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बिहार से मिली सीख, यूपी में अखिलेश का बड़ा दांव, सरकार बनी तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, December 11, 2025
Last Updated On: Thursday, December 11, 2025
बिहार चुनाव के नतीजों ने यूपी की राजनीति में नई गर्मी ला दी है. महिलाओं की निर्णायक शक्ति को समझते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा दांव खेल दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि 2027 में समाजवादी सरकार बनते ही यूपी की हर गरीब महिला को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. बिहार की सीख और यूपी की उम्मीद दोनों को जोड़ता यह वादा चुनावी माहौल में नई हलचल पैदा कर रहा है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, December 11, 2025
Akhilesh Big Bet in UP: 2027 का यूपी चुनाव भले अभी दूर हो, लेकिन सियासत का तापमान अभी से चढ़ गया है. बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार और महिलाओं की निर्णायक भूमिका ने कई नेताओं को अपनी रणनीतियां बदलने पर मजबूर कर दिया है. इन्हीं में सबसे बड़ा कदम समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का सामने आया है, जिन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसा आर्थिक ऐलान किया है, जिसने पूरे राज्य में चर्चा का तूफ़ान खड़ा कर दिया है.
अखिलेश का बड़ा ऐलान – साल में 40 हजार रुपये
एक इंटरव्यू और जनसभा में अखिलेश यादव ने साफ कहा कि अगर 2027 में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो हर गरीब महिला को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने यह ऐलान बिहार चुनाव में सुनी गई बातों से जोड़ते हुए कहा कि जब 10 हजार रुपये देने का वादा किसी राज्य में चुनावी हवा बदल सकता है, तो यूपी की महिलाओं को 40 हजार रुपये क्यों नहीं मिल सकते?
बिहार चुनाव से मिली प्रेरणा: महिलाओं को 10 हजार की चर्चा ने बदला समीकरण
अखिलेश यादव ने खुलकर कहा कि बिहार चुनाव परिणामों में महिलाओं की भूमिका अहम रही. उन्होंने सुना कि महिलाओं को 10 हजार देने का वादा लोगों में खूब चर्चा में था, और बहुत-सी महिलाएं उस रकम का इंतज़ार कर रही थीं. इसी से सीख लेते हुए सपा ने यूपी में इससे चार गुना बड़ा ऑफर देने की रणनीति बनायी है.
सपा की पुरानी योजनाओं से नई पॉलिसी की शुरुआत
अखिलेश ने याद दिलाया कि जब सपा सरकार थी, तब समाजवादी पेंशन के तहत महिलाओं को 500 रुपये महीने दिए जाते थे. अगले चुनाव में इसे 1000 रुपये करने की तैयारी थी, और लोकसभा चुनाव में 2500 रुपये देने का प्रस्ताव भी सपा ने रखा था. उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहयोग महिलाओं को सिर्फ राहत नहीं देता, बल्कि उनके छोटे-छोटे खर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य और घर की ज़रूरतों में भी मदद करता है.
40 हजार कैसे? अखिलेश ने पूरा हिसाब समझाया
अखिलेश यादव ने विस्तृत गणना करते हुए बताया कि जब महिलाओं को 500 रुपये मिलते थे, और बाद में उन्हें वो लाभ नहीं मिला, तो सालाना लगभग 3 हजार रुपये का नुकसान उन्हें हुआ. 12 महीनों में यह रकम 36 हजार बनती है. इसके साथ 4 हजार रुपये ब्याज जोड़कर कुल 40 हजार का आंकड़ा तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि यह पैसा सिर्फ वादा नहीं होगा, बल्कि महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की दिशा में बड़ा कदम होगा.
बीजेपी पर सीधा वार
अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनावों में बड़े-बड़े वादे किए थे कि लाखों की योजनाओं की घोषणा की थी लेकिन आज भी लोग पूछ रहे हैं कि वो पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि अगर 10 हजार के वादे से कोई चुनाव जीत सकता है, तो सपा 40 हजार देकर महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना चाहती है.
फंडिंग का तरीका भी बताया “उद्योगपतियों से ही लेंगे उधार”
जब उनसे पूछा गया कि महिलाओं को 40 हजार देने के लिए पैसा आएगा कहां से, तो उन्होंने कहा कि देश के बड़े उद्योगपतियों पर करोड़ों-अरबों का कर्ज है, जिसे लेकर वे आगे बढ़ते हैं. अखिलेश ने कहा कि “जब दुनिया के पैसे से हमारे उद्योगपति बड़े बन सकते हैं, तो समाजवादी सरकार गरीब माताओं-बहनों की मदद के लिए उसी मॉडल को क्यों न अपनाए?” उनका संदेश साफ था कि उद्योगपतियों पर सख्ती और गरीबों के लिए राहत.
बिहार की सीख से यूपी की नई सियासी दिशा
अखिलेश यादव का यह 40 हजार वाला ऐलान न सिर्फ चुनावी घोषणा है, बल्कि यूपी की महिलाओं को सीधे केंद्र में लाने वाली नई राजनीतिक सोच भी है. बिहार में महिलाओं की भूमिका ने अखिलेश को यह समझा दिया कि अब चुनाव सिर्फ जाति या नारों से नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और भरोसे से जीते जाते हैं. अब देखना यह है कि 2027 में यह 40 हजार का कार्ड यूपी की राजनीति में कितना बड़ा गेम-चेंजर साबित होता है.
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