TB Surveillance System: टीबी पर एआई का वार, ढूंढा रोकने का तरीका, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, November 19, 2025
Updated On: Wednesday, November 19, 2025
TB Surveillance System: टीबी अभी भी दुनिया में लाखों लोगों की जान ले रही है, लेकिन अब तस्वीर बदल सकती है। मेडिकल टेक्नोलॉजी में एआई की एंट्री ने इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ लड़ाई को और तेज कर दिया है। नया सिस्टम CAD4TB+ न सिर्फ टीबी की पहचान करता है, बल्कि भविष्य में बीमारी कहां बढ़ेगी, इसका भी अंदाज़ा लगा लेता है। यह तकनीक कई देशों में असर दिखा चुकी है। जानिए, यह सिस्टम कैसे काम करता है और कैसे घटेंगे मौत के आंकड़े!
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, November 19, 2025
TB Surveillance System: टीबी यानी ट्यूबरक्लोसिस, आज भी दुनिया की सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में से एक है. हर साल लाखों लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि बीमारी का पता समय पर नहीं चल पाता. लेकिन अब मेडिकल टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया मोड़ आया है – AI आधारित TB Surveillance System, जिसने टीबी को रोकने की लड़ाई में उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है। इस सिस्टम से न सिर्फ पहचान तेज होगी, बल्कि मरीजों पर मौत का खतरा भी कम हो सकता है.
टीबी पहचान की बड़ी समस्या
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2024 में लगभग 1 करोड़ 7 लाख लोग टीबी से संक्रमित हुए, और इनमें से 12 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि करीब 24 लाख मरीज ऐसे थे जिनकी पहचान ही नहीं हो पाई. जब मरीज पहचान में नहीं आते, तब बीमारी चुपचाप फैलती रहती है और सबसे ज्यादा नुकसान दूर-दराज़, कमज़ोर और गरीब समुदायों को होता है। आज भी कई देशों में टीबी की जांच और स्क्रीनिंग की व्यवस्था बेहद कमजोर है. इसी चुनौती ने नई तकनीक के प्रवेश का रास्ता खोला.
CAD4TB+: एआई से पहचान, निगरानी और रोकथाम
दुनिया में फेफड़ों की बीमारियों पर होने वाले सालाना सम्मेलन में Delft Imaging और Epcon ने मिलकर एक इंटेलिजेंट सिस्टम लॉन्च किया है – CAD4TB+। यह सिस्टम न सिर्फ टीबी की पहचान करता है बल्कि एक साथ डेटा एनालिसिस, हॉटस्पॉट ट्रैकिंग और भविष्य के संक्रमण की भविष्यवाणी भी करता है.
यह पहली बार हो रहा है कि इतनी सारी सुविधाएँ एक ही प्लेटफॉर्म में मिल रही हैं. हेल्थ टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिस्टम टीबी नियंत्रण की रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.
विशेषज्ञों की राय
Delft Imaging के CEO गुइडो गीर्ट्स के अनुसार, टीबी की समय पर पहचान सबसे अहम कदम है, खासकर उन इलाकों में जहाँ मेडिकल सुविधा पहुंचाना मुश्किल होता है. उनका कहना है कि अब तक CAD4TB की मदद से 5.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, और अब अपडेटेड सिस्टम CAD4TB+ इससे भी तेज, सटीक और व्यापक होगा.
Epcon की CEO कैरोलाइन वैन काउवेलर्ट ने बताया कि अब हर एक्स-रे सिर्फ एक व्यक्ति की रिपोर्ट नहीं होगा, बल्कि देश की टीबी स्थिति समझने का एक डेटा पॉइंट बनेगा. यह सिस्टम फील्ड लेवल स्क्रीनिंग को सीधे नेशनल हेल्थ प्लानिंग से जोड़ देता है, जिससे इलाज और नियंत्रण की रणनीति और मजबूत होगी.
दुनिया में इस सिस्टम के परिणाम
कई देशों ने इस तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है और इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं.
- नाइजीरिया में इस सिस्टम ने टीबी हॉटस्पॉट्स की पहचान करके पहले से कई गुना ज्यादा मरीजों को पकड़ने में मदद की.
- दक्षिण अफ्रीका में AI की मदद से स्क्रीनिंग की लागत काफी कम हो गई.
- अब यह तकनीक 90 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल हो रही है और इसे 120 से अधिक वैज्ञानिक शोध सपोर्ट कर रहे हैं.
ये परिणाम बताते हैं कि AI आधारित TB Surveillance System सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थ स्ट्रैटेजी है.
नतीजा: मौत घटाने की दिशा में बड़ा कदम
टीबी को खत्म करने का लक्ष्य तब तक अधूरा रहेगा जब तक पहचान तेज, इलाज समय पर और निगरानी मजबूत नहीं होगी. CAD4TB+ जैसे AI सिस्टम इस लड़ाई में नया हथियार हैं, जो डॉक्टरों, सरकारों और स्वास्थ्य संस्थानों को एक साथ जोड़ते हैं और बीमारी के फैलाव पर रियल टाइम कंट्रोल देते हैं.
अगर यह तकनीक दुनिया भर में लागू होती है, तो आने वाले सालों में टीबी से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है और यही इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य है.
यह भी पढ़ें :- Upcoming Cars in November 2025: नवंबर में सड़कों पर छाने वाली हैं ये शानदार नई गाड़ियां!
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।















