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सीएम योगी ने दिए ये नए निर्देश: यूपी में आधार बनवाना अब और भी आसान, जानिए कैसे
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, October 15, 2025
Last Updated On: Wednesday, October 15, 2025
उत्तर प्रदेश में आधार कार्ड बनवाना और बायोमैट्रिक अपडेट करवाना अब और आसान होने वाला है. यूपी के हर ग्राम पंचायत सचिवालय में अब आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे. लोग गांव में ही नया आधार बनवा सकेंगे, पुराने में सुधार कर सकेंगे और बायोमैट्रिक अपडेट भी कर पाएंगे. इससे ग्रामीणों का समय और पैसा बचेगा. सीएम योगी ने कहा कि यह कदम पंचायतों की आत्मनिर्भरता, डिजिटल पारदर्शिता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देगा. महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र इस सुविधा से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, October 15, 2025
UP Aadhaar Update 2025: उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब राज्य के 75 जिलों में आधार कार्ड बनवाना और बायोमैट्रिक अपडेट करवाना पहले से कहीं आसान हो जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पंचायत सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं. इससे न सिर्फ ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी बल्कि पंचायतों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलेगा. सीएम ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, तकनीक आधारित पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तालाबों के संरक्षण पर भी जोर दिया है.
गांव में ही डिजिटल सुविधा
पहले ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए शहर या तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था. यह सफर कई बार 20-30 किलोमीटर लंबा होता था, जिससे समय और पैसे की बर्बादी होती थी. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र खोलने का आदेश दिया है. इन केंद्रों पर लोग नया आधार बनवा सकेंगे, पुराने में सुधार कर सकेंगे और बायोमैट्रिक अपडेट भी करवा पाएंगे. बच्चों के बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध होगी. यह बदलाव ग्रामीणों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम साबित होगा.
पंचायतें होंगी आधुनिक और पारदर्शी
लखनऊ में हुई पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने स्पष्ट कहा कि पंचायतें अब केवल प्रशासनिक इकाई नहीं रहेंगी, बल्कि ग्रामीण विकास की आत्मा बनेंगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं. उनका मानना है कि जब तक तकनीक गांव तक नहीं पहुंचेगी, तब तक ग्रामीण विकास अधूरा रहेगा.
ऑनलाइन टैक्स वसूली और डिजिटल व्यवस्था
सीएम ने पंचायतों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया. स्थानीय कर और उपयोगकर्ता शुल्क की वसूली अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी. इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और आम नागरिक डिजिटल भुगतान के माध्यम से आसानी से भुगतान कर पाएंगे. पंचायतों को अपने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए नई योजनाओं और नवाचारों पर काम करने की भी हिदायत दी गई है. यह कदम पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा.
हर जिले में इंजीनियर और आर्किटेक्ट की तैनाती
योगी आदित्यनाथ ने जिला पंचायतों में सिविल इंजीनियर और आर्किटेक्ट की तैनाती का आदेश भी दिया. इसका उद्देश्य गांवों में भवन मानचित्र स्वीकृति और निर्माण कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति से निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा और सरकारी व निजी निर्माण की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी.
तालाबों का सूचीकरण और जल संरक्षण
सीएम ने पंचायतों को निर्देश दिया कि राज्य भर में तालाबों की सूचीकरण प्रक्रिया पूरी की जाए और इनसे प्राप्त आय का उपयोग केवल ग्रामीण कल्याण, जल संरक्षण और हर घर नल योजना में किया जाए. उनका कहना है कि तालाब गांव की जीवनरेखा हैं. जहां तालाब हैं, वहां पानी, हरियाली और समृद्धि तीनों मिलती हैं.
तकनीक से बदलेंगी ग्राम पंचायतों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत तकनीक आधारित शासन का उदाहरण बनेगी. पंचायतों में डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन भुगतान, टैक्स वसूली और सेवा वितरण पूरी तरह पारदर्शी होंगे. हर पंचायत एक मिनी गवर्नेंस सेंटर की तरह कार्य करेगी, जहां जनता को सुविधाएं मिलेंगी और सरकार की योजनाओं पर निगरानी भी होगी.
सेवा, स्वच्छता और स्वाभिमान – नया पंचायत मॉडल
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ भारत मिशन को जोड़ते हुए कहा कि पंचायतों को सेवा, स्वच्छता और स्वाभिमान का केंद्र बनाना होगा. स्वच्छ, डिजिटल और आत्मनिर्भर गांव ही असली ग्रामीण क्रांति के प्रतीक होंगे. हर पंचायत को एक मॉडल पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा, जहां सेवा भाव, पारदर्शिता और तकनीक का संतुलन हो.
जनता की प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान रीता सिंह का कहना है कि अब आधार कार्ड बनवाने के लिए किसी शहर में भटकना नहीं पड़ेगा. महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र इस बदलाव से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे. वहीं पंचायत सचिव संजय यादव कहते हैं कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि पंचायत की आत्मनिर्भरता का रास्ता है. जो पंचायत खुद कमाएगी, वही अपने गांव के विकास में निवेश करेगी.
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