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क्या राजनीति की पिच पर उतरेंगे शमी? जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद अमरोहा में हलचल
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, September 21, 2026
Last Updated On: Monday, September 21, 2026
जयंत चौधरी से मोहम्मद शमी की मुलाकात के बाद अमरोहा में सियासी हलचल तेज हो गई है. क्या क्रिकेट के बाद शमी राजनीति की पिच पर उतरने की तैयारी में हैं?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Monday, September 21, 2026
Shami Politics: रविवार को दिल्ली से आई एक तस्वीर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी. तस्वीर में भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के साथ हैं. मुलाकात की यह तस्वीर जयंत चौधरी ने खुद सोशल मीडिया पर डाली. इसके बाद से दिल्ली से लेकर अमरोहा तक एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या शमी अब सियासी पिच पर उतरने की तैयारी में हैं.
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बातें पहले से चल रही थीं
यह चर्चा एकदम अचानक नहीं उठी. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य के राजनीति में आने की बातें हो रही थीं. रविवार की मुलाकात ने इन बातों को और हवा दे दी. जयंत चौधरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में है, इसीलिए इस मुलाकात को चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है.
कौन सी सीट, कौन सा नाम
चर्चा अमरोहा सदर सीट की है, जो जिला प्रशासन की सूची में अमरोहा विधानसभा क्षेत्र के नाम से दर्ज है. शमी इसी सदर तहसील के सहसपुर अलीनगर गांव के रहने वाले हैं. स्थानीय राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि 2027 के चुनाव में अगर भाजपा-रालोद गठबंधन के तहत यह सीट रालोद को मिलती है, तो शमी या उनके बड़े भाई हसीब अहमद को उम्मीदवार बनाया जा सकता है. यानी चर्चा में नाम सिर्फ शमी का नहीं, उनके भाई का भी है.
सीट का पुराना हिसाब
अमरोहा जिले में चार विधानसभा सीटें हैं: धनौरा, नौगावां सादात, अमरोहा और हसनपुर. 2022 के चुनाव से पहले एक दशक से ज्यादा समय से अमरोहा सीट सपा के पास थी और नतीजे में भी जीत सपा के महबूब अली को मिली. 2017 में उन्होंने बसपा के नौशाद अली को 15,042 वोटों से हराया था, जबकि भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी. यहां मुख्य मुकाबला अब तक सपा और बसपा के बीच रहा है.
अभी क्या पक्का है
सबसे जरूरी बात यह है कि अभी तक शमी या रालोद की ओर से चुनाव लड़ने या पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. कई रिपोर्टों में इसे फिलहाल अटकल और अफवाह ही बताया गया है. पक्की जानकारी बस इतनी है कि दोनों की मुलाकात हुई और उसकी तस्वीर सार्वजनिक हुई. मुलाकात में क्या बात हुई, इसकी जानकारी रिपोर्टों में नहीं है.
मैदान बदलेगा, पहचान वही रहेगी
शमी की असली पहचान क्रिकेट से है. 2023 के वनडे विश्व कप में वे टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. अपने इलाके में उनकी अलग पहचान है, और ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक किसी दल या गठबंधन ने उन्हें उतारा, तो अमरोहा की राजनीति में यह बिल्कुल नया चेहरा होगा. राजनीति में इस तरह की लोकप्रियता अक्सर काम आती है, पर वोट में बदलती है या नहीं, यह चुनावी मैदान में ही तय होता है.
आगे क्या
चुनाव 2027 में होने हैं, यानी उम्मीदवारों के नाम तय होने में अभी वक्त है. गठबंधन में सीटों का बंटवारा और उम्मीदवारों की घोषणा आमतौर पर चुनाव के करीब आकर होती है. तब तक अटकलों का दौर चलता रहेगा. अगर शमी या उनके परिवार से कोई सचमुच मैदान में आता है, तो अमरोहा सीट पर सबकी नजर रहेगी. फिलहाल इंतजार आधिकारिक घोषणा का है.
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