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Dharmendra Kashyap की ‘टाटा-बाय-बाय’ पोस्ट से हलचल, BJP से दूरी या कुछ और?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, October 12, 2026
Last Updated On: Monday, October 12, 2026
धर्मेंद्र कश्यप की ‘टाटा-बाय-बाय’ पोस्ट ने यूपी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं आने और अखिलेश यादव से मुलाकातों के बीच उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर कयास तेज हैं. क्या है पूरा मामला?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Monday, October 12, 2026
Dharmendra Kashyap News: धर्मेंद्र कश्यप 2014 और 2019 में आंवला लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद उनका नाम भी चर्चा में था, लेकिन घोषित सूची में उन्हें जगह नहीं मिली. इसी बीच उनकी ‘टाटा-बाय-बाय’ वाली पोस्ट सामने आई थी.
पहले से लगाए जा रहे थे कयास
इसके अलावा, हाल के दिनों में धर्मेंद्र कश्यप (Dharmendra Kashyap) की सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकातें भी चर्चा में रही थीं. उनकी पोस्ट के बाद इन मुलाकातों को लेकर भी राजनीतिक कयास लगाए जा रहे थे. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे बीजेपी से दूरी बनाने का संकेत माना था, जबकि सपा समर्थकों की ओर से ‘वेलकम सांसद जी’ जैसे कमेंट भी सामने आए थे.
हालांकि, उस समय धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी छोड़ने या सपा में जाने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया था, लेकिन घोषित सूची में उन्हें जगह नहीं मिली. इसी बीच उनकी ‘टाटा-बाय-बाय’(Tata Bye Bye Post) वाली पोस्ट सामने आई थी.
111 विधायकों-सांसदों ने पार्टी बदली
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2022 से 2026 के बीच विभिन्न राज्यों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने दल-बदल किया. इसमें पार्टी के चुनाव चिह्न, विचारधारा और मतदाताओं के जनादेश के साथ विश्वासघात के सवाल उठते हैं. चुनाव के समय एक दल के टिकट पर जीतने वाले प्रतिनिधि बाद में दूसरे दल में शामिल हो जाते हैं, जिससे मतदाताओं के फैसले का महत्व कम होता है.
2027 के विधानसभा चुनाव(Uttar Pradesh Assembly Election 2027) से पहले उत्तर प्रदेश में दल-बदल की गतिविधियां तेज दिखाई दे रही हैं. 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक की खबरों में सपा, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कई प्रमुख नेताओं के राजनीतिक पाला बदलने की पुष्टि मिलती है.
कौन कहां गया
- सपा में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे: हेमराज वर्मा, रामशिरोमणि शुक्ला, राम आसरे कुशवाहा, मयंक द्विवेदी, संजयन त्रिपाठी और धर्मेंद्र कश्यप.
- कांग्रेस की ओर जाने वाले प्रमुख चेहरे: अमीर आलम खान, नवाजिश आलम खान और इजहारुल हक.
- इसके अतिरिक्त 29 अगस्त और 17 सितंबर को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों और दूसरे दलों के कई पदाधिकारियों ने भी सपा की सदस्यता ली.
उत्तर प्रदेश के 2022 विधानसभा चुनाव(Assembly Election) से पहले करीब तीन दर्जन प्रमुख विधायकों और मंत्रियों ने दल-बदल किया था, जिसमें स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान समेत BJP के लगभग 14-15 विधायक व मंत्री तथा BSP व कांग्रेस के दर्जनों नेता मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हुए थे. इस दल-बदल की मुख्य वजह चुनाव से ठीक पहले टिकट कटने की आशंका, सत्ता-विरोधी लहर (एंटी-इनकंबेंसी) से बचना, ओबीसी-दलित सामाजिक समीकरणों का लाभ उठाना और राजनीतिक अवसरवादिता थी. Written By: Rajiv Mandal
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