक सवाल उठाने लगे. इसी बीच जीतनराम मांझी का बयान सामने आया, जिसने इन अफवाहों को और हवा दे दी.
मांझी की बधाई और तेजप्रताप की प्रेस कॉन्फ्रेंस
जीतनराम मांझी ने सार्वजनिक तौर पर तेजप्रताप को बेटी के जन्म की बधाई दी. यह बयान आते ही दिनभर सियासी हलचल बनी रही. शाम करीब साढ़े आठ बजे तेजप्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि न तो अनुष्का यादव से उनका कोई रिश्ता है और न ही बेटी होने की बात में कोई सच्चाई है.
सोशल मीडिया हैकिंग और साजिश का आरोप
तेजप्रताप यादव ने दावा किया कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया था और उन्हीं तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई. उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करना चाहते हैं. उनका कहना था कि यह सब उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है.
पहली बार लिए ‘जयचंदों’ के नाम
इस पूरे विवाद में तेजप्रताप ने पहली बार उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक किए, जिन्हें वे लंबे समय से ‘जयचंद’ कहते आ रहे हैं. उन्होंने मुकेश रोशन, संजय यादव, शक्ति सिंह यादव, सुनील सिंह, रमीज और आकाश भाटी पर गंभीर आरोप लगाए. तेजप्रताप के मुताबिक ये लोग उन्हें परिवार और पार्टी से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं और लगातार उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं.
मानसिक दबाव, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजप्रताप भावुक भी नजर आए. उन्होंने कहा कि इन अफवाहों और आरोपों की वजह से वे मानसिक रूप से टूट गए थे और डिप्रेशन तक में चले गए. हालात इतने बिगड़ गए थे कि उनके मन में आत्महत्या जैसे ख्याल भी आए. उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं, उनके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे और कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
पिता लालू यादव का जिक्र और राजनीतिक संकेत
तेजप्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया, वैसा ही कुछ उनके साथ भी किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि वे जानते हैं कि बच्चे का असली पिता कौन है, लेकिन जानबूझकर उनका नाम घसीटा जा रहा है ताकि उन्हें परेशान किया जा सके.
नई राजनीतिक सक्रियता से जुड़े मायने
तेजप्रताप ने इस विवाद को अपनी हालिया राजनीतिक गतिविधियों से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर आयोजित उनके बड़े भोज और संभावित नई राजनीतिक राह से कुछ लोग असहज हो गए हैं. उनका मानना है कि इसी डर के कारण उन्हें फिर से निशाना बनाया जा रहा है. फिलहाल, जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह विवाद बिहार की राजनीति में लंबे समय तक गूंजने के संकेत दे रहा है.
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