Mamata Banerjee Protest Rally: दिल्ली के बाद अब कोलकाता में TMC का दंगल, ED की रेड और बवाल की शुरुआत

Authored By: Nishant Singh

Published On: Friday, January 9, 2026

Last Updated On: Friday, January 9, 2026

कोलकाता में ED की रेड के बाद TMC का जोरदार प्रदर्शन, Mamata Banerjee Protest Rally के जरिए केंद्र सरकार पर हमला.
कोलकाता में ED की रेड के बाद TMC का जोरदार प्रदर्शन, Mamata Banerjee Protest Rally के जरिए केंद्र सरकार पर हमला.

Mamata Banerjee Protest Rally: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति चरम पर पहुंच गई है. कोलकाता में I-PAC दफ्तर पर ED की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतर आईं. दिल्ली से लेकर कोलकाता तक TMC का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. एक ओर अदालत में सुनवाई चल रही है, तो दूसरी ओर सियासी आरोप-प्रत्यारोप ने पूरे मामले को बड़ा राजनीतिक संघर्ष बना दिया है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Friday, January 9, 2026

Mamata Banerjee Protest Rally: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा भी तेज़ी से चढ़ता जा रहा है. राजधानी कोलकाता से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक सियासत पूरी तरह गरमा चुकी है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की एक छापेमारी ने बंगाल की राजनीति को उबाल पर ला दिया है. तृणमूल कांग्रेस इसे सीधा राजनीतिक हमला बता रही है, जबकि केंद्र सरकार और जांच एजेंसी अपने कदम को कानून के दायरे में बता रही है. इसी टकराव ने अब सड़कों, थानों और अदालतों तक का रास्ता पकड़ लिया है.

I-PAC दफ्तर पर ED की रेड और बवाल की शुरुआत

गुरुवार को कोलकाता स्थित I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के दफ्तर पर ED की छापेमारी ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी. I-PAC वही संस्था है जो तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति, आईटी और मीडिया मैनेजमेंट का काम देखती है. जैसे ही रेड की खबर सामने आई, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं. उनकी मौजूदगी ने मामले को सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे सीधा राजनीतिक टकराव बना दिया.

ममता बनर्जी का पलटवार: “यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई को चुनाव से पहले डराने और दबाने की कोशिश बताया. उनका कहना है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को कुचलने के लिए कर रही है. ममता ने साफ कहा कि बंगाल न पहले झुका है और न अब झुकेगा. उन्होंने ऐलान किया कि इस कार्रवाई के खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी.

ED का जवाब: जांच में बाधा डालने का आरोप

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने भी पलटवार किया है. ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि यह छापेमारी ‘बंगाल कोयला खनन घोटाले’ से जुड़ी थी. एजेंसी का आरोप है कि छापे के दौरान जांच अधिकारियों को गलत तरीके से रोका गया, डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज जबरन छीन लिए गए और सरकारी कामकाज में खुला हस्तक्षेप हुआ. ED ने इसे असंवैधानिक और कानून का उल्लंघन बताया है.

कोर्ट में आमने-सामने TMC और ED

मामला अब अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है. तृणमूल कांग्रेस ने कोर्ट में याचिका दायर कर ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि ED को तुरंत सभी जब्त किए गए गोपनीय दस्तावेज वापस करने चाहिए. वहीं ED ने बंगाल पुलिस पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. कोर्ट में अब यह तय होगा कि जांच एजेंसी की सीमा कहां तक है और राजनीतिक हस्तक्षेप कहां से शुरू होता है.

ED के खिलाफ दो FIR, ममता ने खुद दर्ज कराई शिकायत

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद ED के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गईं. पहली FIR में चोरी, आपराधिक घुसपैठ और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. दूसरी FIR पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज की, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को काम से रोकने और अवैध हिरासत के आरोप शामिल हैं.

दिल्ली तक पहुंचा विरोध, TMC सांसद हिरासत में

कोलकाता में बवाल मचने के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस का विरोध दिल्ली तक जा पहुंचा. गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर TMC सांसदों ने प्रदर्शन किया. डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, कीर्ति आज़ाद समेत कई सांसद धरने पर बैठे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. कुछ देर बाद उन्हें छोड़ा भी गया, लेकिन संदेश साफ था- TMC इस लड़ाई को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में जुट गई है.

अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार पर करारा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र को सज़ा दी जा रही है और अपराधियों को इनाम दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों को हथियार बनाकर विपक्ष को डराया जा रहा है. अभिषेक ने साफ कहा कि चाहे जितना दबाव बनाया जाए, बंगाल विरोध करेगा और अंत में जीत भी उसी की होगी.

कांग्रेस का समर्थन और केंद्र पर सवाल

ED की छापेमारी को लेकर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि I-PAC पिछले दस वर्षों से बंगाल में काम कर रही है, फिर चुनाव से ठीक पहले ही रेड क्यों? कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

कोलकाता की सड़कों पर TMC का हल्लाबोल

दिल्ली के बाद अब कोलकाता में भी TMC ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और ED के खिलाफ नारेबाजी की. ममता बनर्जी खुद विरोध मार्च का नेतृत्व कर रही हैं. यह साफ संकेत है कि TMC इस मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है.

चुनावी रणनीति या लोकतांत्रिक संघर्ष?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक जांच या रेड का मामला नहीं रह गया है. यह सीधा-सीधा चुनावी रणनीति और लोकतांत्रिक संघर्ष का रूप ले चुका है. एक तरफ केंद्र सरकार है, दूसरी तरफ बंगाल की सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री, और बीच में जनता. सवाल यही है कि इस टकराव का फायदा किसे मिलेगा और नुकसान किसे.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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